Antriksh Anusndhan Free Mock Test – Part 6
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Antriksh Anusndhan Free Mock Test – Part 6
Exam Summary
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Detailed Solutions
निम्नलिखित में से भारत का कौन सा पहला अंतराग्रहीय (इंटरप्लेनेटरी) मिशन है –
(अ) मंगलयान Explanation: मंगलयान व्याख्या : मंगलयान, जिसे Mangal Mission भी कहते हैं, भारत का पहला इंटरप्लेनेटरी मिशन था। मार्स ऑर्बिटर मिशन 5 नवंबर, 2013 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR), भारत से लॉन्च किया गया था। मार्स ऑर्बिटर मिशन 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुंचा। ISRO मंगल पर पहुंचने वाला चौथा अंतरिक्ष एजेंसी बन गया।
राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केन्द्र (एन आर एस सी) कहाँ स्थित है –
(ब) हैदराबाद Explanation: हैदराबाद व्याख्या : राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी) हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी) सुदूर संवेदन उपग्रह डेटा अधिग्रहण और प्रसंस्करण, डेटा प्रसार, हवाई सुदूर संवेदन और आपदा प्रबंधन के लिए निर्णय समर्थन के लिए जिम्मेदार है।
इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के वर्तमान (अगस्त, 2024) अध्यक्ष ____ हैं।
(स) डॉ. एस. सोमनाथ Explanation: डॉ. एस. सोमनाथ व्याख्या : डॉ. एस. सोमनाथ वर्तमान में इसरो के अध्यक्ष हैं।
SpaDeX मिशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है –
(स) SpaDeX मिशन का उद्देश्य केवल सैटेलाइट्स की मरम्मत और इन्फ्रारेड तकनीक से आकाश में जानकारी जुटाना है। Explanation: SpaDeX मिशन का उद्देश्य केवल सैटेलाइट्स की मरम्मत और इन्फ्रारेड तकनीक से आकाश में जानकारी जुटाना है। व्याख्या : SpaDeX मिशन का उद्देश्य केवल सैटेलाइट्स की मरम्मत करना नहीं था। यह मिशन अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स को जोड़ने (डॉकिंग) और अलग करने (अनडॉकिंग) की तकनीक को परखने के लिए था, जो भविष्य के मिशनों जैसे अंतरिक्ष स्टेशन निर्माण, सैटेलाइट मरम्मत, और गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए महत्वपूर्ण है।
नासा द्वारा लॉन्च किए गए SPHEREx और PUNCH मिशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है –
(ब) दोनों मिशन वैंडेनबर्ग स्पेस फ़ोर्स बेस से स्पेसएक्स फ़ॉल्कन 9 रॉकेट पर लॉन्च किए गए थे। Explanation: दोनों मिशन वैंडेनबर्ग स्पेस फ़ोर्स बेस से स्पेसएक्स फ़ॉल्कन 9 रॉकेट पर लॉन्च किए गए थे। व्याख्या : SPHEREx ब्रह्मांड की उत्पत्ति और रीऑनाइज़ेशन के अध्ययन के लिए है, न कि सौर हवा की गति के लिए, जबकि PUNCH सौर हवा और हेलिओस्फ़ेयर पर केंद्रित है। PUNCH का पूरा नाम
SpaDEx का क्या अर्थ है –
(ब) स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट Explanation: स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट व्याख्या : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट (SpaDEx) मिशन के तहत अनडॉकिंग एक्सपेरिमेंट को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह तकनीक भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों जैसे कि अंतरिक्ष स्टेशन बनाना, सैटेलाइट्स की मरम्मत करना और गहरे अंतरिक्ष में मिशन भेजने के लिए बहुत जरूरी है। गौरतलब है कि ISRO ने SDX-01 (Chaser) और SDX-02 (Target) नाम के दो सैटेलाइट्स को 30 दिसंबर 2024 को PSLV-C60 रॉकेट से श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया था। इसके बाद, 16 जनवरी 2025 को ISRO ने इन दोनों सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक आपस में जोड़ दिया, जिससे भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद दुनिया का चौथा देश बन गया, जिसने यह तकनीक हासिल की। फिर, 13 मार्च 2025 को ISRO ने इन दोनों सैटेलाइट्स को सफलतापूर्वक अलग कर दिया, जिससे यह साबित हो गया कि भारत जटिल अंतरिक्ष अभियानों को संभाल सकता है।
प्रथम राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस ____ को मनाया गया था। निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
(द) 23 अगस्त 2024 Explanation: 23 अगस्त 2024 व्याख्या : भारत का पहला राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त 2024 को मनाया गया, जो चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में था।
‘विक्रम 3201’ और ‘कल्पना 3201’ किसके द्वारा विकसित किए गए हैं –
(ब) इसरो और एससीएल Explanation: इसरो और एससीएल व्याख्या : मार्च 2025 में, बेंगलुरु (कर्नाटक) स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और चंडीगढ़ (पंजाब) स्थित सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (एससीएल) ने अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के लिए दो 32-बिट माइक्रोप्रोसेसर, ‘विक्रम 3201’ और ‘कल्पना 3201’ का पहला उत्पादन सौंपा। इन माइक्रोप्रोसेसरों को इसरो के तिरुवनंतपुरम (केरल) स्थित विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) ने एससीएल के साथ साझेदारी में डिजाइन और विकसित किया है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा तीसरा लॉन्च पैड कहाँ बनाया जाएगा –
(अ) श्रीहरिकोटा Explanation: श्रीहरिकोटा व्याख्या : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में तीसरा लॉन्च पैड (TLP) स्थापित करेगा। इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने 3984.86 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है और इसे अगले चार वर्षों में पूरा किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ISRO अपने नए ‘नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल’ (NGLV) पर काम कर रहा है, जो 90 मीटर ऊंचा और 1000 टन वजनी होगा। मौजूदा लॉन्च पैड इस तरह के भारी और बड़े रॉकेट लॉन्च करने के लिए सक्षम नहीं हैं, इसलिए नया लॉन्च पैड बनाया जा रहा है। इस लॉन्च पैड को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि इसमें भविष्य में भारत के मानवयुक्त चंद्र मिशन के लॉन्च की भी सुविधा हो। उन्होंने कहा कि नए लॉन्च पैड में ‘टिलटेबल अंबिलिकल टावर’ (TUT) होगा, जिससे रॉकेट को क्षैतिज रूप में तैयार कर उसे वर्टिकल स्थिति में लाया जा सकेगा। भारतीय अंतरिक्ष परिवहन प्रणालियाँ दो लॉन्च पैड पर पूरी तरह से निर्भर हैं, अर्थात पहला लॉन्च पैड (FLP) और दूसरा लॉन्च पैड (SLP)। FLP को PSLV के लिए 30 साल पहले लागू किया गया था और यह PSLV और SSLV के लिए लॉन्च सहायता प्रदान करता है। SLP की स्थापना मुख्य रूप से GSLV और LVM3 के लिए की गई थी और यह PSLV के लिए स्टैंडबाय के रूप में भी काम करता है।
‘शिव शक्ति स्टेशियों’ या ‘शिव शक्ति बिन्दु’ किसका नाम है – निम्नलिखित विकल्पों में से सेर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
(अ) चन्द्रयान-3 के विक्रम लैंडर का लैंडिंग स्थल Explanation: चन्द्रयान-3 के विक्रम लैंडर का लैंडिंग स्थल व्याख्या : यह चंद्रमा पर चन्द्रयान-3 के लैंडिंग स्थल का नाम है।
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री कौन बने –
(स) शुभांशु शुक्ला Explanation: शुभांशु शुक्ला व्याख्या : भारत के लिए 26 जून अंतरिक्ष क्षेत्र में एक ऐतिहासिक दिन बन गया जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर कदम रखा। इसके साथ ही वह पहले भारतीय बने जो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर पहुंचे और 41 साल बाद किसी भारतीय ने अंतरिक्ष की यात्रा की। इससे पहले 1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के ‘Soyuz T-11’ से उड़ान भरी थी। शुभम शुक्ला एक्सिओम स्पेस के प्राइवेट मिशन Axiom-4 (Ax-4) के तहत अमेरिकी कंपनी SpaceX के ड्रैगन अंतरिक्ष यान ‘Grace’ में सवार होकर अंतरिक्ष पहुंचे। यह उड़ान अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च हुई और करीब 14 घंटे की यात्रा के बाद अंतरिक्ष स्टेशन के ‘Harmony’ मॉड्यूल से जुड़ गई। गौरतलब है कि शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में पहुंचने वाले भारत के दूसरे नागरिक हैं। उनसे पहले 1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के Soyuz T-11 मिशन से अंतरिक्ष की यात्रा की थी। हालांकि, शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंच बनाई है।
निसार उपग्रह को किस रॉकेट द्वारा प्रक्षेपित किया गया –
(ब) जीएसएलवी एफ-16 Explanation: जीएसएलवी एफ-16 व्याख्या : निसार, इसरो और नासा द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया था। इसरो के अनुसार, जीएसएलवी ने निसार को निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इसरो के जीएसएलवी एफ-16 ने लगभग 19 मिनट और लगभग 745 किलोमीटर की उड़ान के बाद सिंथेटिक अपर्चर रडार उपग्रह को इच्छित सूर्य समकालिक ध्रुवीय कक्षा (एसएसपीओ) में स्थापित कर दिया। इस उपग्रह का सफल प्रक्षेपण पृथ्वी के अवलोकन मिशनों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि इसकी दोहरी रडार क्षमता, एल-बैंड और एस-बैंड प्रणालियाँ, क्रायोस्फीयर, पारिस्थितिकी तंत्र और ठोस पृथ्वी के बारे में सटीक डेटा प्रदान करेंगी। निसार (नासा-इसरो सिंथेटिक अपर्चर रडार) एक ऐतिहासिक प्रोजेक्ट है। यह पहला ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसमें धरती को देखने के लिए दो अलग-अलग फ्रीक्वेंसी वाले रडार, नासा का एल-बैंड और इसरो का एस-बैंड, का इस्तेमाल किया गया है।
निम्नलिखित में से कौनसी एजेंसी भारत में आपदा प्रबंधन के लिए उपग्रह डेटा अधिग्रहण और प्रसंस्करण, डेटा प्रसार और निर्णय समर्थन के लिए उत्तरदायी है –
(ब) राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एन.आर.एस.सी.) Explanation: राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एन.आर.एस.सी.) व्याख्या : राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (National Remote Sensing Centre – NRSC), हैदराबाद, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की एक इकाई है, जो आपदा प्रबंधन के लिए उपग्रह डेटा अधिग्रहण, प्रसंस्करण, प्रसार, और निर्णय समर्थन के लिए उत्तरदायी है। यह बाढ़, भूकंप, और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के लिए डेटा प्रदान करता है।
कुलसेकरपट्टिनम अंतरिक्ष बंदरगाह किस राज्य में बनाया जा रहा है –
(ब) तमिलनाडु Explanation: तमिलनाडु व्याख्या : भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं के लिए एक बड़े कदम के रूप में, इसरो (ISRO) ने घोषणा की है कि तमिलनाडु के तूतीकोरिन ज़िले के कुलसेकरपट्टिनम में बन रहा नया प्रक्षेपण केंद्र (लॉन्च कॉम्प्लेक्स) दिसंबर 2026 तक पूरी तरह से संचालित हो जाएगा। यह भारत का दूसरा अंतरिक्ष बंदरगाह होगा, जो श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के साथ कार्य करेगा और मुख्य रूप से स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV) के प्रक्षेपण के लिए समर्पित होगा। यह परिसर 2300 एकड़ भूमि में बन रहा है। इस अंतरिक्ष केंद्र से प्रति वर्ष लगभग 25 प्रक्षेपण होने की संभावना है। यहां से 500 किलोग्राम का पेलोड 400 किलोमीटर की ऊंचाई तक ले जाने में सक्षम लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) का उपयोग करके उपग्रहों का प्रक्षेपण किया जाएगा।
भारत का भविष्य मिशन, जिसे इसरो द्वारा संचालित किया जा रहा है और जिसका उद्देश्य इंसानों को अंतरिक्ष में भेजना है, वह है _______।
(द) गगनयान Explanation: गगनयान व्याख्या : गगनयान परियोजना में 3 सदस्यों के चालक दल को 3 दिनों के मिशन के लिए 400 कि.मी. की कक्षा में प्रक्षेपित करके और उन्हें भारतीय समुद्री जल में उतारकर सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाकर मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता के प्रदर्शन की परिकल्पना की गई है।
21 जुलाई, 1969 को नील आर्मस्ट्राँग के बाद चन्द्रमा पर पहला कदम रखने वाला कौन था –
(द) एडविन एल्ड्रिन Explanation: एडविन एल्ड्रिन व्याख्या : 20 जुलाई 1969 को अपोलो 11 मिशन के दौरान नील आर्मस्ट्रांग ने चन्द्रमा पर पहला कदम रखा। उनके बाद एडविन एल्ड्रिन ने चन्द्रमा पर कदम रखा। वे चंद्रमा पर “द ईगल” नाम के मॉड्यूल में उतरे।जिस चंद्र स्थल पर वे उतरे, उसका नाम “सी ऑफ ट्रानक्विलिटी” है।कोलिन्स चंद्रमा के चारों ओर कक्षा में रहे और प्रयोग किए और तस्वीरें लीं।
निम्नलिखित में से किस देश ने ग्लोनास (GLONASS) जी.पी.एस. तकनीक विकसित की है –
(द) रूस Explanation: रूस व्याख्या : GLONASS (Global Navigation Satellite System) रूस द्वारा विकसित एक उपग्रह नेविगेशन प्रणाली है, जो GPS का विकल्प है।
चंद्रयान-I _____ -है। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
(ब) एक चंद्र-अन्वेषी शलाका (परिक्षित्र) Explanation: एक चंद्र-अन्वेषी शलाका (परिक्षित्र) व्याख्या : चंद्रयान-1, चंद्रमा के लिए भारत का पहला मिशन, 22 अक्टूबर, 2008 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, शार, श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रमोचित किया गया था। अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा की सतह से 100 किमी की ऊंचाई पर चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा की और चंद्रमा के रासायनिक, खनिज और फोटो-भौगोलिक मानचित्रण प्रदान किए। अंतरिक्ष यान भारत और अन्य देशों में विकसित कुल 11 वैज्ञानिक उपकरणों को ले गया। 29 अगस्त, 2009 को अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट जाने के बाद मिशन पूरा हुआ।
निम्नलिखित उपग्रह सेवाओं पर विचार करें : A. प्रसारण उपग्रह सेवा (BSS) B. मोबाइल उपग्रह सेवा (MSS) C. पृथ्वी अन्वेषण उपग्रह सेवा (EESS) उपरोक्त में से कौन सी वैध उपग्रह आधारित सेवाएँ हैं –
(द) A, B और C सभी Explanation: A, B और C सभी व्याख्या : BSS (प्रसारण), MSS (मोबाइल), EESS (पृथ्वी अन्वेषण) सभी ITU-R द्वारा मान्यता प्राप्त वैध उपग्रह सेवाएँ हैं।
उपग्रहों के उद्देश्यों के संबंध में स्तंभ-I और स्तंभ-II का मिलान कीजिए और सही विकल्प चुनिए : स्तंभ-I (संचार उपग्रह) स्तंभ-II (उद्देश्य) A. जीसैट-एन2 i. डीटीएच अनुप्रयोग आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए। B. जीसैट-24 ii. संपूर्ण भारत में ब्रॉडबैंड और उड़ान के दौरान कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए। C. सीएमएस-01 iii. विस्तारित C बैंड में सेवा प्रदान करने के लिए। A B C
(द) ii i iii Explanation: ii i iii व्याख्या : जीसैट-एन2 →संपूर्ण भारत में ब्रॉडबैंड और उड़ान के दौरान कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए (Ka-बैंड HTS सैटेलाइट, 2024 लॉन्च)। जीसैट-24 → डीटीएच अनुप्रयोग आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए (Ku-बैंड, 2022 लॉन्च, टाटा प्ले को लीज)। सीएमएस-01 → विस्तारित C बैंड में सेवा प्रदान करने के लिए (2020 लॉन्च, GSAT-12 का रिप्लेसमेंट)।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें : a. तुल्यकाली (जिओस्टेशनरी) उपग्रह भूतुल्यकालिक (विषुवत् तल) तल में स्थित कक्षा में स्थापित होता है। b. तुल्यकाली (जिओस्टेशनरी उपग्रह का आर्वत काल 24 घंटे है। c. तुल्यकाली (जिओस्टेशनरी) उपग्रह का आवर्त काल 365 दिन है। d. तुल्यकाली (जिओस्टेशनरी) उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन की दिशा के अनुसार घूमता है। e. तुल्यकाली (जिओस्टेशनरी) उपग्रह विषुवत् रेखा के ऊपर एक स्थान विशेष पर सदैव नहीं रहेगा। नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
(अ) a, b, d Explanation: a, b, d व्याख्या : जिओस्टेशनरी उपग्रह विषुवत् तल में होते हैं, उनका आवर्त काल पृथ्वी के घूर्णन के बराबर 24 घंटे है, और वे पृथ्वी की दिशा में घूमते हैं ताकि एक स्थान पर स्थिर दिखें।
‘मिशन दृष्टि’ उपग्रह के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसे एक निजी भारतीय स्टार्टअप ने विकसित किया है। 2. इसे SpaceX के फाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च किया गया। 3. इसमें केवल ऑप्टिकल कैमरा लगा है, रडार नहीं। 4. यह हर मौसम में स्पष्ट चित्र प्रदान कर सकता है। सही विकल्प चुनिए:
(अ) केवल 1, 2 और 4 Explanation: केवल 1, 2 और 4 व्याख्या : बेंगलुरु स्थित एक निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सी आई द्वारा विकसित उपग्रह मिशन दृष्टि रविवार को स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट की मदद से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इसकी मदद से प्रतिकूल मौसम आपदा के असर, कृषि और सीमा निगरानी से जुड़ी तस्वीरें प्रभावी ढंग से मिल सकेंगी। रविवार को 190 किलोग्राम वजनी मिशन दृष्टि कैलिफोर्निया से लॉन्च किया गया। यह किसी भारतीय निजी कंपनी द्वारा निर्मित अब तक का सबसे बड़ा उपग्रह है। इस विशेष उपग्रह की विशेषता यह है कि इसमें एक ही उपग्रह पर मल्टी स्पेक्ट्रल कैमरा और सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) इमेजर लगा हुआ है। दृष्टि मिशन का मूल आधार ऑप्टोसार नामक एक नवीन हाइब्रिड प्रणाली है, जो एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑप्टिकल इमेजिंग और सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) को संयोजित करने वाली तकनीक है।
ऑप्टोसार तकनीक के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह ऑप्टिकल और रडार दोनों तकनीकों का संयोजन है। 2. यह बादलों और अंधेरे में भी काम कर सकती है। 3. यह केवल रंगीन तस्वीरें ही लेती है। सही विकल्प चुनिए:
(अ) केवल 1 और 2 Explanation: केवल 1 और 2 व्याख्या : बेंगलुरु स्थित एक निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप गैलेक्सी आई द्वारा विकसित उपग्रह मिशन दृष्टि रविवार को स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट की मदद से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। यह किसी भारतीय निजी कंपनी द्वारा निर्मित अब तक का सबसे बड़ा उपग्रह है। इस विशेष उपग्रह की विशेषता यह है कि इसमें एक ही उपग्रह पर मल्टी स्पेक्ट्रल कैमरा और सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) इमेजर लगा हुआ है। दृष्टि मिशन का मूल आधार ऑप्टोसार नामक एक नवीन हाइब्रिड प्रणाली है, जो एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑप्टिकल इमेजिंग और सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) को संयोजित करने वाली तकनीक है। परंपरागत रूप से उपग्रह या तो ऑप्टिकल सेंसर या फिर रडार पर निर्भर करते हैं। ऑप्टिकल सिस्टम तस्वीरों के समान विस्तृत और कलर्ड फोटो कैप्चर करते हैं, लेकिन बादल छाए रहने और अंधेरे से ये जमीनी तस्वीर स्पष्ट नहीं मिलती। दूसरी ओर, रडार सिस्टम बादलों के पार देखने के लिए रेडियो तरंगों का उपयोग करते हैं और रात में भी काम करते हैं, हालांकि वे आमतौर पर कम स्पष्ट छवियां उत्पन्न करते हैं। ऑप्टो सार एक ही उपग्रह में दोनों तकनीकों को एकीकृत करके इस अंतर को पाटता है। यह एक ही बार में ऑप्टिकल और रडार डाटा को एक साथ कैप्चर करता है, फिर आउटपुट को एक एकीकृत छवि में मिला देता है। परिणामस्वरूप हर मौसम में बादलों के रहते हुए भी पृथ्वी की अत्यंत विस्तृत तस्वीरें मिल सकेंगी। यह भारत के सबसे उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले उपग्रहों में से एक है।
भारत के पहले स्वदेशी प्रक्षेपण यान SLV-3 द्वारा कौनसे उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजा गया?
(स) रोहिणी Explanation: रोहिणी व्याख्या : 18 जुलाई 1980 को SLV-3 ने रोहिणी-RS-1 उपग्रह को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया। यह भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण था।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन जीएसएलवी-एफ 16 के लिए सही नहीं है ?
(स) जीएसएलवी-एफ 16 मिशन सूर्य तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा में GSLV के साथ तीसरा मिशन है। Explanation: जीएसएलवी-एफ 16 मिशन सूर्य तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा में GSLV के साथ तीसरा मिशन है। व्याख्या : GSLV (Geosynchronous Satellite Launch Vehicle) को मुख्य रूप से भू-तुल्यकालिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में उपग्रहों को स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, न कि सूर्य तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा (SSO) के लिए।
