धारा 45 BNS VS धारा 107 IPC: किसी बात का दुष्प्रेरण (Abetment of a thing)

सजा (Punishment)

परिभाषा

संज्ञेय (Cognizable)

मुख्य अपराध के अनुसार

जमानतीय (Bailable)

मुख्य अपराध के अनुसार

समझौता योग्य (Compoundable

मुख्य अपराध के अनुसार

विचारणीय न्यायालय (Court)

मुख्य अपराध के अनुसार

IPC (पुराना कानून)

धारा 107

वह व्यक्ति किसी बात के किए जाने का दुष्प्रेरण करता है, जो- (1) उस बात को करने के लिए किसी व्यक्ति को उकसाता है, या (2) उस बात को करने के लिए… षड्यंत्र में सम्मिलित होता है… या (3) उस बात के किए जाने में… साशय सहायता करता है।

BNS (नया कानून)

धारा 45

वह व्यक्ति किसी बात के किए जाने का दुष्प्रेरण करता है, जो- (1) उस बात को करने के लिए किसी व्यक्ति को उकसाता है, या (2) उस बात को करने के लिए… षड्यंत्र में सम्मिलित होता है… या (3) उस बात के किए जाने में किसी कार्य या अवैध लोप द्वारा साशय सहायता करता है।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

BNS 45 (पहले IPC 107) दुष्प्रेरण (उकसाने) की परिभाषा देती है। अपराध करने वाले के साथ-साथ अपराध करने के लिए उकसाने वाला, साजिश रचने वाला, और हथियार/सुविधाएं मुहैया कराने वाला भी कानून की नजर में समान रूप से दोषी है।

तुलना

दुष्प्रेरण (Abetment) न्यायशास्त्र का सबसे अहम सिद्धांत है। मुख्य परिभाषा में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

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