धारा 49 BNS VS धारा 111 IPC: दुष्प्रेरक का दायित्व जब कोई एक कार्य दुष्प्रेरित किया गया हो और भिन्न कार्य किया जाए
सजा (Punishment)
संभाव्य परिणाम का दायित्व
संज्ञेय (Cognizable)
किए गए अपराध के अनुसार
जमानतीय (Bailable)
किए गए अपराध के अनुसार
समझौता योग्य (Compoundable
किए गए अपराध के अनुसार
विचारणीय न्यायालय (Court)
किए गए अपराध के अनुसार
IPC (पुराना कानून)
धारा 111
जब एक कार्य दुष्प्रेरित किया जाए और उससे भिन्न कार्य किया जाए… तो दुष्प्रेरक उस भिन्न कार्य के लिए उसी प्रकार दायी है मानो उसने उसे ही दुष्प्रेरित किया था, बशर्ते कि वह किया गया कार्य दुष्प्रेरण का संभाव्य परिणाम था।
BNS (नया कानून)
धारा 49
जब एक कार्य दुष्प्रेरित किया जाए और उससे भिन्न कार्य किया जाए… तो दुष्प्रेरक उस भिन्न कार्य के लिए उसी प्रकार दायी है मानो उसने उसे ही दुष्प्रेरित किया था, बशर्ते कि वह किया गया कार्य दुष्प्रेरण का संभाव्य परिणाम था।
विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)
यदि आपने किसी को 'चोरी' करने के लिए घर में भेजा, और उसने पकड़े जाने के डर से वहां हत्या कर दी। चूंकि चोरी के दौरान 'हत्या' एक 'संभाव्य परिणाम' (Probable Consequence) है, इसलिए BNS 49 (IPC 111) के तहत आप पर भी हत्या का मुकदमा चलेगा।
तुलना
Probable Consequence rule पूरी तरह से सुरक्षित है।
Editor-in-Chief Pramod
Founder and Editor-in-Chief at StudyHub. Pramod has spent over 7 years tracking Indian government recruitments and analyzing exam trends. He oversees the StudyHub editorial board, managing a dedicated team of subject-matter experts across History, Polity, Geography, Geology, and General Sciences. His mission is to ensure that every job alert and study resource published on StudyHub is 100% verified, accurate, and helpful for competitive exam aspirants.