धारा 46 BNS VS धारा 108A IPC: भारत से बाहर के अपराधों का भारत में दुष्प्रेरण
सजा (Punishment)
परिभाषा (क्षेत्राधिकार)
संज्ञेय (Cognizable)
मुख्य अपराध के अनुसार
जमानतीय (Bailable)
मुख्य अपराध के अनुसार
समझौता योग्य (Compoundable
मुख्य अपराध के अनुसार
विचारणीय न्यायालय (Court)
मुख्य अपराध के अनुसार
IPC (पुराना कानून)
धारा 108A
वह व्यक्ति इस संहिता के अर्थ के अंतर्गत अपराध का दुष्प्रेरण करता है, जो भारत से बाहर और परे किसी ऐसे कार्य के किए जाने का भारत में दुष्प्रेरण करता है… जो भारत में किए जाने पर अपराध होगा।
BNS (नया कानून)
धारा 46
वह व्यक्ति… अपराध का दुष्प्रेरण करता है, जो भारत से बाहर… किसी ऐसे कार्य के किए जाने का भारत में दुष्प्रेरण करता है… जो भारत में किए जाने पर अपराध होगा।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यदि भारत में बैठा कोई व्यक्ति दुबई में बैठे किसी शूटर को हत्या करने का आर्डर देता है, तो वह BNS 46 (IPC 108A) के तहत भारत के कानून द्वारा भारत में ही दंडित किया যাবে।
तुलना
अतिरिक्त-क्षेत्रीय अधिकार (Extra-Territorial Jurisdiction) का नियम BNS 46 में समान है।
Editor-in-Chief Pramod
Founder and Editor-in-Chief at StudyHub. Pramod has spent over 7 years tracking Indian government recruitments and analyzing exam trends. He oversees the StudyHub editorial board, managing a dedicated team of subject-matter experts across History, Polity, Geography, Geology, and General Sciences. His mission is to ensure that every job alert and study resource published on StudyHub is 100% verified, accurate, and helpful for competitive exam aspirants.