धारा 336(4) BNS बनाम धारा 467 IPC: मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत आदि की कूटरचना (Forgery of valuable security, will, etc.)
सजा (Punishment)
आजीवन कारावास या 10 वर्ष
संज्ञेय (Cognizable)
संज्ञेय
जमानतीय (Bailable)
गैर-जमानती
समझौता योग्य (Compoundable
गैर-शमनीय (Non-Compoundable)
विचारणीय न्यायालय (Court)
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट (कुछ राज्यों में सेशन कोर्ट)
IPC (पुराना कानून)
धारा 467
BNS (नया कानून)
धारा 336(4)
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
फर्ज़ी वसीयत या ज़मीन की रजिस्ट्री बनाने पर उम्रकैद! (Forgery of Will/Deeds)। यह जालसाज़ी की सबसे खतरनाक और 'संगीन धारा' है। अगर कोई व्यक्ति किसी अरबपति की 'फ़र्ज़ी वसीयत (Fake Will)' तैयार कर ले, या फिर ज़मीन के 10 करोड़ के 'सेल-डीड (रजिस्ट्री)' पर मालिक के जाली अंगूठे लगवा ले (Valuable Security)। तो इस हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी फ्रॉड में IPC 467 (BNS 336-4) लगती है जिसमें 'उम्रकैद' या 10 साल की 'गैर-जमानती (Non-Bailable) जेल' का प्रावधान है। इसमें आसानी से बेल नहीं मिलती।
तुलना
प्रॉपर्टी मामलों के सिविल वादों में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली दांडिक धारा (Criminal section)। IPC 467 की उम्रकैद (Life imprisonment) की कठोरता BNS 336(4) में बनी हुई है।