अध्याय 5

CrPC Section 53A in Hindi: बलात्संग के अभियुक्त व्यक्ति का चिकित्सा व्यवसायी द्वारा परीक्षण

New Law Update (2024)

धारा 53 भारतीय न्याय संहिता

TRIAL COURT

Punishment​

प्रक्रियात्मक – विचारण / आरोप

Cognizable?

Bailable?

Compoundable?

Bare Act Text

(1) जब किसी व्यक्ति को बलात्संग या बलात्संग करने के प्रयास के किसी अपराध को करने के आरोप पर गिरफ्तार किया जाता है और यह विश्वास करने के लिए उचित आधार हैं कि उसके शरीर की परीक्षा से ऐसे अपराध के किए जाने के बारे में साक्ष्य मिलेगा, तो सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा चलाए जा रहे अस्पताल में नियोजित किसी रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी के लिए, और जहां अपराध किया गया है, उस स्थान से सोलह किलोमीटर की त्रिज्या के भीतर ऐसे व्यवसायी के अनुपस्थित रहने पर किसी अन्य रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा, जो उपनिरीक्षक की पंक्ति से अनिम्न किसी पुलिस अधिकारी के अनुरोध पर कार्य कर रहा हो, और उसकी सहायता में और उसके निदेशन में सद्भावपूर्वक कार्य करने वाले किसी व्यक्ति के लिए गिरफ्तार व्यक्ति की ऐसी परीक्षा करना और उस प्रयोजन के लिए उचित रूप से आवश्यक ऐसे बल का प्रयोग करना विधिपूर्ण होगा।
(2) ऐसी परीक्षा करने वाला रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी ऐसे व्यक्ति की विलंब के बिना परीक्षा करेगा और अपनी परीक्षा की एक रिपोर्ट निम्नलिखित विशिष्टियों को देते हुए तैयार करेगा, अर्थात्:
(i) अभियुक्त का नाम और पता और उस व्यक्ति का, जिसके द्वारा उसे लाया गया था;
(ii) अभियुक्त की आयु;
(iii) अभियुक्त के शरीर पर क्षति के चिन्ह, यदि कोई हों;
(iv) डी0एन0ए0 प्रोफाइलिंग के लिए अभियुक्त के शरीर से ली गई सामग्री का वर्णन; और
(v) अन्य तात्विक विशिष्टियां उचित विस्तार सहित।
(3) रिपोर्ट में सुस्पष्ट रूप से प्रत्येक निष्कर्ष के लिए कारण बताए जाएंगे जो निकाले गए हैं।
(4) परीक्षा के शुरू होने और पूरा होने का सही समय भी रिपोर्ट में नोट किया जाएगा।
(5) रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी विलंब के बिना रिपोर्ट अन्वेषण अधिकारी को अग्रसारित करेगा, जो उसे धारा 173 में निर्दिष्ट मजिस्ट्रेट को उस धारा की उपधारा (5) के खंड (क) में निर्दिष्ट दस्तावेजों के भाग के रूप में अग्रसारित करेगा।

Important Sub-Sections Explained

धारा 53क(1)

यह उपधारा यह बताती है कि बलात्संग के अभियुक्त व्यक्ति की चिकित्सा परीक्षा करने के लिए कौन अधिकृत है, किन शर्तों के तहत इसे किया जा सकता है, और परीक्षा के प्रयोजन के लिए उचित बल का प्रयोग करने की स्वीकार्यता क्या है।

धारा 53क(2)

यह महत्वपूर्ण उपधारा उन विशिष्ट विवरणों को स्पष्ट करती है जिन्हें व्यवसायी द्वारा तैयार की गई चिकित्सा रिपोर्ट में शामिल किया जाना चाहिए, जिससे साक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण डी0एन0ए0 प्रोफाइलिंग के विवरण सहित निष्कर्षों का व्यापक दस्तावेजीकरण सुनिश्चित हो।

Landmark Judgements

हरियाणा राज्य बनाम जगबीर सिंह और अन्य (2009):

उच्चतम न्यायालय ने यौन उत्पीड़न के मामलों में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 53क के तहत चिकित्सा परीक्षण और डी0एन0ए0 नमूनों सहित फोरेंसिक साक्ष्य के संग्रह की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इसने इस बात पर जोर दिया कि एक निष्पक्ष विचारण के लिए और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए त्वरित और उचित अन्वेषण, जिसमें वैज्ञानिक तरीके भी शामिल हैं, आवश्यक है।

सुरेश बनाम हरियाणा राज्य (2014):

उच्चतम न्यायालय ने बलात्संग के आरोपों को साबित करने में डी0एन0ए0 साक्ष्य के महत्व को दोहराया और अभियोजन के लिए पुख्ता साक्ष्य सुनिश्चित करने हेतु दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 53क द्वारा निर्धारित अनुसार उचित नमूने एकत्र करने और गहन चिकित्सा परीक्षण करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Draft Format / Application

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