अध्याय XXXVI
CrPC Section 477 in Hindi: उच्च न्यायालय की नियम बनाने की शक्ति
New Law Update (2024)
धारा 524 बी.एन.एस.एस.
TRIAL COURT
Punishment
प्रक्रियात्मक / प्रशासनिक
Cognizable?
Bailable?
Compoundable?
Bare Act Text
(1) प्रत्येक उच्च न्यायालय, राज्य सरकार के पूर्व अनुमोदन से, नियम बना सकेगा,—
(क) जो व्यक्ति अपने अधीनस्थ दंड न्यायालयों में अर्जीनवीस के रूप में कार्य करने के लिए अनुज्ञात किए जा सकेंगे, उनके बारे में;
(ख) ऐसे व्यक्तियों को अनुज्ञप्तियां दिए जाने, उनके द्वारा कारोबार करने और उनके द्वारा प्रभारित की जाने वाली फीसों की तालिका को विनियमित करने के बारे में;
(ग) इस प्रकार बनाए गए किन्हीं नियमों के उल्लंघन के लिए शास्ति का उपबंध करने और उस प्राधिकारी का अवधारण करने के बारे में, जिसके द्वारा ऐसे उल्लंघन का अन्वेषण किया जा सकेगा और शास्तियां अधिरोपित की जा सकेंगी;
(घ) किसी अन्य विषय के बारे में, जिसका विहित किया जाना अपेक्षित है या किया जा सकता है।
(2) इस धारा के अधीन बनाए गए सभी नियम शासकीय राजपत्र में प्रकाशित किए जाएंगे।
Important Sub-Sections Explained
धारा 477(1)
यह उप-धारा प्रत्येक उच्च न्यायालय को, राज्य सरकार के अनुमोदन से, अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आपराधिक न्यायालयों के लिए नियम बनाने का अधिकार देती है। ये नियम उन पहलुओं को कवर करते हैं जैसे कि अर्जीनवीस कौन हो सकता है, उनके लाइसेंस कैसे जारी किए जाते हैं, वे अपना कारोबार कैसे करते हैं, और वे क्या फीस ले सकते हैं, जिसमें नियम उल्लंघनों के लिए शास्तियां भी शामिल हैं।
धारा 477(2)
यह उप-धारा अनिवार्य करती है कि धारा 477 के तहत बनाए गए सभी नियम शासकीय राजपत्र में आधिकारिक तौर पर प्रकाशित किए जाएं, जिससे सार्वजनिक जागरूकता और कानूनी वैधता सुनिश्चित हो सके।