धारा 259 BNS VS धारा 221 IPC: पकड़ने के लिए आबद्ध लोक सेवक द्वारा पकड़ने (Apprehend) का साशय लोप करना
पुलिस वाला किसी मुजरिम को जानबूझकर गिरफ्तार न करे (Omission) या जेल से भगा दे: IPC 221 / BNS 259।
पुलिस वाला किसी मुजरिम को जानबूझकर गिरफ्तार न करे (Omission) या जेल से भगा दे: IPC 221 / BNS 259।
यदि जज (Judge) घूस लेकर गलत फैसला दे, या पुलिस दुर्भावना (Malice) से जेल भेजे: BNS 257-258 (IPC 219-220)।
सरकारी डॉक्टर या पुलिस (Official) झूठ बोलने वाली फर्जी रिपोर्ट या फाइल (Incorrect Record) बनाये तो IPC 218 (BNS 256)।
किसी मुजरिम को बचाने के लिए यदि पुलिस ऑफिसर (Public Servant) कानून तोड़े, तो BNS 255/IPC 217 लगेगी।
लुटेरों या डकैतों (Dacoits/Robbers) को अपने घर में पनाह (Harbouring) देने की सख्त सजा (IPC 216A / BNS 254)।
पुलिस या जेल से भागे हुए कैदी (Escaped Convict) को घर में पनाह देने की 7 साल तक सजा (IPC 216/BNS 253)।
चोरी का सामान (Stolen Property) वापस दिलाने के नाम पर पैसे (घूस) लेना: IPC 215 (BNS 252)।
अपराधी (Criminal) को बचाने के लिए घूस लेना या देना (Screening Offender): BNS 250/251 (IPC 213/214)।
मर्डर करने वाले मुजरिम को अपने घर में पनाह (Harbouring) देने की सजा क्या है? IPC 212 / BNS 249।
किसी पर झूठा केस (Fake FIR/False Charge) करने वालों को BNS 248 (IPC 211) में 7 साल तक की सजा।