धारा 247 BNS VS धारा 210 IPC: ऐसी राशि के लिए कपटपूर्वक डिक्री (Decree) प्राप्त करना जो देय नहीं है
जज को गुमराह करके पैसे की फर्जी डिक्री (Fraudulent Decree) ले आने पर BNS 247 में क्या सजा है? (IPC 210)।
जज को गुमराह करके पैसे की फर्जी डिक्री (Fraudulent Decree) ले आने पर BNS 247 में क्या सजा है? (IPC 210)।
विरोधी को तंग करने के लिए कोर्ट में झूठा मुकदमा (False Suit/Claim) डालने पर 2 साल की जेल (IPC 209/BNS 246)।
बैंक की जब्ती / कुर्की (Attachment) से बचने के लिए प्रॉपर्टी बीवी के नाम कर देना (Fraud Transfer): IPC 206/BNS 243।
जमानत (Bail) या गवाही के लिए कोर्ट में फर्जी आदमी (Fake Person) खड़ा कर देना: IPC 205 और BNS 242 में सजा।
रेड पड़ने से पहले जरूरी फाइल या लैपटॉप (Hard drive) को आग लगाना/तोड़ना: IPC 204 (BNS 241)।
क्राइम (Crime) होने के बाद पुलिस को जानकारी न देने (Concealment) या झूठी बात बताने पर IPC 202-203 (BNS 239-240) में सजा।
मर्डर (Murder) या क्राइम के बाद हथियार या खून के कपड़े जैसी सबूत (Evidence) मिटा देना: IPC 201 (BNS 238)।
सरकारी दफ्तर या नोटरी पर झूठा एफिडेविट (False Affidavit) बनवाने की सजा: IPC 199-200 (BNS 236-237)।
नौकरी या कोर्ट में फर्जी सर्टिफिकेट (Fake Certificate / Medical) का इस्तेमाल करने पर 3-7 साल की जेल (IPC 196-198 / BNS 233-235)।
गवाह को डराने, धमकाने (Witness Intimidation) या उसे कोर्ट में गवाही बदलने पर मजबूर करने की सजा: IPC 195A (BNS 232)।