Aanuvnshikta Free Mock Test – Part 5

Aanuvnshikta Free Mock Test – Part 5

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Aanuvnshikta Free Mock Test – Part 5

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निम्नलिखित में से जीव-विज्ञान की कौन सी शाखा वंशागति के नियमों से संबंधित है – निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(द) आनुवंशिकी Explanation: बैंगनी व्याख्या : ग्रेगोर मेंडल के मटर के पौधों पर प्रयोगों के अनुसार, पुष्प का बैंगनी रंग प्रभावी लक्षण (dominant trait) है, जबकि सफेद रंग अप्रभावी (recessive) है।

किसी जीव का बाह्य प्रकटीकरण कहलाता है: निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(ब) लक्षणप्ररूप (फीनोटाइप) Explanation: आनुवंशिकी व्याख्या : आनुवंशिकी (Genetics) जीव-विज्ञान की वह शाखा है जो वंशागति (heredity) और लक्षणों के स्थानांतरण के नियमों का अध्ययन करती है।

किसी जीन का वैकल्पिक रूप जो किसी एक लक्षण को नियंत्रित करता है, उसे कहते हैं:

(अ) प्रभावी Explanation: लक्षणप्ररूप (फीनोटाइप) व्याख्या : लक्षणप्ररूप (phenotype) किसी जीव के बाह्य और दृश्यमान लक्षणों को दर्शाता है, जैसे रंग, आकार, या व्यवहार। जीनप्ररूप (genotype) आनुवंशिक संरचना को दर्शाता है, जबकि समयुग्मक (homozygous) और प्रभावी लक्षण (dominant trait) विशिष्ट आनुवंशिक अवस्थाएँ हैं।

वह लक्षण जो F1 पीढ़ी में स्वयं को अभिव्यक्त नहीं करता है, कहलाता है :-

(ब) अप्रभावी लक्षण Explanation: एलील व्याख्या : एलील (Allele) एक जीन के विभिन्न रूपों को कहते हैं जो किसी विशेष लक्षण को नियंत्रित करते हैं। उदाहरण के लिए, आंखों के रंग के लिए जीन के अलग-अलग एलील हो सकते हैं। प्रभावी (Dominant) और अप्रभावी (Recessive) एलील की विशेषताएं हैं, जबकि आनुवंशिकी (Genetics) विज्ञान की एक शाखा है।

उपलब्धता एवं लाभ साझेदारी पर नगोया प्रोटोकॉल ______ के अंतर्गत अंगीकार की गई। निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(ब) जैव विविधता संधि Explanation: अप्रभावी लक्षण व्याख्या : मेंडल के वंशानुक्रम के सिद्धांत के अनुसार, F1 पीढ़ी में केवल प्रभावी लक्षण दिखाई देते हैं जबकि अप्रभावी लक्षण दबे रहते हैं और F2 पीढ़ी में प्रकट हो सकते हैं।

मेंडेल ने संकरण परीक्षण ______ के पौधों पर किए थे। निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(द) गार्डन पी (मटर) Explanation: जैव विविधता संधि व्याख्या : नगोया प्रोटोकॉल (Nagoya Protocol) जैव विविधता संधि (Convention on Biological Diversity – CBD) के तहत 2010 में अंगीकार किया गया था। इसे 29 अक्टूबर 2010 को जापान के नागोया में पार्टियों के सम्मेलन की दसवीं बैठक में अपनाया गया था। यह प्रोटोकॉल आनुवंशिक संसाधनों के उपयोग और उनसे प्राप्त लाभों के समान वितरण को सुनिश्चित करता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा विषमयुग्मजी ऐलीलों (युग्मविकल्पी) को प्रदर्शित करता है – निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(अ) TT और tt दोनों Explanation: गार्डन पी (मटर) व्याख्या : ग्रेगोर मेंडेल, जिन्हें आनुवंशिकी का जनक माना जाता है, ने अपने संकरण (Hybridization) प्रयोग मटर के पौधों (Pisum sativum) पर किए थे। मटर का पौधा प्रयोगों के लिए उपयुक्त था क्योंकि इसके लक्षण (जैसे बीज का रंग, फूल का रंग) स्पष्ट और मापने योग्य थे।

सूची-I के साथ सूची-II का मिलस कीजिए। सूची-I सूची-II a. लक्षणप्ररूप I. आनुवंशिक संघटन b. जीन II. ब्राह्य प्रगटीकरण c. जीन प्ररूप III. F1 पीढ़ी में अभिव्यक्त नहीं होता है d. अप्रभावी लक्षण IV. वह फैक्टर जो किसी लक्षण गुण को नियंत्रित करता है नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(ब) a – II, b – IV, c – I, d – III Explanation: Tt व्याख्या : विषमयुग्मजी (Heterozygous) वह स्थिति है जिसमें एक जीन के दो ऐलील (Alleles) भिन्न होते हैं, जैसे एक प्रभावी (Dominant) और एक अप्रभावी (Recessive)। Tt: इसमें एक प्रभावी ऐलील (T) और एक अप्रभावी ऐलील (t) है, जो विषमयुग्मजी है। TT: समयुग्मजी प्रभावी (Homozygous Dominant)। tt: समयुग्मजी अप्रभावी (Homozygous Recessive)। TT और tt दोनों: समयुग्मजी हैं, विषमयुग्मजी नहीं।

मेंडल ने अपने संकरुण के प्रयोग किस पर किए थे – निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(अ) मटर (स्वीट पी) Explanation: a – II, b – IV, c – I, d – III व्याख्या : लक्षणप्ररूप (Phenotype): बाह्य प्रगटीकरण (II), अर्थात् जीव का दृश्यमान लक्षण (जैसे रंग, आकार)। जीन: वह फैक्टर जो किसी लक्षण गुण को नियंत्रित करता है (IV), अर्थात् आनुवंशिक इकाई। जीन प्ररूप (Genotype): आनुवंशिक संघटन (I), अर्थात् जीन का संयोजन (जैसे TT, Tt)। अप्रभावी लक्षण (Recessive Trait): F1 पीढ़ी में अभिव्यक्त नहीं होता (III), क्योंकि यह प्रभावी लक्षण के सामने छिप जाता है।

निम्नलिखित में से कौन-से गार्डन मटर के पौधों के बीजों के लिए प्रभावी लक्षण हैं – निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(स) पीला और गोल Explanation: मटर (स्वीट पी) व्याख्या : ग्रेगर मेंडल ने अपने आनुवंशिकी के प्रयोग मटर के पौधों (Pisum sativum) पर किए, क्योंकि इनके लक्षण स्पष्ट और नियंत्रित होते हैं। इन प्रयोगों से उन्होंने आनुवंशिकी के नियम (जैसे प्रभाविता, पृथक्करण) प्रतिपादित किए।

निम्नलिखित में से कीन-सा आनुवांशिकी का नियम नहीं है – निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(अ) प्रभाविता का नियम Explanation: पीला और गोल व्याख्या : मेंडल के मटर प्रयोगों में, बीज का रंग और आकार दो महत्वपूर्ण लक्षण थे। प्रभावी लक्षण (dominant traits) हैं: रंग: पीला (हरा अप्रभावी है) आकार: गोल (झुर्रीदार अप्रभावी है)

सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए- सूची-I (विशेषता A) सूची-II (विशेषता A के विपरीत विशेषता) a. पुष्प की अक्षीय स्थिति I. पीला b. पुष्प का सफेद रंग II. अंतस्थ c. बीज का हरा रंग III. गोल d. बीज का झुर्रीदार आकार IV. बैंगनी नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें।

(द) a – II, b – IV, c – I, d – III Explanation: बौनेपन का नियम व्याख्या : मेंडल ने तीन आनुवंशिकी नियम प्रतिपादित किए: प्रभाविता का नियम: एक लक्षण दूसरे पर प्रभावी होता है। पृथक्करण का नियम: युग्मकों के निर्माण में जीन अलग होते हैं। स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम: विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं। बौनेपन का नियम कोई वैज्ञानिक नियम नहीं है।

ग्रेगर मेंडल ने वंशागति के नियमों पर किये अपने प्रयोगों में किस प्रकार के पौधे का उपयोग किया था –

(स) पाइसम सेटाइवम Explanation: a – II, b – IV, c – I, d – III व्याख्या : मेंडल के मटर प्रयोगों के आधार पर: पुष्प की अक्षीय स्थिति: प्रभावी लक्षण है, इसका विपरीत अंतस्थ (terminal) स्थिति है। पुष्प का सफेद रंग: अप्रभावी है, इसका विपरीत बैंगनी (प्रभावी) है। बीज का हरा रंग: अप्रभावी है, इसका विपरीत पीला (प्रभावी) है। बीज का झुर्रीदार आकार: अप्रभावी है, इसका विपरीत गोल (प्रभावी) है।

गुणसूत्र संख्या में परिवर्तन, चाहे अगुणित पूरक के पूरे भाग या पूरे सेट को जोड़ने या घटाने से हो, कहलाता है:

(स) बहुगुणिता Explanation: पाइसम सेटाइवम व्याख्या : ग्रेगर मेंडल, जिन्हें आनुवंशिकी का जनक माना जाता है, ने अपने वंशागति प्रयोगों के लिए पाइसम सेटाइवम (Pisum sativum) यानी मटर के पौधे का उपयोग किया। मटर के पौधे को चुना गया क्योंकि इसके लक्षण (जैसे फूल का रंग, बीज का आकार) स्पष्ट और आसानी से पहचाने जाने योग्य थे, और यह आत्म-परागण करता है।

वह गुण जो F1 पीढ़ी में स्वयं को प्रकट करता है, वह होता है:

(अ) प्रभावी Explanation: बहुगुणिता व्याख्या : बहुगुणिता (Polyploidy) तब होती है जब गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन होता है, जिसमें अगुणित (हैप्लॉइड) सेट का पूरा भाग या सेट जोड़ा या हटाया जाता है (जैसे त्रिगुणित, चतर्गुणित)।

यदि किसी जीन विशेष के दो एलील समान हैं, तो उस जीन युग्म को क्या कहा जाता है –

(अ) समयुम्मजी Explanation: प्रभावी व्याख्या : मेंडल के अनुवांशिक सिद्धांत के अनुसार F1 पीढ़ी में जो गुण प्रकट होता है, वह प्रभावी (Dominant Trait) कहलाता है, जबकि जो छिपा रहता है वह अप्रभावी (Recessive Trait) होता है।

द्विगुणित मानव कोशिकाओं में गुणसूत्रों के कितने जोड़े मौजूद होते हैं –

(स) 23 Explanation: समयुम्मजी व्याख्या : जब किसी गुण के लिए जीन के दोनों एलील समान होते हैं (जैसे – AA या aa), तो उस स्थिति को समयुग्मजी (Homozygous) कहा जाता है। यदि दोनों एलील अलग-अलग हों, तो उसे विषमयुग्मजी (Heterozygous) कहते हैं।

एक समयुग्मजी प्रभावी लंबा पादप (TT) एक समयुग्मजी अप्रभावी बौने पौधे (tt) के साथ क्रॉस कराया जाता है। F1 पीढ़ी के पौधों में स्व-निषेचन कराया जाता है, जिससे F2 पीढ़ी उत्पन्न होती है। F2 पीढ़ी में, समयुग्मजी प्रभावी (TT) व्यष्टियों और समयुग्मजी अप्रभावी (tt) व्यष्टियों का जीनप्ररूपी अनुपात क्या होगा?

(स) 1:1 Explanation: 23 व्याख्या : मानव की द्विगुणित (सोमैटिक) कोशिकाओं में 23 जोड़े गुणसूत्र (कुल 46) होते हैं—22 ऑटोसोम्स और 1 लिंग गुणसूत्र जोड़ा (XX/XY)। यह आनुवंशिक स्थिरता सुनिश्चित करता है।

नीचे दी गई सूची में अलैंगिक विधि से प्रजनन करने वाले जीव हैं : (a) केला (b) कुत्ता (c) यीस्ट (d) अमीबा नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

(अ) केवल (a), (c) और (d) Explanation: 1:1 व्याख्या : F1 पीढ़ी में सभी पौधे विषमायुग्मजी लंबे (Tt) होंगे। जब F1 (Tt × Tt) में स्व-निषेचन कराया जाता है, तो F2 पीढ़ी में जीनप्ररूप (Genotype) अनुपात 1 TT : 2 Tt : 1 tt प्राप्त होता है। प्रश्न में समयुग्मजी प्रभावी (TT) और समयुग्मजी अप्रभावी (tt) का अनुपात पूछा गया है, जो 1:1 है (1 TT और 1 tt)।

पुष्पी पादपों में दिखाई देने वाली प्रजनन अवस्थाओं का सही क्रम है : (a) नवोद्धिद् (b) युग्मक (c) युग्मनज (d) भ्रूण नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

(ब) (b), (c), (d), (a) Explanation: केवल (a), (c) और (d) व्याख्या : केला: इसमें कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation – अलैंगिक विधि) होता है। यीस्ट: इसमें मुकुलन (Budding – अलैंगिक विधि) होता है। अमीबा: इसमें द्विखंडन (Binary Fission – अलैंगिक विधि) होता है। कुत्ता: कुत्तों में केवल लैंगिक जनन (Sexual Reproduction) होता है।

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