Aarthik Smiksha 2025-26 Free Mock Test – Part 1
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Aarthik Smiksha 2025-26 Free Mock Test – Part 1
Exam Summary
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Detailed Solutions
प्रचलित मूल्य पर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में योगदान कितना है –
(अ) 25.74% Explanation: 25.74% व्याख्या : प्रचलित मूल्य पर कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में योगदान 25.74% है।
कृषि में योगदान (प्रचलित मूल्यों पर) से संबंधित सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें : सूची-I कृषि का उपक्षेत्र सूची-II योगदान (%) a. पशुधन i. 49.35 b. फसल ii. 42.61 c. वानिकी एवं लॉगिंग iii. 7.49 c. मत्स्य iv. 0.54 a b c d
(अ) i ii iii iv Explanation: i ii iii iv व्याख्या : कृषि का उपक्षेत्र योगदान (%) पशुधन 49.35 फसल 42.61 वानिकी एवं लॉगिंग 7.49 मत्स्य 0.54
भू-उपयोग 2024-25 से संबंधित सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें : सूची-I क्षेत्र सूची-II भू-उपयोग (%) a. शुद्ध बोया गया क्षेत्रफल Net Sown Area i. 6.85% b. कृषि योग्य बंजर भूमि Waste land ii. 53.02% c. वानिकी Forest land iii. 10.11% d. ऊसर तथा कृषि अयोग्य भूमि iv. 8.30% a b c d
(ब) ii iii iv i Explanation: ii iii iv i व्याख्या : क्षेत्र भू-उपयोग (%) शुद्ध बोया गया क्षेत्रफल Net Sown Area 53.02% कृषि योग्य बंजर भूमि Waste land 10.11% वानिकी Forest land 8.30% ऊसर तथा कृषि अयोग्य भूमि 6.85% गैर कृषि उपयोग अंतर्गत भूमि 5.96% चालू पड़त 5.22%
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कृषि गणना 2015-16 के अनुसार राजस्थान में कुल प्रचालित भूमि जोतों की संख्या 76.55 लाख थी। 2. वर्ष 2010-11 में प्रचालित भूमि जोतों की संख्या 68.88 लाख थी। 3. वर्ष 2010-11 से 2015-16 के बीच भूमि जोतों की संख्या में लगभग 11.14 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
(स) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : राज्य में कृषि गणना 2015-16 के अनुसार कुल प्रचालित भूमि जोतों की संख्या 76.55 लाख है, जबकि वर्ष 2010-11 में यह संख्या 68.88 लाख थी अर्थात् भूमि जोतों की संख्या में 11.14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 2015-16 में सीमान्त, लघु, अर्द्ध मध्यम और मध्यम जोतों की संख्या में वृद्धि हुई। 2. बड़े आकार की जोतों की संख्या में कमी दर्ज की गई। 3. भूमि जोतों में वृद्धि का मुख्य कारण संयुक्त परिवारों का बढ़ना बताया गया है।
(अ) केवल 1 और 2 Explanation: केवल 1 और 2 व्याख्या : सीमान्त, लघु, अर्द्ध मध्यम, मध्यम एवं बड़े श्रेणियों की वर्गीकृत भूमि जोत, कुल जोतों का क्रमशः 40.12 प्रतिशत, 21.90 प्रतिशत, 18.50 प्रतिशत, 14.79 प्रतिशत एवं 4.69 प्रतिशत है। वर्ष 2010-11 की तुलना में वर्ष 2015-16 में सीमान्त, लघु, अर्द्ध मध्यम, एवं मध्यम आकार वर्गों की जोतों में वृद्धि हुई है व बड़े आकार वर्गों की जोतों की संख्या में 11.14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इससे यह प्रतीत होता है कि संयुक्त परिवारों के विघटन के कारण भूमि विखंडन में वृद्धि हुई है। वर्ष 2010-11 में कुल जोतों का क्षेत्रफल 211.36 लाख हेक्टेयर था, जो वर्ष 2015-16 में घटकर 208.73 लाख हेक्टेयर हो गया, अर्थात् जोतों के कुल क्षेत्रफल में 1.24 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है। कृषि गणना 2015-16 के अनुसार राज्य में प्रचालित भूमि जोतों का औसत आकार 2.73 हेक्टेयर रहा है जो वर्ष 2010-11 में 3.07 हेक्टेयर था, जो 11.07 प्रतिशत की कमी दर्शाता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 2015-16 में महिला प्रचालित भूमि जोतों की संख्या 7.75 लाख थी। 2. वर्ष 2010-11 में महिला भूमि जोतों की संख्या 5.46 लाख थी। 3. इस अवधि में महिला भूमि जोतों की संख्या में लगभग 41.94% की वृद्धि हुई।
(स) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : राज्य में कृषि गणना 2015-16 के अनुसार कुल महिला प्रचालित भूमि जोतों की संख्या 7.75 लाख है जबकि वर्ष 2010-11 में यह संख्या 5.46 लाख थी अर्थात् महिला भूमि जोतों की संख्या में 41.94 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य में वर्ष 2010-11 में महिला भूमि जोतों का क्षेत्रफल 13.30 लाख हेक्टेयर था जो वर्ष 2015-16 में बढ़कर 16.55 लाख हेक्टेयर हो गया, अर्थात् महिला भूमि जोतों के कुल क्षेत्रफल में 24.44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान में खरीफ फसलों में बाजरा, मक्का, मूंगफली और कपास शामिल हैं। 2. रबी फसलों में गेहूं, सरसों, जौ और चना प्रमुख हैं। 3. ग्वार, जीरा, धनिया और मेथी को नकद फसलें व मसालों में शामिल किया जाता है। सही कथनों का चयन कीजिए:
(स) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : राज्य में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों को मुख्य रूप से खरीफ फसलें (जैसे बाजरा, मक्का, मूंगफली, कपास) रबी फसलें (जैसे गेहूं, सरसों, जौ, चना) और नकद फसलें व मसाले (जैसे ग्वार, जीरा, धनिया, मेथी) के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ग्वार उत्पादन में राजस्थान का भारत में प्रथम स्थान है तथा इसका योगदान लगभग 88.80% है। 2. मूंगफली उत्पादन में गुजरात प्रथम तथा राजस्थान द्वितीय स्थान पर है। 3. चना उत्पादन में राजस्थान भारत में प्रथम स्थान पर है।
(अ) केवल 1 और 2 Explanation: केवल 1 और 2 व्याख्या : फसल प्रथम स्थान द्वितीय स्थान तृतीय स्थान राज. का योगदान ग्वार राजस्थान हरियाणा गुजरात 88.80 सरसों व राई मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश 43.43 बाजरा उत्तर प्रदेश गुजरात 41.34 कुल तिलहन मध्यप्रदेश गुजरात 23.61 मोटा अनाज कर्नाटक उत्तर प्रदेश 14.21 मूंगफली गुजरात राजस्थान मध्य प्रदेश 19.91 चना मध्यप्रदेश महाराष्ट्र राजस्थान 17.39 कुल दलहन मध्यप्रदेश महाराष्ट्र 13.76 सोयाबीन मध्यप्रदेश महाराष्ट्र 8.96
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना का उद्देश्य किसानों द्वारा अपने खेतों पर उन्नत बीज का उत्पादन करना है। 2. इस योजना के अंतर्गत गेहूं, जौ, चना, ज्वार, सोयाबीन, सरसों, मूंग, मोठ और उड़द की उन्नत किस्मों का बीज उत्पादन किया जाता है। 3. वर्ष 2025-26 में खरीफ एवं रबी मौसम में 1.13 लाख क्विंटल के लक्ष्य के विरुद्ध 1.12 लाख क्विंटल बीज वितरित किए गए।
(स) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : किसानों द्वारा स्वयं के उपयोग हेतु उनके स्वयं के खेतों पर उन्नत बीज उत्पादन किया जाना योजना का मुख्य उद्देश्य है। इस योजनान्तर्गत गेहूं, जौ, चना, ज्वार, सोयाबीन, सरसों, मूंग, मोठ एवं उड़द की 10 वर्षो तक की उन्नत किस्मों का बीज उत्पादन किया जाता है। वर्ष 2025-26 के दौरान खरीफ एवं रबी मौसम में 1.13 लाख क्विंटल बीज के लक्ष्य के विरुद्ध 1.12 लाख क्विंटल बीज वितरित किए गये हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना का उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करना और जैविक उर्वरकों को बढ़ावा देना है। 2. इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में 50 किसानों को वर्मी-कम्पोस्ट उत्पादन हेतु सहायता दी जाती है। 3. प्रति किसान ₹10,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
(स) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने और किसानों में जैविक उर्वरक, जैविक खाद और नैनो-उर्वरक के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु ‘गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना’ प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में 50 किसानों को पशु अपशिष्ट का उपयोग करके जैविक खाद (वर्मी-कम्पोस्ट) का उत्पादन हेतु प्रति किसान ₹10,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि ड्रोन उपलब्ध कराने की पहल की गई है। 2. इस योजना में ड्रोन खरीदने हेतु ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है। 3. ड्रोन तकनीक का उपयोग नैनो यूरिया और कीटनाशकों के छिड़काव में किया जा सकता है।
(द) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को 1,070 कृषि ड्रोन तथा उनके परिवहन हेतु वाहन क्रय करने के लिए ऋण पर अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान प्रदान करेगी। नैनो यूरिया एवं कीटनाशकों के छिड़काव में ड्रोन तकनीक का उपयोग उर्वरकों एवं कीटनाशकों का सटीक और प्रभावी अनुप्रयोग सुनिश्चित करेगा।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान में कुल 42,858 सहकारी समितियां कार्यरत हैं। 2. इनमें 9,086 प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां (PACS) शामिल हैं। 3. राज्य में 29 केन्द्रीय सहकारी बैंक कार्यरत हैं।
(स) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : राज्य में कुल 42,858 सहकारी समितियां है जिनमें 23 संघ (फेडरेशन), 24 दुग्ध संघ, 38 उपभोक्ता थोक भंडार, 36 प्राथमिक भूमि विकास बैंक, 29 केन्द्रीय सहकारी बैंक, 9,086 प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियां (PACS) है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान ग्रामीण आजीविका ऋण योजना के अंतर्गत सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। 2. यह योजना ग्रामीण कारीगरों एवं गैर-कृषि गतिविधियों से जुड़े ग्रामीण परिवारों को भी लाभ देती है। 3. यह योजना केवल बड़े किसानों के लिए ही लागू है।
(अ) केवल 1 और 2 Explanation: केवल 1 और 2 व्याख्या : राजस्थान ग्रामीण आजीविका ऋण योजना : इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण कारीगरों, गैर-कृषि गतिविधियों से आजीविका अर्जित करने वाले ग्रामीण परिवारों के सदस्यों तथा अन्य पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले लघु एवं सीमांत किसानों के परिवारों को सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कृषि उपज गिरवी ऋण योजना के अंतर्गत किसानों को अपनी कृषि उपज गिरवी रखने पर ऋण मिलता है। 2. इस योजना में किसानों को 5% की दर से ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
(स) केवल 1 Explanation: केवल 1 व्याख्या : कृषि उपज गिरवी ऋण योजना : किसानों को कृषि उपज गिरवी रखने पर 3% की दर से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कृषि अवसंरचना निधि (AIF) की घोषणा 15 मई 2020 को की गई थी। 2. इसका उद्देश्य खेत के द्वार पर या अवसंरचना का विकास करना है। 3. इस योजना के तहत ₹2 करोड़ तक के ऋणों पर 3% ब्याज सहायता प्रदान की जाती है।
(स) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : कृषि अवसंरचना निधि (ए.आई.एफ.) के अंतर्गत 3 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान : किसानों के लिए खेत के द्वार पर या अवसंरचना के सृजन हेतु माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा 15 मई, 2020 को ₹1 लाख करोड़ की कृषि अवसंरचना निधि की घोषणा की गई थी। ए.आई.एफ के अंतर्गत ₹2.00 करोड़ की सीमा तक के सभी ऋणों पर प्रति वर्ष 3 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य कृषि एवं डेयरी पर निर्भर परिवारों को सहायता देना है। 2. इस योजना के अंतर्गत 2.5 लाख दुग्ध उत्पादक किसान परिवारों को ₹1 लाख तक का ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण दिया जाता है।
(स) 1 और 2 Explanation: 1 और 2 व्याख्या : कृषि एवं डेयरी पर निर्भर परिवारों को सहयोग प्रदान करना तथा पशुधन संरक्षण को बढ़ावा देना। 2.5 लाख दुग्ध उत्पादक किसान परिवारों को ₹1 लाख तक का ब्याज मुक्त अल्पकालीन ऋण प्रदान किया जाता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वर्ष 2016 में प्रारंभ की गई थी। 2. रबी फसल के लिए प्रीमियम दर 1.5% तथा खरीफ फसल के लिए 2% है। 3. वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए प्रीमियम दर 5% निर्धारित की गई है।
(द) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2016 से प्रारम्भ की गई है। उद्देश्य :- प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाले फसल नुकसान का बीमा कबर प्रदान करना। कृषक से निम्न प्रीमियम राशि लेकर बीमा किया जा रहा है- रबी = 1.5% खरीफ फसल = 2% वाणिज्यिक/बागवानी=5% फसल कटाई प्रयोग करने वाले प्राथमिक कार्मिकों को प्रीमियम अनुदान एवं प्रोत्साहन राशि के भुगतान हेतु राज्य पोषित योजना चल रही है।
राजस्थान में बागवानी के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: बागवानी निदेशालय की स्थापना 1989-90 में हुई। केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान बीकानेर में स्थित है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन केवल 20 जिलों में संचालित है। सही विकल्प चुनिए:
(अ) केवल 1 और 2 Explanation: केवल 1 और 2 व्याख्या : बागवानी निदेशालय (1989-90) केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान : बीकानेर। राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) राज्य के 41 जिलों में संचालित।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: इसका उद्देश्य बागवानी विकास को बढ़ावा देना है। इसमें केंद्र और राज्य का योगदान 50:50 है। इसमें खजूर की खेती को भी शामिल किया गया है। सही विकल्प चुनिए:
(अ) केवल 1 और 3 Explanation: केवल 1 और 3 व्याख्या : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) की शुरुआत अगस्त 2007 में की गई थी। उद्देश्य : खजूर की खेती, बागवानी विकास तथा शहरी क्षेत्रों में सब्जी क्लस्टर जैसी पहले शामिल। केंद्र (60) : राज्य (40)
उत्कृष्टता केंद्रों के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: खजूर के लिए सागरा भोजका (जैसलमेर) में केंद्र स्थापित है। संतरा के लिए केंद्र कोटा में स्थापित है। आम के लिए केंद्र धौलपुर में स्थापित है। सही विकल्प चुनिए:
(अ) केवल 1 और 3 Explanation: केवल 1 और 3 व्याख्या : निम्नलिखित उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किये गए हैं : खजूर – सागरा भोजका (जैसलमेर) अनार – बस्सी (जयपुर) सीताफल – चित्तौडगढ़ फूल – सबाई माधोपुर Juicy (Citrus) fruit – नांता (कोटा) अमरूद – डयोडाबास (टोंक) आम – धौलपुर संतरा – झालावाड़
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (NFSNM) के संदर्भ में निम्न कथन सही हैं: यह 2007-08 से शुरू हुआ। 2018-19 से बाजरा और ज्वार शामिल किए गए। दलहन मिशन को आत्मनिर्भरता मिशन में विलय किया गया। सही विकल्प चुनिए:
(द) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अक्तूबर, 2007 के दौरान शुरू किया गया था। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) का नाम वर्ष 2024-25 के दौरान बदलकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (एनएफएसएनएम) कर दिया गया है। 2007-08 से गेहूं एवं दलहन पर शुरू। 18 जिलों को गेहूं की खेती के लिए शामिल किया गया है। सभी 41 जिलों को दलहन की खेती के लिए शामिल किया गया। दलहन हेतु राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन को केंद्र प्रायोजित योजना “दलहन में आत्मनिर्भरता हेतु मिशन” में विलय कर दिया गया है। न्यूट्रिसीरियल (पोषक अनाज) हेतु NFSNM मिशन 2018-19 से बाजरा एवं ज्वार शामिल। मोटे अनाज हेतु NFSNM मिशन 2018-19 से मक्का एवं जौ शामिल। NFSNM वाले सभी मिशन का उद्देश्य : प्रमाणित बीज का वितरण एवं उत्पादन, उत्पादन तकनीक में सुधार, जैव उर्वरकों को बढ़ावा देना, सूक्ष्म तत्वों का प्रयोग, समन्वित कीट प्रबंधन, कृषक प्रशिक्षण।
राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन के संबंध में निम्न कथन सही हैं: इसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन को बढ़ावा देना है। इसमें केंद्र:राज्य अनुपात 60:40 है। इसमें केवल पशुधन आधारित प्रणाली शामिल है। सही विकल्प चुनिए:
(अ) केवल 1 और 2 Explanation: केवल 1 और 2 व्याख्या : राष्ट्रीय सतत् कृषि मिशन उद्देश्य : जलवायु परिवर्तन अनुकूलन। केंद्र : राज्य (60:40) राज्य के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों में क्षेत्र विशेष के अनुसार विभिन्न प्रकार की एकीकृत कृषि प्रणालियां (जैसे – पशुधन आधारित, बागवानी आधारित तथा कृषि वानिकी) परिकल्पित की गई है।
राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के संदर्भ में निम्न कथन सही हैं: यह 2025-26 से शुरू हुआ। इसमें 2000 क्लस्टर बनाए गए हैं। यह राज्य योजना है। सही विकल्प चुनिए:
(अ) केवल 1 और 2 Explanation: केवल 1 और 2 व्याख्या : राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन 2025-26 से शुरू। केंद्र प्रायोजित योजना। इस योजना के तहत कुल 2000 क्लस्टर गठित किए गए हैं।
PMDDKY योजना के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: यह 2025-26 से शुरू हुई। राजस्थान के 8 जिलों को शामिल किया गया। इस योजना में 11 मंत्रालयों एवं विभागों की प्रमुख योजनाओं को एकीकृत किया गया है। सही विकल्प चुनिए:
(द) 1, 2 और 3 Explanation: 1, 2 और 3 व्याख्या : प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) 2025-26 से शुरू। (अवधि -6 वर्ष) यह योजना देश के 100 आकांक्षी कृषि जिलों के समग्र कृषि विकास हेतु शुरू की गई है। उद्देश्य : कृषि क्षेत्र में उत्पादकता, विविधता, आय एवं सततता को बढ़ावा देना। इस योजना के अंतर्गत राजस्थान से बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू एवं जालौर जिलों का चयन किया गया है। इस योजना में 11 मंत्रालयों एवं विभागों की प्रमुख योजनाओं को एकीकृत किया गया है। कृषि विभाग के घटक : पाईप लाईन, डिग्गी, फार्म पॉण्ड, कृषि उपकरण, जिप्सम वितरण, बीज मिनी किट वितरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कांटेदार तारबंदी।
PM-FME योजना के संदर्भ में निम्न कथन सही हैं: यह आत्मनिर्भर भारत अभियान का हिस्सा है। इसमें 35% अनुदान मिलता है। यह केवल राज्य योजना है। सही विकल्प चुनिए:
(अ) केवल 1 और 2 Explanation: केवल 1 और 2 व्याख्या : प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (PM-FME) : आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत। 2020-21 से 2025-26 के लिए। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा शुरू। केंद्र प्रायोजित योजना। (60:40) उद्देश्य : देश में असंगठित खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का उन्नयन करना। एक जिला एक उत्पाद (ODOP) दृष्टिकोण पर काम करेगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना या विस्तार के लिए व्यक्तिगत श्रेणी के आवेदकों को 35% की दर से अधिकतम ₹10 लाख तक के अनुदान का प्रावधान है।
