Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 1

Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 1

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Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 1

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आमेर के राजा मान सिंह 1587 से 1594 तक किस प्रांत के सूबेदार थे –

(स) बिहार Explanation: बिहार व्याख्या : मानसिंह 1587 से 1594 ई. तक बिहार के सुबेदार था। 1589 ई. में भगवान दास की मृत्यु के कारण मानसिंह का राज्याभिषेक पटना (बिहार) में हुआ था।

प्रथम बार सात-हजारी के मनसब और मिर्जा राजा की उपाधि प्राप्त करने वाला आमेर का शासक था :

(ब) मानसिंह Explanation: मानसिंह व्याख्या : भगवान दास की मृत्यु के बाद अकबर ने इसके पुत्र मानसिंह को मिर्जाराजा और फर्जन्द (पुत्र) की उपाधियों से विभूषित कर आमेर का शासक घोषित कर दिया। मान सिंह अकबर के नौ रत्नों में से एक थे। अकबर ने मानसिंह को 7000 का मनसब व फर्जन्द (बेटा) की उपाधि प्रदान की।

मानसिंह ने किस प्रांत की सूबेदारी के दौरान ईसा खाँ, सुलेमान और केदार राय को नियंत्रित किया –

(स) बंगाल Explanation: बंगाल व्याख्या : मानसिंह की सेवाओं से प्रसन्न होकर 1594 ई. में सम्राट ने उसे बंगाल सूबेदार बनाया। सबसे पहले उसने सूबे की राजधानी टाण्डा से बदल कर राजमहल कर दी, जिसकी सैनिक स्थिति तका जलवायु सन्तोषजनक थी। उसने पूर्वी बंगाल के विद्रोहियों को, जिनमें ईसाखाँ, सुलेमान और केदारराय मुख्य थे, दबाया।

अकबर द्वारा मानसिंह को निम्नलिखित किन मुगल प्रांतों का सुबेदार (राज्यपाल) नियुक्त किया गया था – (a) काबुल (b) गुजरात (c) बिहार (d) बंगाल नीचे दिए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए –

(ब) c और d Explanation: a, c और d व्याख्या : कुंवर मान सिंह को 1585 ई.वी. में काबुल के सूबेदार या वायसराय के रूप में नियुक्त किया गया था। बाद में बिहार और बंगाल दोनों प्रांतों के लिए मान सिंह को वाइसराय के रूप में नियुक्त किया गया। अकबर ने मान सिंह से प्रसन्न होकर 7000 मनसब दिए। कुंवर मान सिंह आमेर के राजकुमार थे और वे भगवंत दास के पुत्र थे।

जयसिंह को मिर्जा राजा की उपाधि किसने दी थी –

(स) शाहजहाँ Explanation: शाहजहाँ व्याख्या : शाहजहाँ ने 1638 ई. में जयसिंह को मिर्जा राजा की पदवी से विभूषित किया।

उस समुच्चय को चुनिए जिसके सभी शहरों में सवाई जयसिंह द्वारा वेधशालाएँ बनवाई गई हैं।

(अ) मथुरा, उज्जैन, दिल्ली, बनारस Explanation: मथुरा, उज्जैन, दिल्ली, बनारस व्याख्या : सवाई जयसिंह ने जयपुर, दिल्ली, मथुरा, उज्जैन, और बनारस में पाँच वैद्यशालाएँ स्थापित की। सबसे बड़ी वैद्यशाला जयपुर का जंतरमंतर है जिसकी स्थापना 1728 ई में की गई।

जयपुर के किस शासक ने अपनी पुत्री का विवाह शहाजादा सलीम से 1585 ई. में किया –

(स) भगवन्त दास Explanation: भगवन्त दास व्याख्या : भगवानदास ने अपनी पुत्री मानबाई का विवाह अकबर के पुत्र सलीम से किया जिससे खुसरो नामक शहजादे का जन्म हुआ।

जहांगीर ने मुग़ल बादशाह बनने के बाद में किस शासक के मनसब को कम कर दिया –

(स) मानसिंह Explanation: मानसिंह व्याख्या : 1605 ई. में अकबर की मृत्यु के बाद उसका पुत्र सलीम नूरूद्दीन जहाँगीर के नाम से मुगल साम्राज्य का शासक बना। जहाँगीर ने मानसिंह को बंगाल नियुक्त कर दिया और खुसरो के विद्रोह का अन्त कर गुरु अर्जुनदेव सिंह को मृत्युदण्ड दे दिया। मानसिंह का महत्त्व जहाँगीर के समय में उतना न रह सका।

जयपुर रियासत के पचरंगा ध्वज को किस शासक द्वारा बनवाया गया –

(अ) मान सिंह Explanation: मान सिंह व्याख्या : महाराजा मानसिंह ने रियासतों को हराकर चार रंग ( पीला, लाल, हरा और काला) के झंडे हासिल किए थे। इसमें पांचवां आमेर रियासत का सफेद रंग मिलाकर पचरंगा झंडा बनाया गया, जिसको जयपुर रियासत का राजकीय ध्वज बनाया गया।

निम्न में से जयपुर के किस शासक ने सर्वप्रथम नागा के दादूपंथियों को सेना में भर्ती किया था –

(अ) सवाई जय सिंह Explanation: सवाई जय सिंह व्याख्या : दादूपंथियों को जयपुर सेना में नागा के नाम से भर्ती की जाती थी। सवाई जय सिंह ने सर्वप्रथम दादूपंथियों को सेना में भर्ती किया।

जयसिंह द्वितीय ने निम्न में से किस जगह वैद्यशाला नहीं बनवाई –

(अ) आगरा Explanation: आगरा व्याख्या : सवाई जयसिंह ने जयपुर, दिल्ली, मथुरा, उज्जैन, और बनारस में पाँच वैद्यशालाएँ स्थापित की।

निम्नलिखित आमेर के शासको में से किसने तीन मुगल बादशाहों क्रमशः जहाँगीर, शाहजहाँ एवं औरंगजेब के शासनकाल में मुगल दरबार में सेवायें दीं –

(द) मिर्जा राजा जयसिंह Explanation: मिर्जा राजा जयसिंह व्याख्या : भावसिंह के उपरान्त जयसिंह-प्रथम शासक बना। जयसिंह प्रथम ने तीन मुगल सम्राटों जहाँगीर (1605-1627 ई.), शाहजहाँ (1628-1658 ई.) और औरंगजेब (1658-1707 ई.) की सेवा की।

पुरन्दर की सन्धि (1665 AD) किसके मध्य हुई थी –

(द) शिवाजी – मिर्जा राजा जयसिंह Explanation: शिवाजी – मिर्जा राजा जयसिंह व्याख्या : मिर्जाराजा जयसिंह ने शिवाजी को अधीनता स्वीकार करने के लिए विवश कर दिया। शिवाजी और मिर्जाराजा जयसिंह के मध्य 11 जून, 1665 ई. को पुरन्दर की सन्धि सम्पन्न हुई। जिसके अनुसार शिवाजी ने पहली बार मुगलों की अधीनता को स्वीकार किया।

काबुल में अकबर के विरुद्ध हुए विद्रोह को किसने 1585 ई. में सफलतापूर्वक दबाया –

(द) मान सिंह Explanation: मान सिंह व्याख्या : सम्राट ने मानसिंह की सेवा से प्रसन्न होकर उसे सिन्धु प्रदेश का प्रमुख अधिकारी बना दिया और जब 30 जुलाई 1585 ई. में मिर्जा की मृत्यु हो गयी और उसके पुत्रों के अल्पवयस्क होने से स्थानीय सामन्तों ने काबुल पर अधिकार कर लिया, तो इस स्थिति से लाभ उठाने के लिए कुँवर मानसिंह को ससैन्य काबुल जाने का आदेश मिला। आपसी फूट का लाभ उठाफर मानसिंह ने काबुल पर मुगल शक्ति का अधिकार स्थापित करने में सफलता दिखायी।

किस मुगल शासक ने विजय सिंह को आमेर का शासक घोषित किया और आमेर का नाम मोमीनाबाद रखा –

(ब) बहादुर शाह Explanation: बहादुर शाह व्याख्या : जून, 1707 को जजाऊ का युद्ध (इलाहाबाद, यूपी) हुआ जिसमें सवाई जयसिंह ने आजम का समर्थन किया। आजम पराजित हुआ और मुअज्जम विजित हुआ और उसने बहादुरशाह प्रथम के नाम से स्वयं को मुगल साम्राज्य का शासक घोषित कर दिया तथा आमेर का नाम बदलकर मोमिनाबाद/इस्लामाबाद रखा। बहादुरशाह प्रथम ने सवाई जयसिंह को आमेर से निष्कासित करके उसके छोटे भाई विजयसिंह को आमेर का शासक घोषित कर दिया।

आमेर के जयसिंह – I को “मिर्जा राजा” की उपाधि किसने दी थी –

(स) शाहजहाँ Explanation: शाहजहाँ व्याख्या : शाहजहाँ ने जयसिंह को 4000 का मनसबदार बनाकर सम्मानित किया और इसे महावन के जाटों को दबाने के लिए भेजा। 1630 ई. में उसके पद में भी वृद्धि की गयी। सम्राट शाहजहाँ राजा के इन साहसी कार्यों से बहुत प्रभावित हुआ और उसके मनसब को 5000 कर दिया। जयसिंह को शुजा के साथ कन्धार भेजा गया। शाहजहाँ ने 1638 ई. में उसे मिर्जा राजा की पदवी से विभूषित किया।

जयपुर शहर की स्थापना कब हुई थी –

(स) 1727 ई. Explanation: 1727 ई. व्याख्या : सवाई जयसिंह ने 18 नवम्बर, 1727 ई. जयपुर नगर की नींव रखी और उसे अपनी नवीन राजधानी (पहली दौसा, दूसरी जमवारामगढ़, तीसरी आमेर) बनाया। इसका वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य था। नींव पंडित जगन्नाथ सम्राट द्वारा रखी गयी और इसकी जानकारी बख्तराम द्वारा रचित ग्रंथ बुद्धि विलास में मिलती है।

निम्न में से किस स्थान पर सवाई जयसिंह द्वारा वेधशाला नहीं बनवाई गई –

(अ) दिल्ली Explanation: ग्वालियर व्याख्या : सवाई जयसिंह ने जयपुर, दिल्ली, मथुरा, उज्जैन, और बनारस में पाँच वैद्यशालाएँ स्थापित की।

आमेर के किस शासक को अकबर ने ‘फर्जन्द’ की उपाधि दी थी –

(स) मानसिंह Explanation: मानसिंह व्याख्या : भगवान दास की मृत्यु के बाद अकबर ने इसके पुत्र मानसिंह को मिर्जाराजा और फर्जन्द (पुत्र) की उपाधियों से विभूषित कर आमेर का शासक घोषित कर दिया। मान सिंह अकबर के नौ रत्नों में से एक थे।

निम्नलिखित में से कौन आमेर के शासक मानसिंह-I के संरक्षण में था –

(अ) नरोत्तम कवि Explanation: नरोत्तम कवि व्याख्या : नरोत्तम कवि आमेर के राजा मान सिंह प्रथम के संरक्षण में था।

“बारा कोटड़ी” के नाम से कौनसा राज्य प्रसिद्ध था –

(अ) आमेर Explanation: आमेर व्याख्या : पृथ्वीराज कछवाह ने अपने राज्य को 12 भागों में विभाजित कर अपने पुत्रों में बांट दिया जिन्हें बारह कोटड़ी कहा गया।

तुंगा की लड़ाई लड़ी गयी थी –

(ब) 28 जुलाई, 1787 Explanation: 28 जुलाई, 1787 व्याख्या : तुंगा का युद्ध (1787 ई.) (जयपुर ग्रामीण) : यह युद्ध सवाई प्रतापसिंह व माधावराज सिंधिया के मध्य जयपुर ग्रामीण में लड़ा गया था। जिसमें सवाई प्रतापसिंह की विजय हुई थी।

शिवाजी के साथ पुरन्दर की संधि (1665 ई.) पर हस्ताक्षर करने वाला मुगल सेनानायक था –

(अ) जयसिंह-I Explanation: जयसिंह-I व्याख्या : मिर्जाराजा जयसिंह ने शिवाजी को अधीनता स्वीकार करने के लिए विवश कर दिया। शिवाजी और मिर्जाराजा जयसिंह के मध्य 11 जून, 1665 ई. को पुरन्दर की सन्धि सम्पन्न हुई। जिसके अनुसार शिवाजी ने पहली बार मुगलों की अधीनता को स्वीकार किया।

जयपुर का स्थापना वर्ष है –

(अ) 1727 ई. Explanation: 1727 ई. व्याख्या : सवाई जयसिंह ने 18 नवम्बर, 1727 ई. जयपुर नगर की नींव रखी और उसे अपनी नवीन राजधानी (पहली दौसा, दूसरी जमवारामगढ़, तीसरी आमेर) बनाया। इसका वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य था। नींव पंडित जगन्नाथ सम्राट द्वारा रखी गयी और इसकी जानकारी बख्तराम द्वारा रचित ग्रंथ बुद्धि विलास में मिलती है।

निम्नलिखित में से कौन मराठा आक्रमण के खिलाफ हुरडा सम्मेलन से जुड़े थे – अ. महाराणा जगत सिंह II ब. सवाई जय सिंह स. महाराजा जसवंत सिंह II द. महाराजा अभय सिंह सही उत्तर चुनें –

(स) अ, ब, द Explanation: अ, ब, द व्याख्या : हुरडा सम्मेलन 1734 में आयोजित किया गया था। इसमें विभिन्न शासकों ने भाग लिया था – जयपुर के सवाई जय सिंह, मेवाड़ के महाराणा जगत सिंह, जोधपुर के अभय सिंह, बूँदी के दुलाल सिंह, कोटा के दुर्जनसाल, बीकानेर के जोरावर सिंह, करौली के गोपाल सिंह, किशनगढ़ के राज सिंह, नागौर के बखत सिंह

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