धारा 2(33) BNS VS धारा 30 IPC: मूल्यवान प्रतिभूति (Valuable Security)
सजा (Punishment)
लागू नहीं (परिभाषा)
संज्ञेय (Cognizable)
लागू नहीं
जमानतीय (Bailable)
लागू नहीं
समझौता योग्य (Compoundable
लागू नहीं
विचारणीय न्यायालय (Court)
लागू नहीं
IPC (पुराना कानून)
धारा 30
‘मूल्यवान प्रतिभूति’ शब्द उस दस्तावेज़ के द्योतक हैं जिसके द्वारा कोई विधिक अधिकार सृजित, विस्तृत, अंतरित… किया जाए।
BNS (नया कानून)
धारा 2(33)
‘मूल्यवान प्रतिभूति’ से ऐसा दस्तावेज़ अभिप्रेत है जिसके द्वारा कोई विधिक अधिकार सृजित, विस्तृत, अंतरित… किया जाए।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
चेक, प्रॉमिसरी नोट, या कोई भी ऐसा दस्तावेज़ शामिल है जिससे कानूनी अधिकार का निर्माण होता हो। IPC 30 अब BNS 2(33) है।
तुलना
इस परिभाषा को IPC 30 से BNS 2(33) में हूबहू रखा गया है।