अध्याय VI

CrPC Section 89 in Hindi: हाजिरी बंधपत्र भंग करने पर गिरफ्तारी

New Law Update (2024)

धारा 97 बी.एन.एस.एस.

TRIAL COURT

Punishment​

प्रक्रियात्मक – वारंट / समन प्रक्रिया

Cognizable?

Bailable?

Compoundable?

Bare Act Text

जब कोई व्यक्ति, जो इस संहिता के अधीन लिए गए किसी बंधपत्र द्वारा न्यायालय के समक्ष हाजिर होने के लिए आबद्ध है, हाजिर नहीं होता है, तब ऐसे न्यायालय का पीठासीन अधिकारी वारंट जारी कर सकता है जिसमें यह निदेश दिया जाएगा कि ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार करके उसके समक्ष पेश किया जाए।

Important Sub-Sections Explained

Landmark Judgements

सुरेंद्र सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (1974):

इस मामले में यह स्पष्ट किया गया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 89 के तहत वारंट जारी करने की शक्ति विवेकाधीन है, अनिवार्य नहीं। न्यायालय विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर वारंट जारी करने का निर्णय लेने का विवेक रखता है, बजाय इसके कि उसे बंधपत्र के प्रत्येक उल्लंघन पर ऐसा करने के लिए विवश किया जाए।

बिमल कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2009):

इस निर्णय ने धारा 89 के तहत शक्ति की विवेकाधीन प्रकृति की पुष्टि की और इस बात पर जोर दिया कि विचाराधीन बंधपत्र ‘इस संहिता के अधीन’ (दंड प्रक्रिया संहिता) लिया गया होना चाहिए। इसने रेखांकित किया कि यह प्रावधान उन व्यक्तियों पर लागू होता है जो दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अनुसार निष्पादित बंधपत्र द्वारा कानूनी रूप से बाध्य होने के बावजूद उपस्थित होने में विफल रहते हैं।

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