Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 3
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Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 3
Exam Summary
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Detailed Solutions
“जैन्टलमेन एग्रीमेन्ट” का सम्बन्ध रहा है –
(अ) जयपुर रियासत से Explanation: जयपुर रियासत से व्याख्या : जयपुर के प्रधान मंत्री हीरालाल शास्त्री और मिर्जा स्माइल के बीच जेंटलमैन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के तहत जयपुर प्रजामंडल भारत छोड़ो आंदोलन से दूर रहेगा।
कच्छावा राजवंश के अधोलिखित शासकों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए : (i) भगवन्तदास (ii) मानसिंह-I (iii) भावसिंह (iv) जयसिंह-I सही कूट चुनिए :
(अ) (i), (ii), (iii) एवं (iv) Explanation: (i), (ii), (iii) एवं (iv) व्याख्या : भगवानदास / भगवन्त दास (1574-1589 ई.) > मानसिंह (1589-1614 ई.) > भावसिंह (1614 -21 ई.) > मिर्जाराजा जयसिंह (1621-1667 ई.)
मानसिंह को बिहार का सूबेदार किस वर्ष नियुक्त किया गया था –
(अ) 1587 ई. Explanation: 1587 ई. व्याख्या : काबुल से मानसिंह का स्थानान्तरण बिहार कर दिया गया, क्योंकि वहां स्थानीय जमींदारों के उपद्रव हो रहे थे और कई छोटे-छोटे राजा मुगल सत्ता की अवहेलना कर मनमानी करते थे। मानसिंह 1587 से 1594 ई. तक बिहार का सुबेदार था।
महाराजा मानसिंह की मृत्यु कहां हुई थी –
(अ) बंगाल Explanation: महाराष्ट्र व्याख्या : मानसिंह का महत्त्व जहाँगीर के समय में उतना न रह सका। उसे वह कभी बंगाल और कभी दक्षिण भेजता रहता था। अन्त में 1614 ई. में उसकी इलीचपुर (महाराष्ट्र) में मृत्यु हो गयी। आमेर के कच्छवाहा शासकों में मानसिंह का स्थान महत्त्वपूर्ण है।
वह कौन सा शासक था जिसने तीन मुगल बादशाहों के काल में शासन किया –
(ब) मिर्जा राजा जयसिंह Explanation: मिर्जा राजा जयसिंह व्याख्या : भावसिंह के उपरान्त जयसिंह-प्रथम शासक बना। जयसिंह प्रथम ने तीन मुगल सम्राटों जहाँगीर (1605-1627 ई.), शाहजहाँ (1628-1658 ई.) और औरंगजेब (1658-1707 ई.) की सेवा की।
जयपुर के अल्बर्ट हाॅल का उद्घाटन किसके शासनकाल में हुआ था –
(ब) महाराजा माधोसिंह द्वितीय Explanation: महाराजा माधोसिंह द्वितीय व्याख्या : महाराजा माधोसिंह द्वितीय के शासनकाल में 1876 ई. में प्रिंस ऑफ वेल्स प्रिंस अल्बर्ट ने जयपुर की यात्रा की। इनकी स्मृति में अल्बर्ट हॉल एवं रामनिवास बाग बनवाया।
निम्न में से किस महाराजा के दरबार में 22 कवि, 22 ज्योतिषी, 22 संगीतज्ञ एवं 22 विषय विशेषज्ञ के रूप में ‘गन्धर्व बाइसी’ विद्यमान थी –
(द) महाराजा प्रताप Explanation: महाराजा प्रताप व्याख्या : सवाई प्रतापसिंह के दरबार में 22 कवि, 22 संगीतज्ञ, 22 नाटककार थे जिसे संयुक्त रूप से गंधर्व बाईसी कहते हैं।
आमेर के राजा भारमल ने अकबर की अधीनता कब स्वीकार की थी –
(ब) 1562 ईस्वी Explanation: 1562 ईस्वी व्याख्या : 1562 ई. में जब अकबर ने अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की मजार के दर्शन के लिए प्रस्थान किया तो मार्ग में भारमल उसकी सेवा में उपस्थित हुआ। दूसरी मुलाकात चकताई खां के सहयोग से सांगानेर में हुयी। 20 जनवरी 1562 ई. को भारमल ने अकबर की अधीनता स्वीकार की।
सामूगढ़ के युद्ध में दारा की पराजय का समाचार मिलते ही किस राजपूत शासक ने औरंगजेब की अधीनता स्वीकार की –
(द) मिर्जा राजा जयसिंह Explanation: मिर्जा राजा जयसिंह व्याख्या : सामूगढ़ के युद्ध में दाराशिकोह अपने भाई औरंगजेब से हार गया। औरंगजेब ने इस फतेह के बाद सामूगढ़ का नाम बदलकर फतेहाबाद रखा। 1659 ई. में दौराई (अजमेर) के युद्ध में जयसिंह ने दारा शिकोह के विरूद्ध औरंगजेब का साथ दिया था।
‘हुरड़ा सम्मेलन’ का आयोजन निम्न में से किस वर्ष किया गया –
(स) 1734 ईस्वी Explanation: 1734 ईस्वी व्याख्या : सवाई जयसिंह ने राजस्थान में बढ़ती हुई मराठा शक्ति का प्रतिरोध करने के लिए मेवाड़ के जगतसिंह द्वितीय की अध्यक्षता में 17 जुलाई, 1734 ई. को हुरड़ा सम्मेलन का आयोजन भीलवाड़ा में करवाया, किन्तु राजपूत रियासतों को एकजुट करने का यह प्रयत्न विफल हो गया।
ब्रिटिश साम्राज्य के किस सदस्य के स्वागत में, जयपुर शहर को 1876 ई. में गुलाबी रंग से रंगवाया गया था –
(ब) प्रिन्स अलबर्ट Explanation: प्रिन्स अलबर्ट व्याख्या : सवाई रामसिंह द्वितीय (1835-1880 ई.) के समय जब प्रिंस अल्बर्ट जयपुर आये तो उनके सम्मान में जयपुर शहर को गुलाबी रंग से रंगवाया। गुलाबी रंग स्वागत् तथा सेवा भाव का प्रतीक है।
जयपुर का निर्माण किसके द्वारा कराया गया –
(ब) जयसिंह-2 Explanation: जयसिंह-2 व्याख्या : सवाई जयसिंह ने 18 नवम्बर, 1727 ई. जयपुर नगर की नींव रखी और उसे अपनी नवीन राजधानी (पहली दौसा, दूसरी जमवारामगढ़, तीसरी आमेर) बनाया। इसका वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य था। नींव पंडित जगन्नाथ सम्राट द्वारा रखी गयी और इसकी जानकारी बख्तराम द्वारा रचित ग्रंथ बुद्धि विलास में मिलती है।
1585-86 में केवल जिस राजपूत शासक को 5000 का मनसब प्राप्त हुआ था, वह था –
(स) राजा मानसिंह Explanation: राजा मानसिंह व्याख्या : 1581 ई. में मानसिंह ने काबुल के हाकिम मिर्जा को परास्त किया। हाकिम मिर्जा की लौटती हुई सेना का मानसिंह ने सिन्धु नदी तक पीछा किया और वह पुनः लाहौर चला आया। जब अकबर को इस विषय की सूचना मिली तो उसने उसका मनसब 5000 जात एवं 5000 सवार कर दिया।
मुगल सम्राटों द्वारा सवाई जय सिंह को कुल कितनी बार मालवा सूबे का सूबेदार नियुक्त किया गया था –
(ब) तीन Explanation: तीन व्याख्या : 1722 में सवाई जय सिंह को आगरा की सूबेदारी प्राप्त हुई और उन्होंने जयपुर को अपने साम्राज्य की राजधानी बनाया। कछवाहा शासक को 1714 और 1737 के बीच तीन बार मालवा पर शासन करने के लिए नियुक्त किया गया था।
निम्नांकित में से किस स्थान पर सवाई जयसिंह ने वेद्य शाला का निर्माण किया –
(ब) मथुरा Explanation: मथुरा व्याख्या : सवाई जयसिंह ने जयपुर, दिल्ली, मथुरा, उज्जैन, और बनारस में पाँच वैद्यशालाएँ स्थापित की।
जयपुर के शासक जिसने छः वेधशालाओं का निर्माण कराया –
(स) जयसिंह Explanation: जयसिंह व्याख्या : सवाई जयसिंह ने जयपुर, दिल्ली, मथुरा, उज्जैन, और बनारस में पाँच वैद्यशालाएँ स्थापित की।
शेखावाटी राज्य का संस्थापक कौन था –
(स) राव शेखा Explanation: राव शेखा व्याख्या : शेखावाटी के संस्थापक राव शेखा थे।
जयपुर स्थित मुबारक महल जो हिन्दु-मुस्लिम एवं ईसाई परम्परा का सुन्दर समन्वय है, का निर्माता था –
(द) सवाई माधोसिंह द्वितीय Explanation: सवाई माधोसिंह द्वितीय व्याख्या : सवाई माधोसिंह ने जयपुर के सिटी पैलेस में मुबारक महल बनवाया जो हिन्दु, इस्लामिक तथा ईसाई शैलियों का खूबसूरत नमूना है। यह महल मेहमान नवाजी के लिये था। वर्तमान में यह सिटी पैलेस म्यूजियम में परिवर्तित हो गया है। माधोसिंह ने नाहरगढ़ के दुर्ग में नौ पासवानों के नाम से एक ही आकार-प्रकार के नौ सुन्दर महल बनवाये।
निम्नलिखित में से कौन मराठा आक्रमण के विरूद्ध हुए हुरड़ा सम्मेलन में सम्मिलित थे – अ. महाराणा जगत सिंह-2 ब. सवाई जयसिंह स. महाराणा जसवंत सिंह-2 द. महाराजा अभय सिंह सही उत्तर का चयन कीजिए –
(स) अ, ब, द Explanation: अ, ब, द व्याख्या : जगतसिंह द्वितीय की अध्यक्षता में 17 जुलाई, 1734 ई. को हुरड़ा सम्मेलन का आयोजन भीलवाड़ा में करवाया, किन्तु राजपूत रियासतों को एकजुट करने का यह प्रयत्न विफल हो गया। इस सम्मेलन में मेवाड़ के महाराणा जगतसिंह द्वितीय, जयपुर के सवाई जयसिंह, जोधपुर के अभयसिंह, कोटा के दुर्जनशाल, बीकानेर के जोरावरसिंह, नागौर के बख्तसिंह, बूँदी के दलेलसिंह, करौली के गोपालसिंह और किशनगढ़ के राजसिंह आदि शासकों ने भाग लिया।
कछवाह राजवंश की प्रथम राजधानी कहां थी –
(अ) दौसा Explanation: दौसा व्याख्या : दौसा में चौहान और बड़गुर्जरों का शासन था। लेकिन आपसी शत्रुता बढ़ने पर चौहानों ने अपने जवाई दुल्हाराय को आमंत्रित किया। दुल्हाराय ने बड़गुर्जरों को पराजित कर दिया। रालपसी ने दौसा का क्षेत्र दुल्हाराय को दे दिया। दुल्हाराय ने अपने पिता सोढ़ा देव को दौसा का शासक बनाया। दौसा के पश्चात दुल्हाराय ने मीणाओं को पराजीत कर मांची/मांझी पर अधिकार स्थापित कर उसे अपनी दूसरी राजधानी बनाया।
राजा जयसिंह को ‘मिर्जा’ की उपाधि किसने दी थी –
(स) शाहजहां Explanation: शाहजहां व्याख्या : शाहजहाँ के काल में सम्राट ने जयसिंह को 4000 का मनसबदार बनाकर सम्मानित किया और इसे महावन के जाटों को दबाने के लिए भेजा। 1630 ई. में उसके पद में भी वृद्धि की गयी। सम्राट शाहजहाँ राजा के इन साहसी कार्यों से बहुत प्रभावित हुआ और उसके मनसब को 5000 कर दिया। जयसिंह को शुजा के साथ कन्धार भेजा गया। शाहजहाँ ने 1638 ई. में उसे मिर्जा राजा की पदवी से विभूषित किया।
किस सन् में अकबर ने मानसिंह को 7000 जात व 6000 सवार का मनसब प्रदान किया –
(द) 1605 Explanation: 1605 व्याख्या : बंगाल में भू-राजस्व के बंदोबस्त से प्रसन्न होकर सम्राट ने अपने राज्याभिषेक के 50वें वर्ष (11 मार्च, 1605) पर उसे 7000 जात और 6000 सवार का मनसब दिया।
जयपुर के किस कछवाहा शासक ने 1818 में ईस्ट इंडिया कम्पनी से संधि की –
(स) महाराजा जगतसिंह II Explanation: महाराजा जगतसिंह II व्याख्या : 1818 ई. में मराठों एवं पिंडारियों से राज्य की रक्षा करने हेतु जगतसिंह द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी से संधि कर राज्य की सुरक्षा का भार कम्पनी पर डाल दिया।
जयपुर के किस शासक ने लगातार तीन मुगल सम्राटों – जहांगीर, शाहजहां और औरंगजेब की सेवा की –
(स) मिर्जा राजा जय सिंह Explanation: मिर्जा राजा जय सिंह व्याख्या : भावसिंह के उपरान्त जयसिंह-प्रथम शासक बना। जयसिंह प्रथम ने तीन मुगल सम्राटों जहाँगीर (1605-1627 ई.), शाहजहाँ (1628-1658 ई.) और औरंगजेब (1658-1707 ई.) की सेवा की।
उस समुच्चय को चुनीये जिसमें सभी स्थनों में सवाई जयसिंह II द्वारा निर्मित वेद्यशालाएं हैं –
(स) जयपुर, बनारस, उज्जैन, मथुरा, दिल्ली Explanation: जयपुर, बनारस, उज्जैन, मथुरा, दिल्ली व्याख्या : सवाई जयसिंह ने जयपुर, दिल्ली, मथुरा, उज्जैन, और बनारस में पाँच वैद्यशालाएँ स्थापित की।
