संग्रहालय (Museum) क्या है? तथा संग्रहालय के प्रकार

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संग्रहालय (Museum) क्या है? तथा संग्रहालय के प्रकार
संग्रहालय (Museum) क्या है? तथा संग्रहालय के प्रकार

संग्रहालय (Museum) क्या है?

संग्रहालय (Museum) वह स्थान है जहाँ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, कलात्मक और प्राकृतिक महत्व की वस्तुओं का संग्रह, संरक्षण, अध्ययन और प्रदर्शनी की जाती है। यह ज्ञान, अनुसंधान और शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र होता है, जहाँ लोग अतीत की विरासत को समझ सकते हैं।

संग्रहालय के प्रमुख उद्देश्य:

  1. संरक्षण (Preservation): ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखना।
  2. शिक्षा (Education): जनता को ज्ञान प्रदान करना और नई पीढ़ी को ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराना।
  3. अनुसंधान (Research): वैज्ञानिक एवं ऐतिहासिक अध्ययन के लिए स्रोत सामग्री उपलब्ध कराना।
  4. प्रदर्शन (Exhibition): दुर्लभ कलाकृतियों, जीवाश्मों, चित्रों और ऐतिहासिक अवशेषों को प्रदर्शित करना।
  5. संस्कृति और धरोहर का संरक्षण: प्राचीन परंपराओं, कलाओं और लोक संस्कृति को सहेज कर रखना।

भारतीय संग्रहालयों को प्रबंधन और विषयवस्तु के आधार पर विभाजित किया गया है।

प्रशासनिक नियंत्रण के आधार पर संग्रहालयों का वर्गीकरण:

  1. राष्ट्रीय संग्रहालय
  2. प्रांतीय संग्रहालय
  3. स्थानीय संग्रहालय
  4. संरक्षकों द्वारा संचालित संग्रहालय
  5. व्यक्तिगत संग्रहालय
  6. नगर पालिकाओं एवं महा पालिकाओं द्वारा संचालित संग्रहालय
  7. संस्थाओं द्वारा संचालित संग्रहालय

अधिकांश संग्रहालय सरकार द्वारा पोषित हैं। राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली, सीधे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निरीक्षण में है। राष्ट्रीय महत्व के संग्रहालय बोर्ड ऑफ ट्रस्टी द्वारा शासित होते हैं, जो केंद्रीय सरकार के अप्रत्यक्ष शासन के अधीन होते हैं।

राष्ट्रीय संग्रहालय:

राष्ट्रीय संग्रहालय राष्ट्र की तकनीकी, सांस्कृतिक और कलात्मक विकास की अभिव्यक्ति करता है।

  • सरकार इसके प्रशासन और वित्त की जिम्मेदार होती है।
  • तुलनात्मक अध्ययन के लिए विदेशी वस्तुओं का भी संग्रह किया जाता है।
  • यह संग्रहालय वैश्विक स्तर पर संग्रह के लिए कार्य करता है।
  • यह राष्ट्रीय स्तर की सांस्कृतिक और कलात्मक धरोहर को प्रदर्शित करता है।
  • उदाहरण: सालार जंग संग्रहालय (हैदराबाद) और भारतीय संग्रहालय (कोलकाता)।

राज्य संग्रहालय:

राज्य संग्रहालय सामान्यतः राज्यों की राजधानियों या प्रमुख नगरों में स्थित होते हैं।

  • राज्य सरकार द्वारा संचालित और वित्त पोषित।
  • स्थानीय सांस्कृतिक और कलात्मक महत्व की वस्तुएँ संग्रहित होती हैं।
  • छोटे संग्रहालयों को सलाह और सहायता प्रदान करते हैं।
  • उदाहरण: महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर।
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जिला संग्रहालय:

  • जिला स्तर पर सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करते हैं।
  • जिला प्रशासन या ट्रस्टी संस्थाओं द्वारा नियंत्रित।
  • अक्सर जिला मुख्यालय में स्थित होते हैं।
  • उदाहरण: धार जिला संग्रहालय।

स्थानीय संग्रहालय:

  • स्थानीय संस्था द्वारा संचालित।
  • विशेष समुदाय या विशिष्ट क्षेत्र की वस्तुओं का संग्रह।
  • स्थानीय उपलब्धियाँ, चित्र, मॉडल, पुरातन सामग्री संग्रहीत होती हैं।

ग्राम संग्रहालय:

  • ग्रामीण जीवन और कलाओं को प्रदर्शित करने हेतु स्थापित।
  • पश्चिम बंगाल और गुजरात में अधिक प्रचलित।
  • ग्रामीण समस्याओं और जागरूकता बढ़ाने हेतु उपयोगी।

विश्वविद्यालय संग्रहालय:

  • विश्वविद्यालय द्वारा प्रशासित और वित्त पोषित।
  • छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने हेतु स्थापित।
  • उच्च शिक्षा और शोध कार्यों में सहायक।
  • उदाहरण: काशी हिंदू विश्वविद्यालय का भारत कला भवन, गुजरात का सरदार पटेल विश्वविद्यालय संग्रहालय।

नगर पालिका संग्रहालय:

  • नगर पालिकाओं द्वारा संचालित।
  • स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का कार्य।

व्यक्तिगत संग्रहालय:

  • किसी व्यक्ति द्वारा निजी संग्रह और संरक्षण।
  • निजी रुचि के आधार पर संग्रह किया जाता है।

यह संग्रहालय विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और कलात्मक धरोहरों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विषय-आधारित संग्रहालयों का वर्गीकरण

1. पुरातत्व और कला संग्रहालय:

संग्रहालयों का वर्गीकरण उनके संग्रहित सामग्रियों और उनकी प्रकृति के आधार पर किया जाता है। भारत में अधिकांश संग्रहालय सांस्कृतिक रुचि के कारण पुरातत्व और कला से संबंधित होते हैं। उत्खनन, सर्वेक्षण, दान आदि के माध्यम से संग्रहीत सांस्कृतिक धरोहर को संग्रहालयों में संरक्षित किया जाता है।

इन संग्रहालयों में छोटी-बड़ी मूर्तियाँ, मिट्टी के ठीकरें, मुद्राएँ, स्थापत्य मॉडल, अभिलेख, सिक्के, चित्र, वस्त्र, आभूषण, शस्त्र आदि का संग्रह और प्रदर्शन किया जाता है। ये संग्रहालय न केवल जनसामान्य को आकर्षित करते हैं बल्कि शोध और अध्ययन के लिए मूल सामग्री भी उपलब्ध कराते हैं। मूर्तियों को उनके मूल परिवेश में प्रस्तुत कर उनकी वास्तविक स्थिति और ऐतिहासिक महत्व को समझने में सहायता मिलती है।

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2. वनस्पति संग्रहालय:

वनस्पति संग्रहालय न केवल वनस्पति शास्त्र के छात्रों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी उपयोगी होते हैं। ये संग्रहालय विभिन्न औषधीय पौधों की पहचान और उनके उपचारात्मक गुणों की जानकारी प्रदान करते हैं।

प्राचीन साहित्य में कई पौधों की जादुई शक्ति का उल्लेख मिलता है। उदाहरण के लिए, आयुर्वेद में औषधीय पौधों का वैज्ञानिक अध्ययन किया गया है। अघारकर बॉटनिकल म्यूजियम में ग्रामीण जनता द्वारा उपयोग किए जाने वाले औषधीय पौधों का प्रदर्शन किया गया है। यहाँ करेला, ढाक, ब्राह्मी, भृंगराज, अश्वगंधा आदि पौधों को प्रदर्शित किया गया है।

भारत में प्रमुख वनस्पति संग्रहालय:

  • बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (पोर्ट ब्लेयर)
  • बॉटनिकल म्यूजियम (जोधपुर, 1972)
  • नेशनल बॉटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (लखनऊ, 1982)

3. प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय:

इन संग्रहालयों की आवश्यकता आम जनता को पर्यावरणीय शिक्षा देने, प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा, वनस्पति और खनिज संपदा की जानकारी प्रदान करने के लिए होती है। मध्य प्रदेश में ही 3 राष्ट्रीय उद्यान और 29 अभयारण्य हैं।

प्राकृतिक इतिहास संग्रहालयों के कुछ प्रमुख उदाहरण:

  • फॉरेस्ट म्यूजियम (असम, दार्जिलिंग, देहरादून)
  • प्राकृतिक इतिहास म्यूजियम (नई दिल्ली, दार्जिलिंग)

4. मानव संग्रहालय:

मानव संग्रहालय जनजातियों की संस्कृति को संरक्षित रखने में सहायक होते हैं। ये संग्रहालय विभिन्न जनजातीय समुदायों की विवाह, रीति-रिवाज, नृत्य, लोककला और शिल्प से संबंधित जानकारी प्रदान करते हैं।

1973 में भोपाल में जनजातीय शोध और विकास संस्थान के रूप में मानव संग्रहालय की स्थापना की गई थी। यह संग्रहालय लोक परंपराओं को संरक्षित रखते हुए समाज को जनजातीय संस्कृति से अवगत कराता है।

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5. स्थल-विशेष संग्रहालय:

ये संग्रहालय किसी विशेष स्थल के उत्खनन या सर्वेक्षण से प्राप्त भग्नावशेषों, कलाकृतियों और वस्तुओं का संग्रह और प्रदर्शन करते हैं। ये संग्रहालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संचालित होते हैं।

भारत में प्रमुख स्थल-विशेष संग्रहालय:

  • सारनाथ संग्रहालय (1904, पहला स्थल-विशेष संग्रहालय)
  • साँची, नागार्जुनकोण्डा और फोर्ट सेंट जॉर्ज संग्रहालय

6. व्यक्ति-विशेष संग्रहालय:

व्यक्ति-विशेष संग्रहालय किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के जीवन, उपलब्धियों और उनके व्यक्तिगत वस्त्रों व वस्तुओं को प्रदर्शित करने के लिए बनाए जाते हैं।

भारत में कुछ प्रमुख व्यक्ति-विशेष संग्रहालय:

  • नेहरू संग्रहालय (नई दिल्ली, इलाहाबाद)
  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय (कोलकाता)
  • महात्मा गांधी स्मारक संग्रहालय (अहमदाबाद)

7. व्यावसायिक प्रतिष्ठान संग्रहालय:

कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपने उद्योगों और व्यवसायों से संबंधित संग्रहालय स्थापित करते हैं। भारत में अहमदाबाद का कैवलको मिल संग्रहालय और बिड़ला संग्रहालय प्रमुख उदाहरण हैं।

8. स्वास्थ्य संग्रहालय:

स्वास्थ्य संग्रहालय मेडिकल संस्थानों और अस्पतालों में स्थापित किए जाते हैं। इनमें शरीर रचना विज्ञान, रोगों के लक्षण, उनके उपचार और स्वास्थ्य शिक्षा से संबंधित जानकारी दी जाती है।

भारत में प्रमुख स्वास्थ्य संग्रहालय:

  • गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कॉलेज म्यूजियम
  • बॉम्बे के सेठ जी. एस. मेडिकल कॉलेज का एनाटॉमी म्यूजियम
  • बड़ौदा का हेल्थ म्यूजियम
  • हैदराबाद का पब्लिक गार्डन हेल्थ म्यूजियम

संग्रहालय (Museum) क्या है?

संग्रहालय (Museum) वह स्थान है जहाँ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, कलात्मक और प्राकृतिक महत्व की वस्तुओं का संग्रह, संरक्षण, अध्ययन और प्रदर्शनी की जाती है। यह ज्ञान, अनुसंधान और शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र होता है, जहाँ लोग अतीत की विरासत को समझ सकते हैं।

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