अध्याय II
CrPC Section 8 in Hindi: महानगर क्षेत्र (नियम, सजा और Bare Act PDF)
New Law Update (2024)
धारा 255 भा.ना.सु.सं.
TRIAL COURT
Punishment
प्रक्रियात्मक – अन्वेषण/जांच
Cognizable?
Bailable?
Compoundable?
Bare Act Text
(1) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, यह घोषित कर सकती है कि अधिसूचना में विनिर्दिष्ट तारीख से, राज्य का कोई ऐसा क्षेत्र, जिसमें ऐसा नगर या शहर सम्मिलित है जिसकी जनसंख्या दस लाख से अधिक है, इस संहिता के प्रयोजनों के लिए महानगर क्षेत्र होगा।
(2) इस संहिता के प्रारंभ से ही, बंबई, कलकत्ता और मद्रास के प्रत्येक प्रेसिडेंसी नगर तथा अहमदाबाद शहर उपधारा (1) के अधीन महानगर क्षेत्र घोषित किए गए समझे जाएंगे।
(3) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, किसी महानगर क्षेत्र की सीमाओं का विस्तार, संक्षेपण या परिवर्तन कर सकती है किंतु ऐसा संक्षेपण या परिवर्तन इस प्रकार नहीं किया जाएगा कि उस क्षेत्र की जनसंख्या दस लाख से कम हो जाए।
(4) जहां, किसी क्षेत्र के महानगर क्षेत्र घोषित किए जाने के पश्चात् या महानगर क्षेत्र घोषित समझा जाने के पश्चात्, उस क्षेत्र की जनसंख्या दस लाख से कम हो जाती है, वहां ऐसा क्षेत्र, उस तारीख से और को जिसे राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, इस निमित्त विनिर्दिष्ट करे, महानगर क्षेत्र नहीं रहेगा; किंतु ऐसे न रहने पर भी, ऐसे न रहने के ठीक पहले उस क्षेत्र में किसी न्यायालय या मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित कोई जांच, विचारण या अपील इस संहिता के अधीन ऐसे निपटाए जाते रहेंगे मानो ऐसा न रहना हुआ ही न हो।
(5) जहां राज्य सरकार, उपधारा (3) के अधीन, किसी महानगर क्षेत्र की सीमाओं का संक्षेपण या परिवर्तन करती है, वहां ऐसा संक्षेपण या परिवर्तन ऐसे संक्षेपण या परिवर्तन के ठीक पहले किसी न्यायालय या मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित किसी जांच, विचारण या अपील पर प्रभाव नहीं डालेगा और प्रत्येक ऐसी जांच, विचारण या अपील इस संहिता के अधीन ऐसे निपटाए जाते रहेंगे मानो ऐसा संक्षेपण या परिवर्तन हुआ ही न हो।
Important Sub-Sections Explained
धारा 8(1)
यह उपधारा राज्य सरकार को एक आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से दस लाख से अधिक जनसंख्या वाले किसी भी शहर या नगर को ‘महानगर क्षेत्र’ घोषित करने का अधिकार देती है, जिससे संहिता के तहत उसकी विशेष अधिकारिता स्थिति स्थापित होती है।
धारा 8(4)
यह महत्वपूर्ण उपधारा उन परिदृश्यों को संबोधित करती है जहां किसी महानगर क्षेत्र की जनसंख्या दस लाख से कम हो जाती है, जिससे वह अपनी स्थिति खो देता है; महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सुनिश्चित करती है कि सभी लंबित कानूनी कार्यवाही अप्रभावित रहें मानो परिवर्तन हुआ ही न हो।