अध्याय I

CrPC Section 5 in Hindi: व्यावृत्ति (नियम, सजा और Bare Act PDF)

New Law Update (2024)

बीएनएसएस की धारा 2

TRIAL COURT

Punishment​

निरसन / व्यावृत्ति

Cognizable?

Bailable?

Compoundable?

Bare Act Text

जब तक कि तत्प्रतिकूल कोई विनिर्दिष्ट उपबंध न हो, इस संहिता में अंतर्विष्ट कोई बात तत्समय प्रवृत्त किसी विशेष या स्थानीय विधि पर, अथवा तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि द्वारा प्रदत्त किसी विशेष अधिकारिता या शक्ति पर, अथवा विहित प्रक्रिया के किसी विशेष प्ररूप पर, प्रभाव नहीं डालेगी।

Important Sub-Sections Explained

Landmark Judgements

के. सतवंत सिंह बनाम पंजाब राज्य (1960):

उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जहां कोई विशेष या स्थानीय विधि कोई विशिष्ट प्रक्रिया निर्धारित नहीं करती है या कुछ शक्तियां प्रदान नहीं करती है, वहां दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधान लागू होंगे, बशर्ते वे विशेष विधि के असंगत न हों। यह दंड प्रक्रिया संहिता की अनुपूरक भूमिका को उजागर करता है।

म.प्र. विशेष पुलिस स्थापना बनाम म.प्र. राज्य (2004):

उच्चतम न्यायालय ने दोहराया कि यदि किसी विशेष अधिनियम में विशिष्ट प्रावधान हैं जो दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के असंगत या प्रतिकूल हैं, तो विशेष अधिनियम के प्रावधान प्रभावी होंगे, जिससे धारा 5 में निहित व्यावृत्ति सिद्धांत की पुष्टि होती है।

प्रवर्तन निदेशालय बनाम दीपक महाजन (1994):

इस मामले में विशेष अधिनियमों पर दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों की प्रयोज्यता पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें कहा गया कि जहां कोई विशेष विधि एक पूर्ण प्रक्रिया प्रदान करती है, वही लागू होगी; हालांकि, यदि कुछ प्रक्रियात्मक पहलुओं पर मौन है, तो दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों को लागू किया जा सकता है, बशर्ते वे विशेष विधि का खंडन न करें।

Draft Format / Application

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