Network Security Free Mock Test – Part 3
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Network Security Free Mock Test – Part 3
Exam Summary
| Total Questions | 0 |
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| Attempted | 0 |
| Answered Correctly | 0 |
| Answered Incorrectly | 0 |
| Total Score | 0 |
Detailed Solutions
पासवर्ड क्रैकिंग तकनीक के रूप क्या है –
(द) उपरोक्त सभी Explanation: उपरोक्त सभी
फायरवॉल कम्प्यूटर में क्यों प्रयुक्त होता है –
(ब) सिक्योरिटि Explanation: सिक्योरिटि
ऐसे कई सुरक्षा उपकरण हैं जिनका प्रयोग व्यक्तियों को आपके सिस्टम का शोषण करने से रोकने के लिए किया जाता है। निम्नलिखित में किसका फायरवाल के सहयोजन से प्रयोग किया जाता हैं –
(अ) प्रॉक्सी सर्वर Explanation: प्रॉक्सी सर्वर
OSI मॉडल के नेटवर्क लेयर (लेयर 3) पर किस प्रकार का फ़ायरवॉल संचालित होता है –
(ब) स्टेटफुल इंस्पेक्शन फ़ायरवॉल Explanation: स्टेटफुल इंस्पेक्शन फ़ायरवॉल
फ़ायरवॉल का उपयोग आम तौर पर किसी नेटवर्क को निम्नलिखित में से किससे बचाने के लिए किया जाता है –
(स) अनधिकृत पहुंच और नेटवर्क हमले Explanation: अनधिकृत पहुंच और नेटवर्क हमले
ऐसी firewall जो traditional firewall एवं stateful firewall से अधिक सिक्योरिटी उपलब्ध कराती है-
(ब) Next generation firewall Explanation: Next generation firewall व्याख्या : NGFW (Next Generation Firewall) एक ऐसी Security device है जो traditional firewall एवं stateful firewall से अधिक security उपलब्ध कराती है। इसमें application and accesses and control, integrated intrusion prevention and cloud delivered threat एडवांस तकनीक है। यह firewall application layer gateway application gateway, application proxy application level proxy भी कहलाता है।
Network Security में उपयोग ली जा रही term DDOS का पूरा नाम क्या है –
(अ) Distributed Denial of Services Explanation: Distributed Denial of Services व्याख्या : DDoS (Distributed Denial of Services) attack : इस प्रकार के अटैक में attacker बहुत अधिक मात्रा में traffic (ट्रेफिक) आपके नेटवर्क पर भेजता है। इससे एक साथ huge data traffic (बहुत अधिक डाटा ट्रैफिक) होने से Network Crash होने की प्रबल संभावना हो जाती है।
Proxy application gateway firewall का कार्य है –
(ब) इंट्रानेट यूजर को सुरक्षित एवं specific इंटरनेट Explanation: इंट्रानेट यूजर को सुरक्षित एवं specific इंटरनेट व्याख्या : Proxy firewall एक network security system है जो client व server के बीच एक intermediary connection स्थापित करने का कार्य करता है ताकि वे एक दूसरे से communicate कर सके।
IPSEC, IP संक्षिप्तीकरण तथा टनलिंग ऐसी तकनीक हैं, जिनका प्रयोग ______ में होता है।
(स) VPN Explanation: VPN
एक नेटवर्क सुरक्षा प्रणाली है जिसे विश्वस्त निजी नेटवर्क को, अविश्वासी बाहरी नेटवर्क जिससे यह जुड़ा है, की सुरक्षा के लिए बनाया गया है।
(स) फायरवॉल Explanation: फायरवॉल
इनमें से क्या किसी सिस्टम को मालवेयर से सुरक्षित करने का तरीका नहीं है –
(अ) पॉप अप को खोलना Explanation: पॉप अप को खोलना
एक नेटवर्क पर दो संस्थाओं के बीच निजी संचार की अनधिकृत वास्तविक समय अवरोधन या निगरानी को कहा जाता है-
(अ) चोरी छुपे सुनना (इअवेसडरोपिंग) Explanation: चोरी छुपे सुनना (इअवेसडरोपिंग)
कौन सा अटैक किसी मान्य उपयोगकर्ता को कम्प्यूटर प्रयोग करने से रोकता है –
(द) डी ओ एस (डिनायल ऑफ सर्विस) Explanation: डी ओ एस (डिनायल ऑफ सर्विस)
निम्नलिखित में से कौन-सा वायरलेस सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सबसे सुरक्षित माना जाता है –
(स) डब्लूपीए2 (वाई-फाई प्रोटेक्टेड ऐक्सेस 2) Explanation: डब्लूपीए2 (वाई-फाई प्रोटेक्टेड ऐक्सेस 2) व्याख्या : WPA2 (Wi-Fi Protected Access 2) वर्तमान में सबसे सुरक्षित वायरलेस नेटवर्क एन्क्रिप्शन प्रणाली है।
कंप्यूटर नेटवर्किंग में फायरवॉल का उपयोग किस लिए किया जाता है –
(द) इनकमिंग और आउटगोइंग नेटवर्क ट्रैफिक को फिल्टर करने के लिए Explanation: इनकमिंग और आउटगोइंग नेटवर्क ट्रैफिक को फिल्टर करने के लिए व्याख्या : फ़ायरवॉल एक नेटवर्क सुरक्षा उपकरण है जिसे पूर्वनिर्धारित सुरक्षा नियमों के आधार पर आने वाले और बाहर जाने वाले नेटवर्क ट्रैफ़िक की निगरानी, फ़िल्टर और नियंत्रण के लिए डिज़ाइन किया गया है।
एक नेटवर्क सिक्योरिटी सिस्टम जो कि नेटवर्क संसाधनों की सुरक्षा एप्लिकेशन लेयर पर मैसेजेस की फिल्टरिंग के द्वारा करता है वह है.
(ब) प्राॅक्सी फायरवाॅल Explanation: प्राॅक्सी फायरवाॅल व्याख्या : प्रॉक्सी फायरवॉल एप्लिकेशन लेयर पर डेटा की जांच और फिल्टरिंग करता है।
फायरवाॅल का क्या उपयोग है –
(ब) इन्टरनेट से इन्ट्रानेट पर जाने वाले पैकेट्स को फिल्टर करना Explanation: इन्टरनेट से इन्ट्रानेट पर जाने वाले पैकेट्स को फिल्टर करना व्याख्या : फायरवॉल नेटवर्क ट्रैफिक को फिल्टर करके इंट्रानेट को अनधिकृत पहुंच से बचाता है।
वह नेटवर्क सुरक्षा उपकरण जो इंटरनेट कनेक्शन के माध्यम से आने वाली जानकारी को फ़िल्टर करता है, कहलाता है:
(द) फ़ायरवॉल Explanation: फ़ायरवॉल व्याख्या : फ़ायरवॉल (Firewall) एक सुरक्षा तंत्र है जो कंप्यूटर नेटवर्क में आने-जाने वाले डेटा को मॉनिटर और नियंत्रित करता है। यह अवांछित या हानिकारक ट्रैफ़िक को रोककर नेटवर्क की सुरक्षा करता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा एक साइबर सुरक्षा खतरा नहीं है – (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
(अ) फायरवॉल Explanation: फायरवॉल व्याख्या : फायरवॉल साइबर सुरक्षा का उपकरण है जो हमलों से बचाता है। ट्रोजन हॉर्स, फिशिंग, DoS हमले खतरे हैं।
कंप्यूटर नेटवर्किंग में, फ़ायरवॉल का मुख्य काम क्या होता है?
(ब) एक ऐसा नेटवर्क सुरक्षा सिस्टम जो तय सुरक्षा नियमों के आधार पर आने-जाने वाले ट्रैफ़िक पर नज़र रखता है और उसे कंट्रोल करता है Explanation: एक ऐसा नेटवर्क सुरक्षा सिस्टम जो तय सुरक्षा नियमों के आधार पर आने-जाने वाले ट्रैफ़िक पर नज़र रखता है और उसे कंट्रोल करता है व्याख्या : फ़ायरवॉल (Firewall) आपके कंप्यूटर या नेटवर्क के लिए एक सुरक्षा गार्ड (चौकीदार) की तरह काम करता है। यह इंटरनेट या बाहरी नेटवर्क से आने वाले और आपके कंप्यूटर से बाहर जाने वाले ट्रैफ़िक (डेटा) की जाँच करता है। यदि कोई डेटा या अनधिकृत उपयोगकर्ता (असुरक्षित वेबसाइट या हैकर) तय नियमों के खिलाफ जाने की कोशिश करता है, तो फ़ायरवॉल उसे रोक देता है।
नेटवर्किंग में VPN का पूरा नाम क्या है?
(ब) Virtual Private Network Explanation: Virtual Private Network व्याख्या : VPN का फुल फॉर्म Virtual Private Network होता है। यह एक ऐसी तकनीक है जो आपके इंटरनेट कनेक्शन को सुरक्षित और गुप्त (Private) बनाती है।
हनीपॉट सिस्टम क्या हैं?
(अ) यह अटेकरो को आकर्षित कर के उनकी रणनीति सीखने के लिए एक नकली प्रणाली हैं Explanation: यह अटेकरो को आकर्षित कर के उनकी रणनीति सीखने के लिए एक नकली प्रणाली हैं व्याख्या : हनीपॉट सिस्टम (Honeypot System) साइबर सुरक्षा में इस्तेमाल होने वाले नकली या ‘छलावा’ (Decoy) कंप्यूटर सिस्टम होते हैं। इन्हें जानबूझकर सुरक्षा कमियों के साथ इंटरनेट या नेटवर्क में इस तरह पेश किया जाता है, जैसे ये कोई बहुत महत्वपूर्ण डेटाबेस या सर्वर हों। इनका मुख्य उद्देश्य साइबर हमलावरों (हैकर्स) को अपनी ओर आकर्षित करना और उनकी गतिविधियों व तरीकों पर नज़र रखना होता है।
