Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 4
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Aamer Ka Kchhvaha Vnsh Free Mock Test – Part 4
Exam Summary
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Detailed Solutions
अकबर द्वारा मानसिंह को निम्नलिखित में कौनसे मुगल प्रान्तों का सुबेदार(राज्यपाल) नियुक्त किया गया था – 1. काबुल 2. बिहार 3. बंगाल 4. गुजरात
(अ) 1, 2, 3 Explanation: 1, 2, 3 व्याख्या : मानसिंह बंगाल, बिहार और काबुल का शासक नियुक्त हुआ था।
वह अन्तिम हिन्दु शासक जिसने जयपुर में अश्वमेध यज्ञ कराया –
(ब) सवाई जयसिंह Explanation: सवाई जयसिंह व्याख्या : सवाई जयसिंह ने हुरड़ा सम्मेलन (1734 ई.) के एक माह बाद ही प्रथम अश्वमेध यज्ञ किया था। यज्ञ अगस्त, 1734 ई. को संपूर्ण हो गया। 1742 ई. में दूसरा अश्वमेध अधिक बड़े पैमाने पर किया गया। यज्ञ की चिर-स्मृति के लिए एक पहाड़ी पर यूप स्तम्भ की भी प्रतिष्ठा करवायी गयी। सम्पूर्ण यज्ञ की प्रधानता पुण्डरीक रत्नाकर ने की थी। सवाई जयसिंह अन्तिम हिन्दू नरेश था जिसने भारतीय परम्परा के अनुकूल अश्वमेध यज्ञ किया।
1733ई. में ‘जीज मुहम्मदशाही’ पुस्तक जो नक्षत्रों सम्बन्धी ज्ञान से सम्बन्धित है, के लेखक हैं –
(ब) सवाई जयसिंह Explanation: सवाई जयसिंह व्याख्या : सवाई जयसिंह ने 1725ई. में नक्षत्रों की शुद्ध सारणी बनवायी और उसका नाम तत्कालीन मुगल सम्राट मुहम्मदशाह के नाम से ‘जीज मुहम्मद शाही’ रखा। यह 1733 में प्रकाशित हुई। जयसिंह ने ‘जयसिंह कारिका’ नामक ज्योतिष ग्रन्थ की रचना भी की।
दौराई का युद्ध किसके मध्य हुआ था –
(द) औरंगजेब और दारा शिकोह Explanation: औरंगजेब और दारा शिकोह व्याख्या : 14 मार्च 1659 को औरंगजेब व दारा शिकोह के मध्य दौराई (अजमेर के निकट) का युद्ध लड़ा गया जिसमें औरंगजेब विजयी हुआ।
किस विजय के उपरान्त मुगल सम्राट शाहजहां ने राजा जयसिंह को ‘मिर्जा’ की उपाधि दी –
(स) बंगाल विजय Explanation: बंगाल विजय व्याख्या : मिर्जा राजा जयसिंह प्रथम ने तीन मुगल सम्राटों – जहांगीर, शाहजहां तथा औरंगजेब की सेवा की। शाहजहाँ ने 1638 ई. में उसे मिर्जा राजा की पदवी से विभूषित किया।
जयपुर का कौनसा शासक तीन मुगल बादशाहः जहांगीर, शाहजहां और औरंगजेब की सेवा में रहा –
(स) मिर्जा राजा जय सिंह Explanation: मिर्जा राजा जय सिंह व्याख्या : मिर्जा राजा जय सिंह जयपुर के शासक थे जिन्होंने मुगल सम्राटों अर्थात् जहांगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब के शासनकाल के दौरान लगातार मुगल दरबार की सेवा की थी। उन्हें शाहजहाँ से ‘मिर्जा राजा’ की उपाधि मिली थी।
गिंगोली का युद्ध किसके मध्य हुआ –
(स) जयपुर और जोधपुर Explanation: जयपुर और जोधपुर व्याख्या : गिंगोली का युद्ध (1807 ई.) (डीडवाना कुचामन) : जगतसिंह के समय जयपुर राज्य एवं जोधपुर महाराजा मानसिंह के मध्य मेवाड़ के महाराणा भीमसिंह की पुत्री कृष्णा कुमारी के विवाह को लेकर विवाद हुआ, जिसमें जयपुर की सेना ने जोधपुर की सेना को मार्च, 1807 ई. में ‘गंगोली’ के निकट (परबतसर) युद्ध में हराया।
अकबर द्वारा राजपूतो से वैवाहिक संबंध नीति में सर्वप्रथम किससे विवाह किया –
(स) हरकाबाई Explanation: हरकाबाई व्याख्या : सांभर नामक स्थान पर 6 फरवरी, 1562 ई. को भारमल ने अपनी कन्या हरकाबाई (शाहीबाई/यौद्धाबाई) का विवाह अकबर से कर दिया। भारमल पहला राजपूत शासक था जिसने मुगलों की अधीनता को स्वीकार कर उनसे वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किए। अकबर ने हरकाबाई को ‘मरियम उज जमानी’ की उपाधि से विभूषित किया था। इसी ने बाद में सलीम (जहांगीर) को जन्म दिया।
महाराजा सवाई मानसिंह किस देश में भारत के राजदूत रहे है –
(द) स्पेन Explanation: स्पेन व्याख्या : 7 अप्रैल, 1949 से 31 अक्टूबर, 1956 ई. तक सवाई मानसिंह राजस्थान के राजप्रमुख रहे। फरवरी, 1962 में वे राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित किये गये तथा 1965 में स्पेन में भारत के राजदूत नियुक्त हुए। जून 1970 में पोलो खेलते हुए गिर जाने से लन्दन में सवाई मानसिंह का निधन हो गया था।
नागौर दरबार का आयोजन किस वर्ष किया गया –
(ब) 1570 ई. में Explanation: 1570 ई. में व्याख्या : 1570 ई. में भारमल के सहयोग से अकबर ने नागौर दरबार का आयोजन किया।
‘तुंगा का युद्ध’ किस वर्ष लड़ा गया –
(ब) 1787 Explanation: 1787 व्याख्या : तुंगा का युद्ध (1787 ई.) (जयपुर ग्रामीण) : यह युद्ध सवाई प्रतापसिंह व माधावराज सिंधिया के मध्य जयपुर ग्रामीण में लड़ा गया था। जिसमें सवाई प्रतापसिंह की विजय हुई थी।
वी. टी. कृष्णमाचारी किस राज्य के दीवान थे –
(स) जयपुर Explanation: जयपुर व्याख्या : वी. टी. कृष्णमाचारी जयपुर राज्य के दीवान थे।
मुगलों और पेशवा के मध्य धौलपुर समझौते(1741 ई.) में किसने मध्यस्ता की थी –
(ब) सवाई जयसिंह ने Explanation: सवाई जयसिंह ने व्याख्या : पेशवा बालाजी बाजीराव तथा सवाई जयसिंह की भेंट धौलपुर में हुई। 18 मई 1741 ईस्वी तक पेशवा धौलपुर में ही रहा तथा जयसिंह से समझौते की बातचीत की।
राजपूताना के एक राज्य का शासक, जिसने सलीमपुर (बंगाल) और मनिहारी (बिहार) में किलों का निर्माण किया –
(स) महाराज मानसिंह 1 Explanation: महाराज मानसिंह 1 व्याख्या : मानसिंह ने अपने समय में राजमहल/अकबरनगर (बंगाल में) और मानपुर (बिहार में) के नगरों की स्थापना की। उन्होंने सलीमपुर (बंगाल), मनिहारी (बिहार), रामगढ़ (ढूंढार) में किले भी बनवाए।
निम्न में से आमेर के किस शासक ने सर्वप्रथम मुगलों के साथ संधि की थी –
(द) भारमल Explanation: भारमल व्याख्या : 20 जनवरी 1562 ई. को भारमल ने अकबर की अधीनता स्वीकार की। सांभर नामक स्थान पर 6 फरवरी, 1562 ई. को भारमल ने अपनी कन्या हरकाबाई (शाहीबाई/यौद्धाबाई) का विवाह अकबर से कर दिया। भारमल पहला राजपूत शासक था जिसने मुगलों की अधीनता को स्वीकार कर उनसे वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किए।
निम्न जोड़ों में से कौन सा सही मेल नहीं है –
(ब) राजा मान सिंह – हाड़ा Explanation: राजा मान सिंह – हाड़ा व्याख्या : मानसिंह (1589-1614 ई.) का संबंध आमेर के कछवाहा वंश से था।
निम्न में से किस मुगल सम्राट ने सवाई जयसिंह को ‘राज राजेश्वर’ की उपाधि से विभूषित किया था –
(द) मुहम्मद शाह Explanation: मुहम्मद शाह व्याख्या : मुहम्मदशाह ने जयसिंह को सरमद-ए-राजा-ए हिंद, राज-राजेश्वर, श्री राजाधिराज सवाई की उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया।
मुगल बादशाह शाहजहाँ और औरंगजेब के शासनकाल में निरंतर मुगल दरबार में कार्य करने वाले जयपुर के शासक का नाम बताइये-
(द) मिर्जा राजा जयसिंह Explanation: मिर्जा राजा जयसिंह व्याख्या : जयसिंह प्रथम ने तीन मुगल सम्राटों जहाँगीर (1605-1627 ई.), शाहजहाँ (1628-1658 ई.) और औरंगजेब (1658-1707 ई.) की सेवा की।
जयपुर के कौनसा शासक कविताओं में अपना उपनाम ब्रजनिधि लिखते थे –
(द) सवाई प्रतापसिंह Explanation: सवाई प्रतापसिंह व्याख्या : सवाई प्रतापसिंह प्रसिद्ध कवि एवं संगीत के ज्ञाता थे। सवाई प्रतापसिंह ब्रजनिधि नाम से काव्य रचना करते थे।
निम्न में से किसे सवाई जय सिंह का संरक्षण प्राप्त नहीं था –
(ब) विद्याधर Explanation: बिहारी व्याख्या : सवाई जयसिंह ने 18 नवम्बर, 1727 ई. जयपुर नगर की नींव रखी और उसे अपनी नवीन राजधानी (पहली दौसा, दूसरी जमवारामगढ़, तीसरी आमेर) बनाया। इसका वास्तुकार विद्याधर भट्टाचार्य था। नींव पंडित जगन्नाथ सम्राट द्वारा रखी गयी और इसकी जानकारी बख्तराम द्वारा रचित ग्रंथ बुद्धि विलास में मिलती है। सवाई जयसिंह के समय का प्रसिद्ध विद्वान पुण्डरिक रत्नाकर था जिसने जयसिंह कल्पद्रुम नामक ग्रन्थ की रचना की। मिर्जाराजा जयसिंह के दरबार में बिहारी नामक प्रसिद्ध कवि विद्यमान था, जिसने ‘बिहारी सतसई’ ग्रन्थ की रचना की।
सूबा, जहां राजा मानसिंह-1 ने मुगल साम्राज्य के सूबेदार के रूप में काम नहीं किया-
(अ) गुजरात Explanation: गुजरात व्याख्या : सेवाओं के उपलक्ष्य में सम्राट ने कुँवर मानसिंह को काबुल का सूबेदार नियुक्त कर दिया। काबुल से मानसिंह का स्थानान्तरण बिहार कर दिया गया, क्योंकि वहां स्थानीय जमींदारों के उपद्रव हो रहे थे और कई छोटे-छोटे राजा मुगल सत्ता की अवहेलना कर मनमानी करते थे। मानसिंह की सेवाओं से प्रसन्न होकर 1594 ई. में सम्राट ने उसे बंगाल सूबेदार बनाया।
निम्नलिखित में से किसने यूक्लिड की रेखागणित का संस्कृत में अनुवाद किया
(ब) सवाई जयसिंह Explanation: सवाई जयसिंह व्याख्या : पंडित जग्गन नाथ ने संस्कृत में वक्तव्य लिखे थे जो यूक्लिड की ज्यामिति से संबंधित थे। वह एक भारतीय खगोल विज्ञानी और गणितज्ञ थे, जिन्होंने जय सिंह द्वितीय के न्यायालय में सेवा की तथा उनके गुरु भी थे।
किस राजपूत राजा ने हरिनाथ, सुन्दरदास एवं जगन्नाथ जैसे विद्वानों को संरक्षण प्रदान किया था-
(अ) आमेर के महाराजा मानसिंह Explanation: आमेर के महाराजा मानसिंह व्याख्या : आमेर के महाराजा मानसिंह के समय में हरिनाथ, सुन्दरदास भी दरबारी कवि थे। इसके समय में दादूदयाल ने ‘वाणी’ की रचना की थी। जगन्नाथ ने ‘मानसिंह कीर्ति मुक्तावली’ की रचना की थी।
बारह कोटडी नामक सामंती व्यवस्था का संबंध किस राज्य से है –
(अ) आमेर राज्य Explanation: आमेर राज्य व्याख्या : पृथ्वीराज कछवाह ने अपने राज्य को 12 भागों में विभाजित कर अपने पुत्रों में बांट दिया जिन्हें बारह कोटड़ी कहा गया।
मराठों के आतंक से त्रस्त होकर राजपूताना के किस शासक ने आत्महत्या की थी-
(ब) ईश्वरीसिंह Explanation: ईश्वरीसिंह व्याख्या : जब ईश्वरीसिंह मराठों को हर्जाना नहीं दे पाया तो 1750 ई. में मराठा सरदार मल्हार राव होल्कर जयपुर आ धमका। मराठों के डर से त्रस्त होकर ईश्वरीसिंह ने अपनी तीन रानियों व एक पासवान के साथ आत्महत्या कर ली।
