धारा 330 BNS बनाम धारा 443-444 IPC: प्रच्छन्न गृह-अतिचार (Lurking house-trespass) और रात्रौ प्रच्छन्न गृह-अतिचार
सजा (Punishment)
परिभाषा
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय
विचारणीय न्यायालय (Court)
कोई भी मजिस्ट्रेट
IPC (पुराना कानून)
धारा 443-444
443: प्रच्छन्न (Lurking) गृह-अतिचार – गृह-अतिचार को ऐसे व्यक्ति से छिपाने (Conceal) की पूर्व-सावधानी (Precautions) बरतना, जिसे बाहर निकालने का अधिकार है।
444: यदि यह सूर्यास्त और सूर्योदय (Sunset & sunrise) के बीच किया जाए, तो रात्रौ (By night) प्रच्छन्न गृह-अतिचार कहलाता है।
BNS (नया कानून)
धारा 330(1), 330(2)
330(1): जो कोई गृह-अतिचार को … छिपाने की सावधानी बरतता है… ‘प्रच्छन्न गृह-अतिचार’ करता है।
330(2): यदि यह सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच किया जाए… ‘रात्रौ प्रच्छन्न गृह-अतिचार’ करता है।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
छिपकर घर में दाखिल होना! (Lurking House-trespass)। अगर कोई चोर दरवाज़े से नहीं, बल्कि किसी के घर में 'छिपते-छुपाते' (Lurking) दाखिल होता है (ताकि मालिक उसे देख न ले), या घर के अंदर जाकर किसी अलमारी/बिस्तर के नीचे 'छिप' (Conceal) जाता है, तो उसे 'प्रच्छन्न गृह-अतिचार' (IPC 443 / BNS 330-1) कहते हैं। और अगर यही काम 'रात के अंधेरे' (सूर्यास्त के बाद) किया जाए, तो वह 'रात्रौ प्रच्छन्न गृह-अतिचार' (IPC 444 / BNS 330-2) बन जाता है, जिसकी सजा बहुत सख़्त होती है।
तुलना
चोरी की नीयत से छुपकर (Lurking) या रात में घुसने (By night) की बारीक परिभाषाओं को BNS 330 में ज्यों का त्यों रखा गया है।