सतपुड़ा-मैकल प्रदेश | भौगोलिक स्थिति, नदियाँ, वन, खनिज

सतपुड़ा-मैकल प्रदेश | भौगोलिक स्थिति, नदियाँ, वन, खनिज

सतपुड़ा-मैकल प्रदेश मध्य भारत का 900 km लंबा पर्वतीय क्षेत्र है, जो नर्मदा-ताप्ती दरार-घाटी के बीच जलविभाजक का काम करता है। पश्चिम में राजपिपला पहाड़ियों से पूर्व में अमरकंटक तक फैले इस क्षेत्र से नर्मदा, ताप्ती, सोन और गोदावरी की उपनदियाँ निकलती हैं।

सतपुड़ा-मैकल प्रदेश | भौगोलिक स्थिति, नदियाँ, वन, खनिज Read More »

नर्मदा-सोन घाटी: एक भौगोलिक अध्ययन

नर्मदा-सोन घाटी: एक भौगोलिक अध्ययन

नर्मदा-सोन घाटी मध्यप्रदेश की प्रमुख नदियों में सम्मिलित नर्मदा, जिसे प्रायः “राज्य की जीवनरेखा” कहा जाता है, एवं मोक्षदायिनी सोन नदी के जलग्रहण क्षेत्र को नर्मदा-सोन घाटी के नाम से जाना जाता है। यह क्षेत्र न केवल जलस्रोतों की उपलब्धता, बल्कि भू-आकृतिक संरचना, कृषि संभावनाओं एवं खनिज संसाधनों की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

नर्मदा-सोन घाटी: एक भौगोलिक अध्ययन Read More »

रीवा-पन्ना पठार: भूगोल, प्राकृतिक संसाधन व प्रमुख तथ्य (MP GK)

रीवा-पन्ना पठार: भूगोल, प्राकृतिक संसाधन व प्रमुख तथ्य (MP GK)

रीवा-पन्ना पठार मध्य प्रदेश के पूर्वी भाग में स्थित 31,955 km² का क्षेत्र है, जिसे “विन्ध्यन कगार प्रदेश” भी कहा जाता है। इसकी सर्वोच्च चोटी सद्भावना शिखर (752 m) है; प्रमुख नदियाँ टोंस व केन हैं, वार्षिक वर्षा 112.5-125 cm और ग्रीष्म तापमान 40-42.5 °C तक पहुँचता है।

रीवा-पन्ना पठार: भूगोल, प्राकृतिक संसाधन व प्रमुख तथ्य (MP GK) Read More »

मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्वत कौन-कौन से हैं?

मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्वत कौन-कौन से हैं?

मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्वतों में विंध्य, सतपुड़ा‑मैकाल, कैमूर और भांडेर शृंखलाएँ शामिल हैं, जिनमें राज्य का सर्वोच्च शिखर धूपगढ़ (1,352मीटर, महादेव पहाड़ियाँ) है; अमरकंटक से नर्मदा का उद्गम होता है, जबकि विंध्य‑कैमूर क्षेत्र गंगा‑नर्मदा के बीच जल‑विभाजक बनाते हैं।

मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्वत कौन-कौन से हैं? Read More »

मालवा पठार: स्थान, भौगोलिक संरचना, जलवायु, नदियाँ, मिट्टी, उद्योग | MP GK StudyHUB

मालवा पठार: स्थान, भौगोलिक संरचना, जलवायु, नदियाँ, मिट्टी, उद्योग | MP GK StudyHUB

मालवा पठार मध्यप्रदेश के मध्य‑पश्चिम में स्थित दक्कन ट्रैप मूलक बेसाल्टिक पठार है जिसका विस्तार 22°17′–25°8′ उ.अ. और 74°20′–79°20′ पू.दे. तक है; यह राज्य के लगभग 28.62% भाग को आच्छादित करता है और दक्षिण में नर्मदा, द.‑पश्चिम में गुजरात, उ.‑पश्चिम में राजस्थान से सीमित है; यहाँ सम‑शीतोष्ण जलवायु, काली मिट्टी, चंबल‑क्षिप्रा‑काली सिंध‑बेतवा नदियाँ और गेहूँ‑सोयाबीन प्रमुख हैं।

मालवा पठार: स्थान, भौगोलिक संरचना, जलवायु, नदियाँ, मिट्टी, उद्योग | MP GK StudyHUB Read More »

बुंदेलखंड पठार: एक भौगोलिक व पर्यावरणीय अध्ययन

बुंदेलखंड पठार: एक भौगोलिक व पर्यावरणीय अध्ययन

स्थिति एवं भौगोलिक स्वरूप बुंदेलखंड पठार भौगोलिक रूप से 24°06′ उत्तरी अक्षांश से 26°22′ उत्तरी अक्षांश तथा 77°51′ पूर्वी देशांतर से 80°20′ पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है। यह क्षेत्र प्राचीन भू-आकृतिक संरचनाओं का एक उदाहरण है, जिसमें मुख्य रूप से बुंदेलखंड नीस चट्टानों की अपरदित सतह पाई जाती है। इसकी उत्तरी सीमा यमुना नदी

बुंदेलखंड पठार: एक भौगोलिक व पर्यावरणीय अध्ययन Read More »

Central Highlands of MP: बीहड़, चंबल और इतिहास – मध्य भारत के पठार का भौगोलिक विश्लेषण।

Central Highlands of MP: बीहड़, चंबल और इतिहास – मध्य भारत के पठार का भौगोलिक विश्लेषण।

Central Highlands (मध्य उच्च भूमि) क्या है? भौगोलिक विभाजन क्या आप MPPSC या व्यापम (Vyapam) की तैयारी कर रहे हैं? मध्य प्रदेश का भूगोल (MP Geography) तब तक अधूरा है जब तक आप Central Highlands (मध्य उच्च भूमि) को नहीं समझते। यह प्रदेश का सबसे विशाल और महत्वपूर्ण भौगोलिक विभाजन है, जो चंबल के बीहड़ों

Central Highlands of MP: बीहड़, चंबल और इतिहास – मध्य भारत के पठार का भौगोलिक विश्लेषण। Read More »

मध्य प्रदेश के प्रमुख भौगोलिक विभाग (Major Geographical Divisions of Madhya Pradesh)

मध्य प्रदेश के प्रमुख भौगोलिक विभाग (Major Geographical Divisions of Madhya Pradesh)

मध्य प्रदेश, भारतीय प्रायद्वीप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसकी भौगोलिक संरचना मुख्यतः पठारों, पर्वतमालाओं एवं घाटियों पर आधारित है। इस राज्य की भौगोलिक विशेषताओं, जलवायु, वनस्पति, मिट्टी, खनिज संसाधन, कृषि, जनसंख्या, उद्योग एवं परिवहन की दृष्टि से इसे विभिन्न भौतिक विभागों में वर्गीकृत किया गया है। मुख्य भौगोलिक विभाजन: मध्य प्रदेश को निम्नलिखित प्रमुख

मध्य प्रदेश के प्रमुख भौगोलिक विभाग (Major Geographical Divisions of Madhya Pradesh) Read More »

मध्य प्रदेश की भू-वैज्ञानिक संरचना (Geological Structure of Madhya Pradesh)

मध्य प्रदेश की भू-वैज्ञानिक संरचना (Geological Structure of Madhya Pradesh)

परिचय भू-वैज्ञानिक संरचना किसी भी क्षेत्र की भौगोलिक और भौतिक विशेषताओं को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह संरचना विभिन्न भूगर्भीय प्रक्रियाओं और अवस्थाओं के परिणामस्वरूप विकसित होती है। किसी विशिष्ट क्षेत्र की चट्टानों का अध्ययन वहाँ की भौमिक विशेषताओं, मिट्टी की रासायनिक संरचना, और खनिज संसाधनों की उपस्थिति के निर्धारण में सहायता

मध्य प्रदेश की भू-वैज्ञानिक संरचना (Geological Structure of Madhya Pradesh) Read More »

महत्वपूर्ण धातुएँ एवं उनके अयस्क (Important Metals and their Ores)

महत्वपूर्ण धातुएँ एवं उनके अयस्क (Important Metals and their Ores)

धातुएँ (Metals): धातुएँ वे तत्व हैं जो सामान्यतः कठोर, चमकीले, आघातवर्धनीय (malleable), तन्य (ductile) और ऊष्मा तथा विद्युत के सुचालक होते हैं। ये इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन बनाने की प्रवृत्ति रखते हैं। उदाहरण के लिए, लोहा, तांबा, एल्युमीनियम, सोना, चांदी आदि। अयस्क (Ores): अयस्क वे प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले खनिज पदार्थ हैं जिनसे धातुओं

महत्वपूर्ण धातुएँ एवं उनके अयस्क (Important Metals and their Ores) Read More »

Scroll to Top