Aarthik Smiksha 2024-25 Free Mock Test – Part 3

Aarthik Smiksha 2024-25 Free Mock Test – Part 3

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Aarthik Smiksha 2024-25 Free Mock Test – Part 3

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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की शुरुआत कब हुई थी –

(अ) 25 दिसंबर 2000 Explanation: 25 दिसंबर 2000 व्याख्या : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) की शुरुआत 25 दिसंबर 2000 को हुई थी। योजना का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में 500 या इससे अधिक की आबादी वाले तथा पहाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्र में 250 लोगों की आबादी वाले गांवों को बारहमासी सड़कों से जोड़ना है। इसका तीसरा चरण 2019-20 से 2024-25 के लिए चलाया जा रहा है। तीसरे चरण के तहत 8,662.50 किमी लंबाई की मुख्य ग्रामीण सड़कों का उन्नयन और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बारां जिले में कितनी बिना जुड़ी बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा –

(ब) 38 Explanation: 38 व्याख्या : बारां जिले में 38 बिना जुड़ी हुई बस्तियों को सड़क सुविधा से जोड़ने हेतु 98 किमी नई सड़कों का निर्माण किया जायेगा।

दिल्ली-वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की राजस्थान में लंबाई कितनी है –

(अ) 374 किमी Explanation: 374 किमी व्याख्या : दिल्ली-वडोदरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की राजस्थान में लंबाई:- 374 Km अमृतसर-जामनगर आर्थिक गलियारे की राजस्थान में लंबाई:- 637 Km

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) की स्थापना कब हुई थी –

(ब) 1 अक्टूबर 1964 Explanation: 1 अक्टूबर 1964 व्याख्या : राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) की स्थापना 1 अक्टूबर 1964 (सड़क परिवहन निगम अधिनियम 1950 के अधीन) की गई। 24 जुलाई 2024 को निगम की सेवाओं से जुड़ी यात्रियों की शिकायतों के समाधान के लिए समाधान नामक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया गया।

राजस्थान ई-व्हीकल नीति 2022 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन कोष में कितनी राशि आवंटित की गई है –

(स) ₹200 करोड़ Explanation: ₹200 करोड़ व्याख्या : राजस्थान ई-व्हीकल नीति 2022, 1 सितम्बर 2022 को लागू। 5 वर्ष की अवधि के लिए लागू। राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 14 नवंबर 2024 को इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत ₹200 करोड़ का ई-वाहन प्रमोशन कोष स्थापित किया गया है।

राजस्थान में वर्तमान (मार्च 2025 तक) में कितनी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं –

(स) चार Explanation: चार व्याख्या : राजस्थान में 4 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं, जिनमें अजमेर-चंडीगढ़, जोधपुर-साबरमती, उदयपुर सिटी-जयपुर और उदयपुर सिटी-आगरा कैंट शामिल हैं।

अमृत मिशन 2.0 की शुरुआत कब हुई थी –

(ब) 1 अक्टूबर 2021 Explanation: 1 अक्टूबर 2021 व्याख्या : भारत सरकार द्वारा 01 अक्टूबर, 2021 को अमृत 2.0 योजना प्रांरंभ की गई, जिसके अन्तर्गत सभी शहरी निकायों में जल प्रदाय योजनाओं द्वारा सभी घरों को वर्ष 2025-26 तक “हर घर नल” द्वारा पेयजल उपलब्ध कराया जाना लक्षित है। योजनान्तर्गत 1 लाख से कम आबादी वाले शहरों में केन्द्र सरकार का हिस्सा 50 प्रतिशत, 1 लाख से अधिक परन्तु 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में केन्द्र सरकार का हिस्सा 33.33 प्रतिशत, 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में केन्द्र सरकार का हिस्सा 25 प्रतिशत तथा शेष हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। राज्य सरकार के हिस्से का 10 प्रतिशत हिस्सा संबंधित नगर निकाय द्वारा वहन किया जाएगा।

जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है –

(ब) 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करना Explanation: 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करना व्याख्या : जल जीवन मिशन की घोषणा 15 अगस्त 2019 को की गई। मिशन का मुख्य उद्देश्य 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करना है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित। वित्त पोषण: केंद्र (50) : राज्य (50) गोवा 100% घरों को नल से जलापूर्ति प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य बना।

अमृत मिशन 2.0 के तहत 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में केंद्र सरकार का वित्तीय हिस्सा कितना है –

(अ) 25% Explanation: 25% व्याख्या : भारत सरकार द्वारा 01 अक्टूबर, 2021 को अमृत 2.0 योजना प्रांरंभ की गई, जिसके अन्तर्गत सभी शहरी निकायों में जल प्रदाय योजनाओं द्वारा सभी घरों को वर्ष 2025-26 तक “हर घर नल” द्वारा पेयजल उपलब्ध कराया जाना लक्षित है। योजनान्तर्गत 1 लाख से कम आबादी वाले शहरों में केन्द्र सरकार का हिस्सा 50 प्रतिशत, 1 लाख से अधिक परन्तु 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में केन्द्र सरकार का हिस्सा 33.33 प्रतिशत, 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में केन्द्र सरकार का हिस्सा 25 प्रतिशत तथा शेष हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। राज्य सरकार के हिस्से का 10 प्रतिशत हिस्सा संबंधित नगर निकाय द्वारा वहन किया जाएगा।

फरवरी 2025 तक राजस्थान में कितने ग्रामीण परिवारों को जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन प्रदान किया गया है –

(अ) 1.01 करोड़ Explanation: 59.61 लाख व्याख्या : राजस्थान में 1.01 करोड़ ग्रामीण घर हैं। 59.61 लाख ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। (फरवरी, 2025 तक)

राजस्थान में वर्तमान में कितनी बाह्य सहायतित परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं –

(स) 14 Explanation: 14 व्याख्या : वर्तमान में राजस्थान में 14 बाह्य सहायतित परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। राजस्थान शहरी क्षेत्र विकास कार्यक्रम (चरण-तृतीय) (ए.डी.बी.) नवम्बर, 2015 से मार्च, 2025 राजस्थान मध्यम नगरीय क्षेत्र विकास परियोजना (चरण-चतुर्थ) (ट्राँच-II (ए.डी.बी.) जनवरी, 2021 से नवम्बर, 2028 राजस्थान मध्यम नगरीय क्षेत्र विकास परियोजना (चरण-चतुर्थ) (ट्राँच-II(ए.डी.बी.) अप्रैल, 2023 से मई, 2028 राजस्थान राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम-प्रथम (ट्राँच-II)(ए.डी.बी.)* दिसम्बर, 2019 से मार्च, 2025 राजस्थान राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम- प्रथम (ट्राँच-III)(ए.डी.बी.) दिसम्बर, 2022 से सितम्बर, 2026 राजस्थान राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम-द्वितीय (ट्राँच-1) (विश्व बैंक)* अक्टूबर, 2019 से दिसम्बर, 2024 राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना (जायका) अप्रैल, 2017 से मार्च, 2028 मरू क्षेत्र के लिये राजस्थान जल क्षेत्र पुर्नसंरचना परियोजना (ट्राँच-प्रथम व द्वितीय) (एन.डी.बी.) मई, 2018 से फरवरी, 2025 राजस्थान में ट्रांसमिशन सिस्टम हरित ऊर्जा गलियारा परियोजना-द्वितीय (के.एफ.डब्लू.) नवम्बर, 2022 से अक्टूबर, 2026 राजस्थान में सार्वजनिक वित्तीय प्रबन्धन के सुदृढ़ीकरण की परियोजना (विश्व बैंक) जुलाई, 2018 से मार्च, 2025 राजस्थान ग्रामीण जलापूर्ति एवं लोरोसिस निराकरण परियोजना चरण-द्वितीय (जायका) जुलाई, 2021 से दिसम्बर, 2027 बांध पुर्नवास और सुधार परियोजना-द्वितीय (विश्व बैंक) अप्रैल, 2021 से मार्च, 2027 राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना (ए.एफ.डी.) अप्रैल, 2023 से मार्च, 2031 राजस्थान जलवायु परिवर्तन प्रतिक्रिया और पारिस्थितिकी तंत्र सेवा संवर्धन (जायका) अक्टूबर, 2024 से मार्च, 2035

राजस्थान शहरी क्षेत्र विकास कार्यक्रम (चरण-III) का वित्त पोषण किसके द्वारा किया जा रहा है –

(ब) एशियाई विकास बैंक (ADB) Explanation: एशियाई विकास बैंक (ADB) व्याख्या : राजस्थान शहरी क्षेत्र विकास कार्यक्रम (चरण-III) का वित्त पोषण एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा किया जा रहा है। अवधि: नवम्बर 2015 से मार्च 2025 तक। उद्देश्य: चयनित शहरों के निवासियों को जलापूर्ति सेवा प्रदान करना, सम्पूर्ण स्वच्छता सहित सीवरेज क्षेत्र में सुधार करना। 12 शहरों में कार्य किए जा रहे हैं।

राजस्थान मध्यम नगरीय क्षेत्र विकास परियोजना (चरण-IV, ट्रॉंच-I) कितने शहरों में कार्यान्वित की जा रही है –

(स) 27 Explanation: 27 व्याख्या : राजस्थान मध्यम नगरीय क्षेत्र विकास परियोजना (चरण -IV) (ट्रॉंच-I) का वित्त पोषण एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा किया जा रहा है। अवधि: जनवरी 2021 से नवम्बर 2028 तक। उद्देश्य: चयनित शहरों में जलापूर्ति सेवा एवं स्वच्छता में सुधार करना। 27 शहरों में कार्य किए जा रहे हैं।

राजस्थान राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम-1 (ट्रॉंच-II) के तहत कितने किमी लंबाई के राजमार्गों का विकास किया जा रहा है –

(ब) 754 किमी Explanation: 754 किमी व्याख्या : राजस्थान राज्य राजमार्ग निवेश कार्यक्रम -1 (ट्रॉंच-II) का वित्त पोषण एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा किया जा रहा है। अवधि: दिसंबर 2019 से मार्च 2025 उद्देश्य: राजमार्गो पर यातायात दक्षता एवं सुरक्षा को सुधारना। 754 किमी लंबाई के 11 राजमार्गों का विकास किया जा रहा है।

राजस्थान राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम-2 का वित्त पोषण किसके द्वारा किया जा रहा है –

(ब) विश्व बैंक Explanation: विश्व बैंक व्याख्या : राजस्थान राज्य राजमार्ग विकास कार्यक्रम-2 का वित्त पोषण विश्व बैंक द्वारा द्वारा किया जा रहा है। अवधि: अक्टूबर 2019 से सितंबर 2024 तक। उद्देश्य: राज्य के चयनित राजमार्गो पर यातायात प्रवाह में सुधार करना एवं राजमार्गों के बेहतर प्रबंध के लिए क्षमता निर्माण करना‌। 891 किमी लंबाई के 13 राजमार्गों का विकास किया जा रहा है।

राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना की अवधि कब तक है –

(अ) अप्रैल 2017 से मार्च 2028 Explanation: अप्रैल 2017 से मार्च 2028 व्याख्या : राजस्थान जल क्षेत्र आजीविका सुधार परियोजना का वित्त पोषण JICA:जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी द्वारा किया जा रहा है। अवधि: अप्रैल 2017 से मार्च 2028 तक। उद्देश्य: राजस्थान के सभी जिलों में 137 सिंचाई परियोजनाओं के पुनर्वास एवं जीर्णोद्धार के कार्य किए जा रहे हैं।

मरू क्षेत्र के लिए राजस्थान जल क्षेत्र पुन: संरचना परियोजना के तहत किस नहर की री-लाइनिंग का कार्य किया जा रहा है –

(ब) इंदिरा गाँधी फीडर Explanation: इंदिरा गाँधी फीडर व्याख्या : मरू क्षेत्र के लिए राजस्थान जल क्षेत्र पुन: संरचना परियोजना का वित्त पोषण न्यू डवलपमेंट बैंक (NDB) द्वारा सहायतित है। NDB (70) : राज्य (30) अवधि: मई 2018 से फरवरी 2025 तक। यह परियोजना 2 ट्रान्च में क्रियान्वित की जायेगी। दूसरा ट्रान्च 31 अक्टूबर 2022 से शुरू। इंदिरा गाँधी फीडर एवं मुख्य नहर की री-लाईनिंग एवं वितरण प्रणाली के जीर्णोद्वार के कार्य किए जायेंगे। इससे सेम की समस्या से मुक्ति मिलेगी तथा रावी-व्यास नदियों के व्यर्थ बह कर जाने वाले पानी का उपयोग हो सकेगा।

राजस्थान में ट्रांसमिशन सिस्टम हरित ऊर्जा गलियारा परियोजना-II का वित्त पोषण किसके द्वारा किया जा रहा है –

(ब) KFW Explanation: KFW व्याख्या : राजस्थान में ट्रांसमिशन सिस्टम हरित ऊर्जा गलियारा परियोजना-II KFW (जर्मनी) द्वारा सहायतित है। राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (आरआरवीपीएनएल) ने राजस्थान के हनुमानगढ़, उदयपुर, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ जिलों में अक्षय ऊर्जा (आरई) बिजली की निकासी के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर चरण-2 (जीईसी-2) के तहत एक ट्रांसमिशन योजना प्रस्तावित की है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹984.32 करोड़ (आईडीसी सहित) और ₹880.92 करोड़ (आईडीसी को छोड़कर) है।

राजस्थान में सार्वजनिक वित्तीय प्रबन्धन के सुदृढीकरण की परियोजना का उद्देश्य क्या है –

(ब) पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक खर्च में दक्षता बढ़ाना Explanation: पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक खर्च में दक्षता बढ़ाना व्याख्या : राजस्थान में सार्वजनिक वित्तीय प्रबन्धन के सुदृढीकरण की परियोजना विश्व बैंक द्वारा सहायतित है। अवधि: जुलाई 2018 से मार्च 2025 तक। उद्देश्य: पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक खर्च में दक्षता बढ़ाने के लिए बेहतर नियोजन और बजट निष्पादन में योगदान करना।

राजस्थान ग्रामीण जलापूर्ति एवं फ्लोरोसिस निराकरण परियोजना (चरण-II) किन जिलों में लागू की जा रही है –

(ब) झुंझुनूं और बाड़मेर Explanation: झुंझुनूं और बाड़मेर व्याख्या : राजस्थान ग्रामीण जलापूर्ति एवं फ्लोरोसिस निराकरण परियोजना (चरण-II) JICA द्वारा वित्त पोषित है। अवधि: जुलाई 2021 से दिसंबर 2027 तक। उद्देश्य: झुंझुनूं और बाड़मेर जिले में जल उपचार प्लांट और जलापूर्ति संबंधित सुविधाओं का निर्माण करना।

बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना-II (DRIP-II) के तहत राजस्थान में कितने बड़े बांधों को शामिल किया गया है –

(अ) 212 Explanation: 189 व्याख्या : बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना-II (DRIP-II) विश्व बैंक एवं AIIB (एशियन इन्फ्रास्टक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक) द्वारा वित्त पोषित है। राजस्थान में 212 बड़े बांध है जिनमें से 189 बांध DRIP फेज-2 और फेज-3 में शामिल किए गए हैं।

राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना की अवधि कब से कब तक है –

(ब) अप्रैल 2023 से मार्च 2031 Explanation: अप्रैल 2023 से मार्च 2031 व्याख्या : .राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना AFD (फ्रांसीसी विकास एजेंसी) द्वारा वित्त पोषित है। 13 जिलों एवं विभिन्न रिजर्व में संचालित। अवधि: अप्रैल 2023 से मार्च 2031

राजस्थान जलवायु परिवर्तन प्रतिक्रिया और पारिस्थितिकी तंत्र सेवा संवर्धन परियोजना में निम्नलिखित में से कौन सी गतिविधि शामिल है –

(ब) ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का संरक्षण Explanation: ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का संरक्षण व्याख्या : राजस्थान जलवायु परिवर्तन प्रतिक्रिया और पारिस्थितिकी तंत्र सेवा संवर्धन JICA द्वारा वित्त पोषित है। अक्टूबर 2024 से मार्च 2035 19 जिलों में क्रियान्वित की जायेगी। उद्देश्य: स्थाई पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना। प्रमुख गतिविधियां: कृषि-वानिकी कार्य, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का संरक्षण, ओरण (पवित्र वन) संरक्षण, दुर्लभ और संकटग्रस्त पौधों की प्रजातियों के संरक्षण के लिए सूक्ष्म रिजर्व की स्थापना, जैव विविधता प्रबंधन समितियों को सशक्त करना।

राजस्थान की आर्थिक समीक्षा 2024-25 के अनुसार, स्थिर कीमतों पर राज्य के सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में कृषि क्षेत्र का कितना प्रतिशत योगदान है –

(अ) 26.54% Explanation: 26.54% व्याख्या : क्षेत्र राशि (₹ लाख करोड़) GSVA में योगदान वृद्धि दर (%) कृषि 2.18 26.54% 5.05% उद्योग 2.33 28.39% 5.77% सेवा 3.70 45.07% 7.38% कुल GSVA 8.22 100 % 6.29%

सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) मॉडल का मुख्य उद्देश्य क्या है –

(ब) निजी कंपनियों के साथ मिलकर परियोजनाओं को पूरा करना Explanation: निजी कंपनियों के साथ मिलकर परियोजनाओं को पूरा करना व्याख्या : यह सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बीच ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत सरकार निजी कंपनियों के साथ अपनी परियोजनाओं को पूरा करती है।

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