Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 2

Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 2

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Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 2

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हुरडा सम्मेलन (1734 A.D.) की अध्यक्षता किसने की?

(द) महाराणा जगत सिंह द्वितीय Explanation: महाराणा जगत सिंह द्वितीय व्याख्या : सवाई जयसिंह ने राजस्थान में बढ़ती हुई मराठा शक्ति का प्रतिरोध करने के लिए मेवाड़ के जगतसिंह द्वितीय की अध्यक्षता में 17 जुलाई, 1734 ई. को हुरड़ा सम्मेलन का आयोजन भीलवाड़ा में करवाया, किन्तु राजपूत रियासतों को एकजुट करने का यह प्रयत्न विफल हो गया।

कोकिलदेव ने आमेर को कछवाहा राजवंश कब बनाया –

(ब) 1207 ई. Explanation: 1207 ई. व्याख्या : दुल्हाराय और मारूणी के पुत्र कोकिल देव ने मीणाओं से आमेर को विजित कर उसे अपनी राजधानी बनाया तभी से यह राजवंश आमेर के कछवाह वंश के नाम से विख्यात है। कोकिल देव ने 1207 ई. में आमेर को राजधानी बनाया। कुछ पुस्तकों में इसका समय 1035ई. बताया गया है।

शाहजहाँ द्वारा शाहशुजा के विरुद्ध भेजी गई मुगल सेना का निम्नलिखित में से किस शासक ने नेतृत्व किया था –

(स) मिर्जा राजा जयसिंह Explanation: मिर्जा राजा जयसिंह व्याख्या : मिर्जाराजा जयसिंह (1621-1667 ई.) द्वारा शाहशुजा के विरुद्ध भेजी गई मुगल सेना का नेतृत्व किया था।

जयपुर के शासक जयसिंह-II को ‘सवाई’ की उपाधि दी थी –

(अ) औरंगजेब ने Explanation: औरंगजेब ने व्याख्या : मिर्जा राजा जयसिंह के बाद रामसिंह-प्रथम (1667-82 ई.) और बिशन सिंह (1682-1700 ई.) शासक बने। बिशन सिंह के उपरान्त मात्र 12 वर्ष की अवस्था में जयसिंह द्वितीय शासक बना। इसका मूल नाम विजयसिंह था और उसके छोटे भाई का नाम जयसिंह था। औरंगजेब ने दोनों भाईयों के नाम परस्पर परिवर्तित करके उसे सवाई की उपाधि से विभूषित किया और वह सवाई जयसिंह के नाम से विख्यात हो गया।

‘गिंगोली (परबतसर) का युद्ध’ (1807 ई.) लड़ा गया था –

(स) जयपुर और जोधपुर के मध्य Explanation: जयपुर और जोधपुर के मध्य व्याख्या : गिंगोली का युद्ध (1807 ई.) (डीडवाना कुचामन) : इनके समय जयपुर राज्य एवं जोधपुर महाराजा मानसिंह के मध्य मेवाड़ के महाराणा भीमसिंह की पुत्री कृष्णा कुमारी के विवाह को लेकर विवाद हुआ, जिसमें जयपुर की सेना ने जोधपुर की सेना को मार्च, 1807 ई. में ‘गंगोली’ के निकट (परबतसर) युद्ध में हराया।

1743 में सवाई जयसिंह की मृत्यु के बाद जयपुर की गद्दी पर कौन आसीन हुआ –

(ब) ईश्वरीसिंह Explanation: ईश्वरीसिंह व्याख्या : महाराजा सवाई जयसिंह की मृत्यु के बाद उनके पुत्र ईश्वरीसिंह ने राजकाज संभाला। इन्हें जागृतदेव व भौमियादेव भी कहते हैं।

सर वी. टी. कृष्णामाचारी किस राज्य के दीवान थे –

(द) जयपुर Explanation: जयपुर व्याख्या : सर वी. टी. कृष्णामाचारी, महाराजा मानसिंह के समय जयपुर के दीवान थे।

सुमेलित कीजिए: (A) मारवाड़ (i) सिसोदिया (B) मेवाड़ (ii) राठौड़ (C) आमेर (iii) हाडा (D) बूंदी (iv) कछवाहा

(ब) (A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(iii) Explanation: (A)-(ii), (B)-(i), (C)-(iv), (D)-(iii) व्याख्या : राज्‍य राजवंश मारवाड़ राठौड़ मेवाड़ सिसोदिया आमेर कछवाहा बूंदी हाडा

किस राजपूत शासक को अकबर ने “अमीर-उल-उमरा” की उपाधि दी थी –

(स) भगवन्तदास Explanation: भगवन्तदास व्याख्या : अकबर ने भारमल की मृत्यु उपरान्त उसके पुत्र भगवानदास को ‘राजा’ की उपाधि से विभूषित कर आमेर का शासक घोषित कर दिया। अकबर ने भगवानदास को 5000 का मनसब तथा पंजाब का सूबेदार (1582-89 ई.) नियुक्त किया। मुगल सम्राट अकबर ने राजा भारमल को अमीर-उल-उमरा की उपाधि से सम्मानित किया।

अकबर ने सर्वोच्च मनसब (सात हजारी) किस राजपूत शासक को दिया था –

(स) राजा मानसिंह Explanation: राजा मानसिंह व्याख्या : अकबर ने मानसिंह को 7000 का मनसब व फर्जन्द (बेटा) की उपाधि प्रदान की।

कतिपय राजपूत शासकों की सूची नीचे दी जा रही है – 1. राणा सांगा 2. चन्द्र सेन 3. मानसिंह 4. रायसिंह इनमें से किन्ही दो का चयन करें जिन्होंने मुगलों का सहयोग किया –

(अ) 3 और 4 Explanation: 3 और 4 व्याख्या : भगवान दास की मृत्यु के बाद अकबर ने इसके पुत्र मानसिंह को मिर्जाराजा और फर्जन्द (पुत्र) की उपाधियों से विभूषित कर आमेर का शासक घोषित कर दिया। मान सिंह अकबर के नौ रत्नों में से एक थे। रायसिंह ने अपनी उपाधि ‘महाराजाधिराज व महाराजा’ रखी। अकबर ने रायसिंह ‘राय’ उपाधि व 4000 मनसब दी।

बादशाह अकबर की पत्नी हीर कुंवारी, जिन्हें जोधा बाई के नाम से भी जाना जाता है, किस राजा की पुत्री थीं –

(ब) भारमल Explanation: भारमल व्याख्या : सांभर नामक स्थान पर 6 फरवरी, 1562 ई. को भारमल ने अपनी कन्या हरकाबाई (शाहीबाई/यौद्धाबाई) का विवाह अकबर से कर दिया। भारमल पहला राजपूत शासक था जिसने मुगलों की अधीनता को स्वीकार कर उनसे वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किए। अकबर ने हरकाबाई को ‘मरियम उज जमानी’ की उपाधि से विभूषित किया था।

____ के स्वागत के लिए जयपुर शहर को गुलाबी रंग में रंगा गया था।

(अ) अल्बर्ट एडवर्ड Explanation: अल्बर्ट एडवर्ड व्याख्या : जब प्रिंस अल्बर्ट जयपुर आये तो उनके सम्मान में जयपुर शहर को गुलाबी रंग से रंगवाया। गुलाबी रंग स्वागत् तथा सेवा भाव का प्रतीक है। वर्तमान में यह गुलाबी नगर के नाम से विश्व भर में प्रसिद्ध है।

जयपुर के संस्थापक महाराजा जय सिंह द्वितीय के पिता कौन थे –

(स) महाराजा बिशन सिंह Explanation: महाराजा बिशन सिंह व्याख्या : बिशन सिंह के उपरान्त मात्र 12 वर्ष की अवस्था में जयसिंह द्वितीय शासक बना। इसका मूल नाम विजयसिंह था और उसके छोटे भाई का नाम जयसिंह था। औरंगजेब ने दोनों भाईयों के नाम परस्पर परिवर्तित करके उसे सवाई की उपाधि से विभूषित किया और वह सवाई जयसिंह के नाम से विख्यात हो गया।

मुगल बादशाह अकबर की राजस्थान के राजाओं के साथ मित्रता और वैवाहिक संबंधों की नीति को किस रूप में नामित किया गया था –

(ब) राजपूत नीति Explanation: राजपूत नीति व्याख्या : अकबर की राजपूत नीति अद्वितीय थी क्योंकि इसने न केवल राजपूतों और मुगल शासकों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने में मदद की बल्कि अकबर को अपने साम्राज्य के समेकन में भी मदद की।

किस राजपूत राजा ने हरिनाथ, सुन्दरदास एवं जगन्नाथ जैसे विद्वानों को संरक्षण प्रदान किया था –

(अ) आमेर के महाराजा मानसिंह Explanation: आमेर के महाराजा मानसिंह व्याख्या : ‘मानचरित्र’ तथा ‘महाराजकोष’ नामक ग्रन्थ मानसिंह के शासनकाल में रचे गये थे। इसके समय में राय मुरारीदास ने ‘मान-प्रकाश’ तथा जगन्नाथ ने ‘मानसिंह कीर्ति मुक्तावली’ की रचना की थी। इसके समय में हरिनाथ, सुन्दरदास भी दरबारी कवि थे। इसके समय में दादूदयाल ने ‘वाणी’ की रचना की थी।

निम्नलिखित में से किस शहर में जयपुर नरेश द्वारा वेधशाला का निर्माण नहीं कराया गया –

(ब) उज्जैन Explanation: उदयपुर व्याख्या : सवाई जयसिंह ने जयपुर, दिल्ली, मथुरा, उज्जैन, और बनारस में पाँच वैद्यशालाएँ स्थापित की।

किस राजपूत राजा ने “गंधर्व बाइसी” के नाम से विद्वानों का एक समूह बनाया था –

(अ) सावई प्रताप सिंह Explanation: सावई प्रताप सिंह व्याख्या : सवाई प्रतापसिंह के दरबार में 22 कवि, 22 संगीतज्ञ, 22 नाटककार थे जिसे संयुक्त रूप से गंधर्व बाईसी कहते हैं।

निम्नलिखित में से किसने जयपुर शहर की स्थापना की थी –

(अ) सवाई राजा जय सिंह द्वितीय Explanation: सवाई राजा जय सिंह द्वितीय व्याख्या : सवाई जयसिंह ने 18 नवम्बर, 1727 ई. जयपुर नगर की नींव रखी और उसे अपनी नवीन राजधानी (पहली दौसा, दूसरी जमवारामगढ़, तीसरी आमेर) बनाया। इसका वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य था। नींव पंडित जगन्नाथ सम्राट द्वारा रखी गयी और इसकी जानकारी बख्तराम द्वारा रचित ग्रंथ बुद्धि विलास में मिलती है।

हल्दीघाटी के युद्ध में मुगल सम्राट अकबर की सेना का नेतृत्व किसने किया था –

(द) मान सिंह प्रथम Explanation: मान सिंह प्रथम व्याख्या : हल्दीघाटी का युद्ध 1576 ई . में लड़ा गया था। मान सिंह अकबर का सेनापति था।

निम्न में से कौन से कछवाहा शासक ने मीणाओं को हराकर आमेर को अपनी राजधानी बनाया –

(द) कोकिलदेव Explanation: कोकिलदेव व्याख्या : दुल्हाराय और मारूणी के पुत्र कोकिल देव ने मीणाओं से आमेर को विजित कर उसे अपनी राजधानी बनाया तभी से यह राजवंश आमेर के कछवाह वंश के नाम से विख्यात है।

कछवाहा राजवंश के संस्थापक थे –

(ब) दूल्हे राय Explanation: दूल्हे राय व्याख्या : दौसा में चौहान और बड़गुर्जरों का शासन था। लेकिन आपसी शत्रुता बढ़ने पर चौहानों ने अपने जवाई दुल्हाराय को आमंत्रित किया। दुल्हाराय ने बड़गुर्जरों को पराजित कर दिया। रालपसी ने दौसा का क्षेत्र दुल्हाराय को दे दिया। दुल्हाराय ने अपने पिता सोढ़ा देव को दौसा का शासक बनाया।

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1) जयपुर की स्थापना 1727 में कछवाहा राजपूत शासक जय सिंह द्वितीय ने की थी। 2) 2019 में, यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति ने जयपुर को विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया। 3) शहर की योजना विद्याधर भट्टाचार्य ने बनाई थी। नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनिए :

(स) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : सवाई जयसिंह ने 18 नवम्बर, 1727 ई. जयपुर नगर की नींव रखी और उसे अपनी नवीन राजधानी (पहली दौसा, दूसरी जमवारामगढ़, तीसरी आमेर) बनाया। इसका वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य था। नींव पंडित जगन्नाथ सम्राट द्वारा रखी गयी और इसकी जानकारी बख्तराम द्वारा रचित ग्रंथ बुद्धि विलास में मिलती है। 2019 में, यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति ने जयपुर को विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया।

हवा महल राजस्थान के किस राजपूत वंश द्वारा बनवाया गया था –

(ब) कछवाहा Explanation: कछवाहा व्याख्या : सवाई प्रतापसिंह ने 1799 ई. को जयपुर में हवामहल का निर्माण करवाया। हवामहल 5 मंजिला इमारत है, जिसमें 953 खिड़कियाँ हैं। इसका शिल्पी लालचन्द था।

सम्राट अकबर ने 7000 का मनसब एवं फर्जन्द की उपाधि किसे प्रदान की –

(अ) मानसिंह Explanation: मानसिंह व्याख्या : अकबर ने मानसिंह को 7000 का मनसब व फर्जन्द (बेटा) की उपाधि प्रदान की।

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