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IPC VS BNS Hindi

धारा 231 BNS VS धारा 195 IPC: आजीवन कारावास या कारावास से दंडनीय अपराध के लिए दोषसिद्धि कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देना

किसी को रेप, चोरी या डकैती के झूठे केस (False implication) में फंसाया, तो आपको भी वही सजा मिलेगी (IPC 195 / BNS 231)।

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धारा 230 BNS VS धारा 194 IPC: मृत्यु से दंडनीय अपराध के लिए दोषसिद्धि कराने के आशय से मिथ्या साक्ष्य देना या गढ़ना

आपके झूठे फर्जी सबूत से यदि किसी बेगुनाह को फांसी हुई (Judicial Murder), तो आपको भी फांसी होगी: IPC 194/BNS 230।

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धारा 218-219 BNS VS धारा 183-184 IPC: लोक सेवक के वैध प्राधिकार द्वारा संपत्ति (Property) के लिए जाने या विक्रय (Sale) का प्रतिरोध

प्रॉपर्टी कुर्की या नीलामी (Property Sale) के समय सरकारी अधिकारी को रोकना: IPC 183/184 (BNS 218/19)।

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धारा 217 BNS VS धारा 182 IPC: लोक सेवक को अपनी विधिपूर्ण शक्ति (Lawful power) का उपयोग दूसरे व्यक्ति को क्षति पहुंचाने के लिए करने के आशय से झूठी सूचना देना

किसी को फंसाने के लिए पुलिस या अफसर से झूठी शिकायत (False complaint) करना: IPC 182 और BNS 217।

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