Ttv Evn Abhikriyaen Free Mock Test – Part 8

Ttv Evn Abhikriyaen Free Mock Test – Part 8

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Ttv Evn Abhikriyaen Free Mock Test – Part 8

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Question Palette:

Zn+CuSO₄ → Zn SO₄ +Cu ऊपर दी अभिक्रिया में कौन ऑक्सीकृत हो रहा है –

(अ) Cu Explanation: a – IV, b – I, c – III, d – II व्याख्या : ऑक्सीकरण: इलैक्ट्रोन की हानि अपघटन: इलैक्ट्रोन की प्राप्ति अपचायक: इलैक्ट्रोन खोने वाली स्पीशीज ऑक्सीकारक: इलैक्ट्रोन ग्रहण करने वाली स्पीशीज

निम्न में से कौन सी एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया(exothermic reaction) नहीं है –

(द) कैल्शियम कार्बोनेट का कैल्शियम ऑक्साइड व कार्बन डाई ऑक्साइड में अपघटन Explanation: केवल लवण कार्बन डाइऑक्साइड और जल व्याख्या : एथेनॉइक अम्ल (Acetic acid) और कार्बोनेट की अभिक्रिया से लवण (acetate), कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनते हैं।

निकेल उत्प्रेरक की उपस्थिति में, तेल का, हाइड्रोजन के साथ उपचार करने पर वसा बनती है। यह _____ का एक उदाहरण है।

(अ) योगात्मक अभिक्रिया Explanation: 19.3 x 10⁴s व्याख्या : फ़ार्मूला: t= nF/I का उपयोग करके समय गणना की जाती है। यहाँ F=96500, n=0.02, और I=0.02A है।

2Mg+O₂ → 2MgO उपरोक्त लिखित रासायनिक अभिक्रिया में, मैग्नीशियम धातु ___ हुई है।

(ब) ऑक्सीकृत Explanation: M/3(52.66) व्याख्या : क्षारीय माध्यम में, KMnO₄ MnO₄⁻ से MnO₄²⁻ में बदलता है। इलेक्ट्रॉनों का स्थानांतरण 1 से 3 का होता है, इसलिए तुल्यांकी भार M/3 होता है।

एक रासायनिक परिवर्तन के लिए निम्न में से कौन सा कथन सही नहीं है –

(ब) ऊष्मा उत्पन्न हो सकती है परन्तु अवशोषित कभी भी नहीं होती है? Explanation: CH₃COOH व्याख्या : दी गई अभिक्रिया में, एथेनॉयल एसिड (CH₃COOH) स्व-उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है। यह प्रतिक्रिया एस्ट्रों के हाइड्रोलिसिस का उदाहरण है, जिसमें उत्पन्न एसिड प्रतिक्रिया को तेज करता है।

एल्डिहाइड में उपस्थित कार्यात्मक (फंक्शनल) समूह है:

(स)-OH Explanation: Zn व्याख्या : इस अभिक्रिया में जिंक (Zn) ऑक्सीकरण होकर Zn²⁺ में परिवर्तित हो जाता है, जबकि तांबा (Cu²⁺) का अपचयन होता है और यह तांबे के रूप में बाहर निकलता है।

Ch₃CH₂OH क्षारीय KMnO₄ + ऊष्मा —————→ Ch₃COOH उपरोक्त अभिक्रिया में क्षारीय KMnO₄ ____ के रूप में कार्य करता है।

(द) ऑक्सीकरण कर्मक Explanation: कैल्शियम कार्बोनेट का कैल्शियम ऑक्साइड व कार्बन डाई ऑक्साइड में अपघटन व्याख्या : कैल्शियम कार्बोनेट का अपघटन एक उष्माशोषी (Endothermic) अभिक्रिया है, जिसमें ऊष्मा का अवशोषण होता है।

निम्नलिखित में से कौनसा युग्म/जोड़ा विस्थापन अभिक्रिया देगा –

(द) AgNO₃ विलयन और ताम्र (कॉपर) धातु Explanation: योगात्मक अभिक्रिया व्याख्या : तेल का हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) एक योगात्मक अभिक्रिया (Addition Reaction) है, जिसमें हाइड्रोजन तेल में जोड़ा जाता है।

वह अभिक्तिया जिसमें उत्पाद ही उत्प्रेरक का कार्य करता है, ____ अभिक्रिया कहलाती है।

(द) स्वतः उत्प्रेरित Explanation: ऑक्सीकृत व्याख्या : 2Mg+O₂ → 2MgO में मैग्नीशियम इलेक्ट्रॉन्स खोता है, जिससे वह ऑक्सीकृत होता है।

निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से- (i) 2SO₂+O₂ ⇌ 2SO₃ (ii) N₂+3H₂ ⇌ 2NH₃ (iii) N₂+O₂ ⇌ 2NO (iv) H₂+I₂ ⇌ 2HI कौनसी अभिक्रियाएं उत्प्रेरक की उपस्थिती में होती हैं –

(अ) (i) तथा (ii) Explanation: ऊष्मा उत्पन्न हो सकती है परन्तु अवशोषित कभी भी नहीं होती है? व्याख्या : रासायनिक परिवर्तन के दौरान ऊष्मा उत्पन्न भी हो सकती है (उष्माक्षेपी अभिक्रिया) और अवशोषित भी हो सकती है (उष्माशोषी अभिक्रिया)।

सान्द्र HNO₃ और सान्द्र HC1 को क्रमशः _____ अनुपात में मिलाकर ताजा एक्वारेज़िया (अम्लराज) मिश्रण बनाया जाता है –

(अ) 3:1 Explanation: H | – C = O व्याख्या : एल्डिहाइड के कार्यात्मक समूह को -CHO के रूप में दर्शाया जाता है। इसमें कार्बन परमाणु डबल बॉन्ड से ऑक्सीजन से जुड़ा होता है और सिंगल बॉन्ड से हाइड्रोजन से जुड़ा होता है।

Fe₂O₃ +3CO → 2Fe+3CO₃ ऊपर दी गई रासायनिक अभिक्रिया में अपचायक है :-

(अ) Fe Explanation: 2-मिथाइलब्यूटेन व्याख्या : CH₃-CH(CH₃)-CH₂-CH₃ में मुख्य श्रृंखला 4 कार्बन की है, जो ब्यूटेन कहलाती है। तीसरे कार्बन पर एक मिथाइल समूह जुड़ा है। इसलिए IUPAC नाम है 2-मिथाइलब्यूटेन।

निम्नलिखित में से कौन सी भौतिक परिवर्तन की विशेषता नहीं हैं –

(स) नए पदार्थ का निर्माण होता है। Explanation: ऑक्सीकरण कर्मक व्याख्या : क्षारीय KMnO₄ एक ऑक्सीकरण कर्मक (oxidizing agent) के रूप में कार्य करता है। यह अल्कोहल को एसिड में ऑक्सीकृत करता है।

नीचे दिए गए यौगिक का IUPAC नाम है: CH 3 CH 3 ╲ ╱ C = CH 2

(अ) 2- मेथिल (Methyl)-1- प्रोपीन (Propene) Explanation: AgNO₃ विलयन और ताम्र (कॉपर) धातु व्याख्या : केवल AgNO₃ और तांबे (Cu) के बीच विस्थापन अभिक्रिया होगी। तांबा, चांदी से अधिक अभिक्रियाशील है और Ag को विस्थापित करता है।

2 H 2 O 2 ग्लिसरोल ——→ 2 H 2 O + O 2 ऊपर दी गई रासायनिक अभिक्रिया में ग्लिसरोल ____ है।

(द) ऋणात्मक उत्प्रेरक Explanation: स्वतः उत्प्रेरित व्याख्या : ऐसी अभिक्रियाओं में उत्पाद स्वयं उत्प्रेरक का कार्य करता है। इसे “स्वतः उत्प्रेरित” अभिक्रिया कहते हैं।

निम्नलिखित में कौन संक्षारण का/के उदाहरण है/हैं – (a) लोहा जंग (b) चाँदी पर काली सतह का आवरण (c) तांबे पर हरी सतह का आवरण (d) लोहे की वस्तु का गैल्वनीकरण नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें :

(ब) केवल (a), (b) और (c) Explanation: (i) तथा (ii) व्याख्या : (i) 2SO₂ + O₂ ⇌ 2SO₃ (Contact process) (ii) N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ (Haber process) दोनों अभिक्रियाएं उत्प्रेरक (Catalyst) की उपस्थिति में होती हैं।

निम्नलिखित में से कौन सी एक एस्टरीकरण क्रिया है?

(ब) CH₃COOH + NaOH → CH₃COONa+ H₂0 Explanation: 1:3 व्याख्या : एक्वारेज़िया (Aqua regia) को सान्द्र HCl और सान्द्र HNO₃ को 3:1 के अनुपात में मिलाकर बनाया जाता है। यह सोना और प्लैटिनम जैसे धातुओं को घोलने में सक्षम है।

हेबर की क्रिया में उपयोगी उत्प्रेरक और वर्धक क्रमशः हैं:

(अ) Fe और Mo Explanation: CO व्याख्या : यहाँ CO एक अपचायक (reducing agent) है, जो Fe₂O₃ से ऑक्सीजन को हटाकर Fe में बदलता है।

निम्नलिखित में कौनसा एक भौतिक परिवर्तन है –

(ब) मोम का पिघलना Explanation: नए पदार्थ का निर्माण होता है। व्याख्या : भौतिक परिवर्तन में केवल भौतिक गुणों (जैसे अवस्था, रंग, आदि) में परिवर्तन होता है। नए पदार्थ का निर्माण नहीं होता, यह केवल रासायनिक परिवर्तन की विशेषता है।

सूची-I को सूची -II से सुमेलित कीजिए : सूची-I सूची-II a. लोहे पर जिंक (जस्ते) की परत चढ़ाना I. गलन b. गर्म करने पर ठोस का द्रव में बदलना II. वाष्पीकरण c. ठंडा करने पर गैस का द्रव में बदलना III. संघनन d. गर्म करने पर द्रव का गैस में बदलना IV. यशदलेपन नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए:

(स) a – IV, b – I, c – III, d – II Explanation: 2- मेथिल (Methyl)-1- प्रोपीन (Propene) व्याख्या : यौगिक में तीन कार्बन हैं, और दूसरा कार्बन मेथिल समूह से जुड़ा है। डबल बॉन्ड के कारण इसे प्रोपीन कहा जाता है, और मेथिल समूह दूसरी स्थिति पर है।

रसोई में प्रयोग होने वाला ईंधन द्रव अवस्था में होता है। जब यह सिलेंडर से बाहर आ जाता है तो यह गैस बन जाता है (परिवर्तन – A) इसके बाद यह जलता है (परिवर्तन -B)। नीचे लिखे कथन इन परिवर्तनों से संबन्धित हैं। निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(अ) प्रक्रिया – B (परिवर्तन – B) एक रासायनिक परिवर्तन है। Explanation: ऋणात्मक उत्प्रेरक व्याख्या : इस अभिक्रिया में ग्लिसरोल प्रतिक्रिया की गति को धीमा करता है। इसे ऋणात्मक उत्प्रेरक कहते हैं क्योंकि यह अभिक्रिया के लिए बाधा उत्पन्न करता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा रासायनिक परिवर्तन नहीं है – निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(अ) भोजन का पाचन Explanation: केवल (a), (b) और (c) व्याख्या : जंग लगना, चाँदी पर काले रंग का जमाव, और ताँबे पर हरे रंग का जमाव संक्षारण के उदाहरण हैं।

यदि हम एक सेब को काटकर कुछ समय के लिए प्लेट में छोड़ देते हैं, तो यह लाल-भूरे रंग का हो जाता है। ऐसा ____ के बनने के कारण होता है। निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(द) आयरन ऑक्साइड Explanation: CH₃COOH+CH₃CH₂OH H⁺ ⇌ CH₃COOC₂H₅ +H₂O व्याख्या : यह प्रतिक्रिया एक एस्टर और पानी के निर्माण को दर्शाती है।

खाने के रिडब्बों (केन) पर जिंक के स्थान पर टिन की परत चढ़ी होती है क्योंकि- निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:

(ब) जिंक, टिन से अधिक क्रियाशील है। Explanation: हवा तथा पानी दोनों की उपस्थिति में व्याख्या : लोहे पर जंग लगने के लिए ऑक्सीजन (हवा) और नमी (पानी) दोनों का होना आवश्यक है। लोहा, ऑक्सीजन और जल वाष्प मिलकर आयरन ऑक्साइड देते है।

निम्न कथनों पर विचार कीजिए और अन्त में दिए कूट में से सही उत्तर का चयन कीजिए- कथन (A) : साधारणतः यह देखा गया है कि लोहे की वस्तुएं जब वायुमण्डल में अनाश्रित होती हैं तब वे भूरे पाउडर की परत से आच्छादित हो जाती हैं जिसको जंग कहते है। कारण (R) : जंग अर्थात भूरा पाउडरी पदार्थ टैनिन के जमा होने से बनता है। कूट :

(स) (A) सही है, परन्तु (R) गलत है। Explanation: Fe और Mo व्याख्या : हेबर प्रक्रिया में अमोनिया संश्लेषण के लिए आयरन (Fe) को उत्प्रेरक और मोलिब्डेनम (Mo) को वर्धक के रूप में उपयोग किया जाता है।

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