अध्याय IV

CrPC Section 40 in Hindi: ग्राम के कार्यकलापों से संबंधित नियोजित अधिकारियों का कतिपय रिपोर्ट करने का कर्तव्य (नियम, सजा और Bare Act PDF)

New Law Update (2024)

धारा 42 बीएनएसएस

TRIAL COURT

Punishment​

प्रक्रियात्मक – विचारण / आरोप

Cognizable?

Bailable?

Compoundable?

Bare Act Text

(1) ग्राम के कार्यकलापों से संबंधित नियोजित प्रत्येक अधिकारी और ग्राम में निवास करने वाला प्रत्येक व्यक्ति ऐसी कोई सूचना जो उसके पास हो, तत्काल निकटतम मजिस्ट्रेट या निकटतम पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी को, जो भी निकटतर हो, देगा, जो निम्नलिखित के संबंध में हो—
(क) ऐसे ग्राम में या उसके निकट चोरी की संपत्ति के किसी कुख्यात प्राप्तिकर्ता या विक्रेता का स्थायी या अस्थायी निवास;
(ख) ऐसे ग्राम के भीतर किसी स्थान पर किसी ऐसे व्यक्ति का आना या ऐसे ग्राम में से होकर किसी ऐसे व्यक्ति का निकलना जिसे वह ठग, लुटेरा, भागा हुआ सिद्धदोष या उद्घोषित अपराधी जानता है, या ऐसी युक्तियुक्त रूप से शंका करता है;
(ग) ऐसे ग्राम में या उसके निकट किसी अजमानतीय अपराध का, या भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 143, धारा 144, धारा 145, धारा 147 या धारा 148 के अधीन दंडनीय किसी अपराध का किया जाना या करने का आशय;
(घ) ऐसे ग्राम में या उसके निकट किसी आकस्मिक या अप्राकृतिक मृत्यु का, या किसी ऐसी मृत्यु का होना जो संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हो, या ऐसे ग्राम में या उसके निकट किसी शव या शव के भाग का पाया जाना, ऐसी परिस्थितियों में जिससे यह युक्तियुक्त संदेह उत्पन्न हो कि ऐसी मृत्यु हुई है, या ऐसे ग्राम से किसी व्यक्ति का ऐसी परिस्थितियों में गायब होना जिससे यह युक्तियुक्त संदेह उत्पन्न हो कि उस व्यक्ति के संबंध में अजमानतीय अपराध किया गया है;
(ङ) ऐसे ग्राम के निकट भारत से बाहर किसी स्थान पर किसी ऐसे कार्य का किया जाना या करने का आशय जो यदि भारत में किया जाता तो भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की निम्नलिखित धाराओं में से किसी के अधीन, अर्थात् धारा 231 से 238 तक (दोनों सहित), धारा 302, 304, 382, 392 से 399 तक (दोनों सहित), 402, 435, 436, 449, 457 से 460 तक (दोनों सहित), धारा 489क, 489ख, 489ग और 489घ के अधीन दंडनीय अपराध होता;
(च) कोई ऐसा विषय जिससे व्यवस्था बनाए रखने या अपराध के निवारण या व्यक्ति या संपत्ति की सुरक्षा पर प्रभाव पड़ने की संभावना है, जिसके संबंध में जिला मजिस्ट्रेट ने राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी से दिए गए साधारण या विशेष आदेश द्वारा उसे सूचना देने का निदेश दिया है।
(2) इस धारा में,—
(क) “ग्राम” के अंतर्गत ग्राम-भूमि आती है;
(ख) “उद्घोषित अपराधी” पद के अंतर्गत भारत के ऐसे किसी राज्यक्षेत्र में किसी न्यायालय या प्राधिकारी द्वारा उद्घोषित अपराधी के रूप में कोई ऐसा व्यक्ति आता है जिसको यह संहिता विस्तारित नहीं है, ऐसे किसी कार्य के संबंध में, जो उन राज्यक्षेत्रों में किए जाने पर, जिनको यह संहिता विस्तारित है, अपराध होता।

Important Sub-Sections Explained

धारा 40(1)

यह महत्वपूर्ण उपधारा ग्राम के कार्यकलापों से संबंधित अधिकारियों और ग्राम निवासियों की प्राथमिक जिम्मेदारी निर्धारित करती है कि वे कुख्यात अपराधियों, अजमानतीय अपराधों, संदिग्ध मृत्युओं और लोक व्यवस्था के लिए अन्य खतरों जैसी विशिष्ट प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारी को तत्काल निकटतम मजिस्ट्रेट या पुलिस स्टेशन को रिपोर्ट करें।

धारा 40(2)

यह उपधारा आवश्यक है क्योंकि यह धारा में प्रयुक्त प्रमुख शब्दों को परिभाषित करती है, यह स्पष्ट करती है कि ‘ग्राम’ में ‘ग्राम-भूमि’ शामिल है और ‘उद्घोषित अपराधी’ की एक व्यापक परिभाषा प्रदान करती है, जो रिपोर्टिंग कर्तव्यों के दायरे को निर्धारित करने में मदद करती है।

Landmark Judgements

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