धारा 263 BNS VS धारा 225 IPC: किसी अन्य व्यक्ति के विधि के अनुसार पकड़े जाने में प्रतिरोध (Resistance)

सजा (Punishment)

कठोर या सादा

संज्ञेय (Cognizable)

संज्ञेय

जमानतीय (Bailable)

गैर-जमानती

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय

विचारणीय न्यायालय (Court)

प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 225

जो कोई किसी ‘अन्य व्यक्ति’ (Another person) के पकड़े जाने में प्रतिरोध या विघ्न डालेगा… या किसी ‘अन्य व्यक्ति’ को पुलिस कस्टडी से छुड़ाएगा (Rescues)… (2 वर्ष)। यदि अपराध आजीवन कारावास वाला हो तो 7 वर्ष।

BNS (नया कानून)

धारा 263

जो कोई किसी अन्य व्यक्ति के पकड़े जाने में प्रतिरोध (Resistance) डालेगा… या उसे पुलिस हिरासत से छुड़ाएगा (Rescues)… (2 वर्ष; गंभीर अपराध में 3-7 वर्ष)।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

मुजरिम को पुलिस से छुड़ाना! फिल्मों में अक्सर देखा जाता है - जब पुलिस किसी गैंगस्टर को ले जा रही होती है, तो उसके गुर्गे पुलिस वैन पर हमला करके उसे 'छुड़ा (Rescue)' ले जाते हैं। ऐसा करने वाले गुर्गों (भीड़) पर BNS 263 (IPC 225) लगती है।

तुलना

पुलिस से अपराधी को बलपूर्वक छीन लेना (Rescuing an offender)।

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