अध्याय XXXII

CrPC Section 414 in Hindi: उच्च न्यायालय द्वारा पारित मृत्यु दंडादेश का निष्पादन

New Law Update (2024)

धारा 510 भारतीय न्याय संहिता

TRIAL COURT

Punishment​

प्रक्रियात्मक – वारंट/समन प्रक्रिया

Bailable?

Compoundable?

Bare Act Text

जब अपील में या पुनरीक्षण में उच्च न्यायालय द्वारा मृत्यु का दंडादेश पारित किया जाता है, तब सेशन न्यायालय, उच्च न्यायालय का आदेश प्राप्त होने पर, वारंट निकालकर उस दंडादेश को निष्पादित कराएगा।

Important Sub-Sections Explained

Landmark Judgements

बचन सिंह बनाम पंजाब राज्य (1980):

इस ऐतिहासिक मामले ने ‘विरलतम से विरल’ सिद्धांत को स्थापित किया, जिसमें यह निर्धारित किया गया कि मृत्युदंड केवल असाधारण परिस्थितियों में ही लगाया जाना चाहिए जहां आजीवन कारावास का विकल्प निस्संदेह रूप से वर्जित हो।

शत्रुघ्न चौहान बनाम भारत संघ (2014):

उच्चतम न्यायालय ने मृत्युदंड के निष्पादन से संबंधित व्यापक दिशानिर्देश निर्धारित किए, जिसमें प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों, मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन के अधिकार पर जोर दिया गया और यह माना गया कि दया याचिकाओं के निपटान में असाधारण और अस्पष्टीकृत देरी मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदलने का आधार हो सकती है।

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