Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 5
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Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 5
Exam Summary
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Detailed Solutions
आमेर के किस शासक को अकबर ने ‘फर्जन्द’ की उपाधि दी –
(स) मानसिंह को Explanation: मानसिंह को व्याख्या : अकबर ने मानसिंह को 7000 का मनसब व फर्जन्द (बेटा) की उपाधि प्रदान की।
राजस्थान स्कूल आॅफ आर्ट(हुनरी मदरसा) की स्थापना किसने की –
(स) रामसिंह द्वितीय Explanation: रामसिंह द्वितीय व्याख्या : राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट्स की स्थापना 1857 ईस्वी के प्रारम्भ में जयपुर की तत्कालीन रियासत के शासक महाराजा सवाई राम सिंह द्वितीय द्वारा मदरसा-ए-हुनरी (कला संस्थान) के नाम से की गई थी।
कवि बिहारी किसके दरबारी कवि थे –
(द) मिर्जा राजा जयसिंह Explanation: मिर्जा राजा जयसिंह व्याख्या : मिर्जाराजा जयसिंह के दरबार में बिहारी नामक प्रसिद्ध कवि विद्यमान था, जिसने ‘बिहारी सतसई’ ग्रन्थ की रचना की। कुलपति मिश्र बिहारी का भांजा था।
मिर्जा राजा जयसिंह व शिवाजी के मध्य ऐतिहासिक पुरन्दर की संधि हुई –
(स) 11 जून, 1665 ई. में Explanation: 11 जून, 1665 ई. में व्याख्या : मिर्जाराजा जयसिंह ने शिवाजी को अधीनता स्वीकार करने के लिए विवश कर दिया। शिवाजी और मिर्जाराजा जयसिंह के मध्य 11 जून, 1665 ई. को पुरन्दर की सन्धि सम्पन्न हुई।
औरंगजेब ने किसे शिवाजी को नियंत्रण में लाने के लिए भेजा –
(स) मिर्जा राजा जयसिंह Explanation: मिर्जा राजा जयसिंह व्याख्या : 1664 ई. में औरंगजेब ने जयसिंह को शिवाजी के विरुद्ध दक्षिण में नियुक्त किया।
किस सैन्य अभियान में राजा मानसिंह प्रथम की मृत्यु हुई –
(अ) बंगाल Explanation: इलीचपुर व्याख्या : मानसिंह का महत्त्व जहाँगीर के समय में उतना न रह सका। उसे वह कभी बंगाल और कभी दक्षिण भेजता रहता था। अन्त में 1614 ई. में उसकी इलीचपुर (महाराष्ट्र) में मृत्यु हो गयी। आमेर के कच्छवाहा शासकों में मानसिंह का स्थान महत्त्वपूर्ण है।
कच्छवाह वंश का वह शासक जिसने जहांगीर, शाहजहां व औरंगजेब के लिए अपनी सेवाएं दी –
(अ) मिर्जा राजा जयसिंह Explanation: मिर्जा राजा जयसिंह व्याख्या : भावसिंह के उपरान्त जयसिंह-प्रथम शासक बना। जयसिंह प्रथम ने तीन मुगल सम्राटों जहाँगीर (1605-1627 ई.), शाहजहाँ (1628-1658 ई.) और औरंगजेब (1658-1707 ई.) की सेवा की।
किस शिलालेख में कच्छवाहा शासकों को रघुकुल तिलक कहा गया है –
(ब) आमेर Explanation: आमेर व्याख्या : दुल्हाराय ने कछवाह वंश की स्थापना की थी। इस राजवंश का उल्लेख 1612 ई के आमेर अभिलेख में मिलता है। उन्हें रघुवंश तिलक कहा जाता है।
राजा मानसिंह प्रथम ने शिलादेवी की मुर्ति को कच्छवाहा वंश की इष्ट देवी के रूप में कहां स्थापित किया –
(ब) आमेर Explanation: आमेर व्याख्या : कछवाहा शासकों की आराध्य देवी या इष्ठ देवी शिला माता है। बंगाल से लौटते समय जसोर के राजा केदार के यहां से ही शिलामाता की मूर्ति मानसिंह अपने साथ लाए थे और आमेर के महलों में स्थापित करवाया था। मानसिंह ने गया (बिहार) में महादेव का मंदिर, वृन्दावन में गोविन्द देव जी का मंदिर और आमेर में शिला देवी का मंदिर स्थापित करवाया।
किस शासक ने अपने पुत्रों में आमेर को बारह कोटड़ी व्यवस्था में बांट दिया था –
(स) पृथ्वीराज Explanation: पृथ्वीराज व्याख्या : पृथ्वीराज कछवाह ने अपने राज्य को 12 भागों में विभाजित कर अपने पुत्रों में बांट दिया जिन्हें बारह कोटड़ी कहा गया।
रानी हरकाबाई(मरियम उजमानी) जिसका विवाह मुगल सम्राट अकबर से हुआ, वह किस राजा की पुत्री थी –
(द) भारमल Explanation: भारमल व्याख्या : सांभर नामक स्थान पर 6 फरवरी, 1562 ई. को भारमल ने अपनी कन्या हरकाबाई (शाहीबाई/यौद्धाबाई) का विवाह अकबर से कर दिया। भारमल पहला राजपूत शासक था जिसने मुगलों की अधीनता को स्वीकार कर उनसे वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किए। अकबर ने हरकाबाई को ‘मरियम उज जमानी’ की उपाधि से विभूषित किया था।
अकबर से वैवाहिक संबंध करने वाला प्रथम राजपूत कुल था –
(स) कच्छवाह Explanation: कच्छवाह व्याख्या : सांभर नामक स्थान पर 6 फरवरी, 1562 ई. को भारमल ने अपनी कन्या हरकाबाई (शाहीबाई/यौद्धाबाई) का विवाह अकबर से कर दिया। भारमल पहला राजपूत शासक था जिसने मुगलों की अधीनता को स्वीकार कर उनसे वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किए। अकबर ने हरकाबाई को ‘मरियम उज जमानी’ की उपाधि से विभूषित किया था।
तुंगा की लड़ाई लड़ी गयी –
(ब) 28 जुलाई 1787 Explanation: 28 जुलाई 1787 व्याख्या : तुंगा का युद्ध (1787 ई.) (जयपुर ग्रामीण) : यह युद्ध सवाई प्रतापसिंह व माधावराज सिंधिया के मध्य जयपुर ग्रामीण में लड़ा गया था। जिसमें सवाई प्रतापसिंह की विजय हुई थी।
निम्न में से कौनसा कथन गलत है –
(स) कच्छवाहा वंश की कुल पांच राजधानीयां थी Explanation: कच्छवाहा वंश की कुल पांच राजधानीयां थी व्याख्या : कच्छवाहा वंश की कुल चार राजधानीयां थी। सवाई जयसिंह ने 18 नवम्बर, 1727 ई. जयपुर नगर की नींव रखी और उसे अपनी नवीन राजधानी (पहली दौसा, दूसरी जमवारामगढ़, तीसरी आमेर) बनाया।
दुल्हेराय नामक व्यक्ति ने 1137 ई. में किन्हें हराकर ढूंढाड़ राज्य में कच्छवाह वंश की स्थापना की –
(द) बड़गूजरों को Explanation: बड़गूजरों को व्याख्या : दौसा में चौहान और बड़गुर्जरों का शासन था। लेकिन आपसी शत्रुता बढ़ने पर चौहानों ने अपने जवाई दुल्हाराय को आमंत्रित किया। दुल्हाराय ने बड़गुर्जरों को पराजित कर दिया। रालपसी ने दौसा का क्षेत्र दुल्हाराय को दे दिया। दुल्हाराय ने अपने पिता सोढ़ा देव को दौसा का शासक बनाया।
निम्न में से कौनसे यूरोपिय खगोलशास्त्री सवाई जयसिंह के निमंत्रण पर जयपुर आये थे – अ. आंद्रे स्ट्रोब्ल ब. फादर पेड्रो द सिल्वा स. क्लाड बोडियर द. फादर एंटोनी गेबेल्स परग्वे
(द) अ, ब, स और द Explanation: अ, ब, स और द व्याख्या : सवाई जय सिंह ने प्रसिद्ध विदेशी खगोलशास्त्रियों को बातचीत के लिए बुलाया था।
ढूंढ़ाड राज्य की स्थापना निम्न में से किसने की थी –
(स) दुल्हाराय Explanation: दुल्हाराय व्याख्या : दौसा में चौहान और बड़गुर्जरों का शासन था। लेकिन आपसी शत्रुता बढ़ने पर चौहानों ने अपने जवाई दुल्हाराय को आमंत्रित किया। दुल्हाराय ने बड़गुर्जरों को पराजित कर दिया। रालपसी ने दौसा का क्षेत्र दुल्हाराय को दे दिया।
कच्छवाहा वंश के पृथ्वीराज ने किस पीठ का निर्माण करवाया –
(द) रामानुज सम्प्रदाय Explanation: रामानुज सम्प्रदाय व्याख्या : पृथ्वीराज गलता के रामानुज सम्प्रदाय के संत कृष्णदास पयहारी के अनुयायी थे।
ढूंढाड़ के कच्छवाहों की प्रथम राजधानी थी –
(स) दौसा Explanation: दौसा व्याख्या : दौसा में चौहान और बड़गुर्जरों का शासन था। लेकिन आपसी शत्रुता बढ़ने पर चौहानों ने अपने जवाई दुल्हाराय को आमंत्रित किया। दुल्हाराय ने बड़गुर्जरों को पराजित कर दिया। रालपसी ने दौसा का क्षेत्र दुल्हाराय को दे दिया।
कच्छावा राजवंश के संरक्षण में लागोरिथम का फ्रेंच से संस्कृत में अनुवाद ‘विभाग सारणी’ में किया गया, इसका अनुवादक था –
(ब) केवलराम Explanation: केवलराम व्याख्या : केवलराम के द्वारा विभाग सारणी तैयार की गई।
1585-86 में केवल जिस राजपुत शासक को 5000 का मनसब प्राप्त था, वह था –
(ब) राजा मानसिंह Explanation: राजा मानसिंह व्याख्या : 1581 ई. में मानसिंह ने काबुल के हाकिम मिर्जा को परास्त किया। हाकिम मिर्जा की लौटती हुई सेना का मानसिंह ने सिन्धु नदी तक पीछा किया और वह पुनः लाहौर चला आया। जब अकबर को इस विषय की सूचना मिली तो उसने उसका मनसब 5000 जात एवं 5000 सवार कर दिया।
राजस्थान के एक राज्य का वह कौन-सा शासक था जिसने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई –
(ब) सवाई माधोसिंह द्वितीय(जयपुर) Explanation: सवाई माधोसिंह द्वितीय(जयपुर) व्याख्या : जब पंडित मदनमोहन मालवीय जी जयपुर आये तो उनका भव्य स्वागत कर बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के लिए इन्होंने 5 लाख रुपये दिये थे।
अकबर द्वारा राजपूत राजाओं के ऐतिहासिक दरबार का आयोजन नागौर में कब किया गया –
(ब) 1570 Explanation: 1570 व्याख्या : 1570 ई. में भारमल के सहयोग से अकबर ने नागौर दरबार का आयोजन किया।
‘बारह कोटड़ी’ के नाम से कौनसा राज्य प्रसिद्ध था –
(स) आमेर Explanation: आमेर व्याख्या : पृथ्वीराज कछवाह ने अपने राज्य को 12 भागों में विभाजित कर अपने पुत्रों में बांट दिया जिन्हें बारह कोटड़ी कहा गया।
निम्न में से किस महाराज के दरबार में 22 कवि, 22 ज्योतिषी, 22 संगीतज्ञ एवं 22 विषय विशेषज्ञ के रूप में ‘गन्धर्व बाइसी’ विद्यमान थी –
(ब) महाराजा प्रतापसिंह Explanation: महाराजा प्रतापसिंह व्याख्या : सवाई प्रतापसिंह के दरबार में 22 कवि, 22 संगीतज्ञ, 22 नाटककार थे जिसे संयुक्त रूप से गंधर्व बाईसी कहते हैं।
