अध्याय 21क

CrPC Section 265F in Hindi: न्यायालय का निर्णय

New Law Update (2024)

धारा 298 भा.ना.सु.सं.

TRIAL COURT

सेशन न्यायालय या मजिस्ट्रेट

Punishment​

प्रक्रियात्मक – निर्णय/दंडादेश

Bailable?

Compoundable?

Bare Act Text

न्यायालय धारा 265ङ के निबंधनों के अनुसार खुले न्यायालय में अपना निर्णय सुनाएगा और उस पर न्यायालय के पीठासीन अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे।

Important Sub-Sections Explained

Landmark Judgements

गुजरात राज्य बनाम नटवर हरचंदजी ठाकोर (2005):

इस ऐतिहासिक निर्णय ने दंड प्रक्रिया संहिता के अध्याय XXI-A की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जिसने अभिवाक् सौदेबाजी की शुरुआत की थी। इसने पुष्टि की कि धारा 265च के तहत निर्णय सुनाने सहित प्रक्रियाएँ मौलिक अधिकारों के अनुरूप हैं और मामलों के शीघ्र निपटान का लक्ष्य रखती हैं।

सतीश कुमार बनाम हरियाणा राज्य (2009):

इस मामले ने अभिवाक् सौदेबाजी के लिए अध्याय XXI-A में उल्लिखित प्रक्रियाओं का पालन करने की अनिवार्य प्रकृति पर जोर दिया। इसने दोहराया कि धारा 265च के तहत दिया गया निर्णय अभियुक्त की स्वैच्छिक और सूचित सहमति पर आधारित होना चाहिए, जो एक निष्पक्ष और पारस्परिक रूप से संतोषजनक निपटारे को दर्शाता है।

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