शासन प्रणालियाँ (Governance Systems) कितने प्रकर की होती है ? लोकतंत्र को समझाइये ?

Table of Contents

शासन प्रणाली कितने प्रकार की होती है? (Different Types of Governance Systems)

शासक समूह में शामिल व्यक्तियों की संख्या के आधार पर (Depending on the Number of Individuals Included in the Ruling Group)

  • राजतंत्र (Monarchy) – यदि शासन की संपूर्ण शक्ति किसी एकमात्र व्यक्ति के हाथों में केंद्रित हो, तो ऐसी शासन व्यवस्था को राजतंत्र कहा जाता है।
  • अल्पतंत्र (Oligarchy) – यदि राजनीतिक सत्ता एक संकीर्ण समूह के हाथों में निहित हो, तो इसे अल्पतंत्र की संज्ञा दी जाती है।
  • लोकतंत्र (Democracy) – जब शासन की शक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जनता के हाथों में निहित होती है, तो ऐसी प्रणाली लोकतंत्र कहलाती है।

शासन की वैधता के स्रोत के आधार पर (Depending on the Source of the Rule’s Legitimacy)

  • धर्मतंत्र (Theocracy) – यदि शासन की वैधता किसी पवित्र ग्रंथ या धार्मिक सिद्धांतों पर आधारित हो, तो ऐसी प्रणाली को धर्मतंत्र कहा जाता है।
  • कुलीनतंत्र/अभिजनतंत्र (Aristocracy) – यदि सामाजिक परंपराओं के आधार पर विशिष्ट उच्च वर्ग शासन की संपूर्ण शक्ति को नियंत्रित कर ले, तो इसे कुलीनतंत्र कहा जाता है।
  • लोकतंत्र (Democracy) – इसमें शासन की वैधता का स्रोत जनता स्वयं होती है, और वे ही निर्णय लेते हैं कि शासन संचालन किसके द्वारा किया जाएगा।

शासन प्रणाली के संविधान सम्मत होने के आधार पर (Based on the Constitution of the System of Governance)

  • संविधानवाद (Constitutionalism) – जब शासन प्रणाली किसी लिखित संविधान या विधि सम्मत ढांचे पर आधारित हो, तो इसे संविधानवाद कहा जाता है।
  • गैर-संविधानवाद (Non-Constitutionalism) – यदि संविधानिक सिद्धांतों को सर्वोच्च स्थान प्राप्त नहीं होता और किसी व्यक्ति विशेष या राजा को संपूर्ण अधिकार प्राप्त होते हैं, तो ऐसी शासन प्रणाली को गैर-संविधानवाद की श्रेणी में रखा जाता है।

शासन प्रणाली के व्यावहारिक मूल्यांकन के आधार पर (Based on the Practical Evaluation of Governance)

  • भीड़तंत्र (Mobocracy) – जब राजनीतिक शक्ति केवल भावनात्मक प्रभाव से संचालित होती है और तर्कसंगत निर्णयों की अपेक्षा भीड़ के प्रभाव को प्राथमिकता दी जाती है, तो इसे भीड़तंत्र कहा जाता है।
  • औसततंत्र (Mediocracy) – जब शासन की बागडोर योग्य व्यक्तियों के बजाय सामान्य दक्षता वाले व्यक्तियों के हाथों में होती है, तो इसे औसततंत्र कहा जाता है।
  • निरंकुशतंत्र (Autocracy) – यदि कोई एकल शासक समस्त राजनीतिक एवं प्रशासनिक अधिकारों का उपयोग करता है और शासन को अपने इच्छानुसार चलाता है, तो ऐसी शासन प्रणाली को निरंकुशतंत्र कहा जाता है।
  • गुणतंत्र (Meritocracy) – जब शासन व्यवस्था इस आधार पर संचालित होती है कि व्यक्तियों को उनकी योग्यता और क्षमता के अनुरूप सत्ता सौंपनी चाहिए, तो इसे गुणतंत्र कहा जाता है।
  • वृद्धतंत्र (Gerontocracy) – यदि प्रमुख प्रशासनिक पदों पर केवल वृद्ध व्यक्तियों को ही नियुक्त किया जाता है, तो ऐसी शासन प्रणाली को वृद्धतंत्र कहा जाता है।
  • लोकतंत्र शब्द अंग्रेज़ी भाषा के Democracy शब्द का हिंदी रूपांतर है। Democracy शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के Demos एवं Craria शब्दों से हुई है। Demos का तात्पर्य जनता से है, जबकि Craria का अर्थ शासन होता है। इस प्रकार, लोकतंत्र का अभिप्राय जनता की शासन प्रणाली से है।
  • सरल शब्दों में, लोकतंत्र शासन की वह प्रणाली है जिसमें शासकों का चयन नागरिकों द्वारा किया जाता है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन द्वारा लोकतंत्र की दी गई परिभाषा वैश्विक स्तर पर सर्वमान्य एवं लोकप्रिय है। उनके अनुसार, “जनता का, जनता के लिए, और जनता द्वारा संचालित शासन ही लोकतंत्र है।
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लोकतंत्र क्या है ?(Democracy)

लोकतंत्र के विभिन्न दृष्टिकोण (Different Views of Democracy)

राजनीतिक लोकतंत्र क्या है?(Political Democracy)

  • राजनीतिक लोकतंत्र शासन की वह प्रणाली है जो राजनीतिक समानता के आदर्श को स्वीकार करती है तथा बहुमत के सिद्धांत पर कार्य करती है।
  • इसमें राज्य के प्रत्येक वयस्क नागरिक, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष, को मतदान का अधिकार प्राप्त होता है।
  • व्यक्ति को शासन की आलोचना करने एवं स्वतंत्र एवं निष्पक्ष प्रेस के माध्यम से अपनी राय व्यक्त करने का संपूर्ण अधिकार होता है।
  • इसके अतिरिक्त, नागरिकों एवं सत्ता के मध्य सामंजस्यपूर्ण संबंध बनाए रखना आवश्यक होता है।

सामाजिक लोकतंत्र क्या है? (Social Democracy)

  • सामाजिक लोकतंत्र का तात्पर्य यह है कि किसी भी व्यक्ति के साथ रंग, जाति, धर्म, नस्ल, या लिंग के आधार पर भेदभाव न किया जाए।
  • इसका प्रमुख उद्देश्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक समानता की स्थापना करना है।
  • लोकतांत्रिक समाज की एक विशिष्ट विशेषता यह है कि यह प्रत्येक नागरिक को आत्मिक गौरव और नैतिक मूल्यों के साथ समान अवसर प्रदान करता है, जिससे वह अपने व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास कर सके।

आर्थिक लोकतंत्र क्या है? (Economic Democracy)

  • आर्थिक लोकतंत्र का अभिप्राय आर्थिक समानता से है, जो किसी भी वास्तविक लोकतांत्रिक शासन प्रणाली का आधार मानी जाती है।
  • यदि किसी नागरिक को भोजन, वस्त्र, और शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उचित साधन उपलब्ध नहीं हैं, तो लोकतंत्र उसके लिए कोई विशेष मायने नहीं रखता
  • इस प्रणाली के अंतर्गत समाज में धन का ऐसा वितरण सुनिश्चित किया जाता है, जिससे अधिकतम संख्या में लोग लाभान्वित हो सकें।
  • इसमें सभी नागरिकों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने एवं शोषण मुक्त व्यवस्था स्थापित करने पर बल दिया जाता है।

नैतिक लोकतंत्र किसे कहते है? (Ethical Democracy)

जैकर्सन के अनुसार, “लोकतांत्रिक शासन प्रणाली इस विश्वास पर आधारित है कि जनता में स्वयं को शासित करने की क्षमता होती है तथा प्रत्येक नागरिक में इतनी योग्यता होती है कि वह अपने प्रतिनिधियों का चयन कर सके, जो समाज के हित में कार्य करें।

नैतिक लोकतंत्र का आधार आध्यात्मिकता एवं उच्च नैतिक मूल्यों पर आधारित होता है।

इसमें समाज से घृणा, स्वार्थ, द्वेष, एवं ईर्ष्या जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों को समाप्त करने पर बल दिया जाता है।

नागरिकों में प्रेम, देशभक्ति, सहयोग, एवं भ्रातृत्व जैसे गुणों का विकास कर नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ किया जाता है।

लोकतंत्र के प्रकार (Types of Democracy)

1. जनता और शासन के संबंध के आधार पर (On the Basis of the Relation of the People and Governance)

  • प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy)प्रत्यक्ष लोकतंत्र वह प्रणाली है जिसमें नागरिक सीधे शासन प्रक्रिया में भाग लेते हैं। आधुनिक काल में स्विट्जरलैंड इस प्रणाली को अपनाने वाला प्रमुख देश है। इसकी राजनीतिक संरचना में ‘पहल’ एवं ‘जनमत संग्रह’ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
    • पहल प्रक्रिया के अंतर्गत, नागरिकों का एक समूह विधेयक का प्रारूप तैयार करता है। यदि 50,000 नागरिक इस प्रस्ताव को सहमति प्रदान कर देते हैं, तो सरकार के लिए इसे दो वर्षों के भीतर राष्ट्रव्यापी मतदान के लिए प्रस्तुत करना अनिवार्य हो जाता है।
    • प्रत्यक्ष लोकतंत्र की एक अन्य विशेषता यह है कि प्रतिनिधियों को उनका कार्यकाल पूरा होने से पहले हटाया जा सकता है। इसके लिए नागरिक प्रस्ताव रख सकते हैं, और यदि यह पारित हो जाता है, तो संबंधित प्रतिनिधि को पद छोड़ना अनिवार्य होता है
  • अप्रत्यक्ष या प्रतिनिधि लोकतंत्र (Indirect or Representative Democracy)प्रतिनिधि लोकतंत्र में नागरिक प्रत्यक्ष रूप से शासन में भाग लेने के बजाय अपने प्रतिनिधियों का निर्वाचन करते हैं। निर्वाचित प्रतिनिधि जनता की ओर से नीतिगत निर्णय लेते हैंअधिकांश देशों में यही प्रणाली प्रचलित है।
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2. विधायिका और कार्यपालिका के संबंधों के आधार पर (Based on the Relationship of Legislature and Executive)

  • संसदीय लोकतंत्र (Parliamentary Democracy)संसदीय लोकतंत्र को उत्तरदायी शासन प्रणाली भी कहा जाता है, क्योंकि इस व्यवस्था में कार्यपालिका अपनी नीतियों और कार्यों के लिए विधायिका के प्रति उत्तरदायी होती है
    • इस प्रणाली में राष्ट्रपति (नाममात्र प्रमुख) एवं प्रधानमंत्री (वास्तविक प्रमुख) के बीच कार्य विभाजन होता है।
    • इसे “वेस्टमिंस्टर मॉडल” या “कैबिनेट सरकार” के नाम से भी जाना जाता है।
  • अध्यक्षीय लोकतंत्र (Presidential Democracy)अध्यक्षीय लोकतंत्र में कार्यपालिका विधायिका के प्रति उत्तरदायी नहीं होती। इस प्रणाली में राष्ट्रपति ही शासन प्रमुख और राज्य प्रमुख दोनों होता है। इसे “राष्ट्रपति सरकार” तथा “निश्चित कार्यकारी व्यवस्था” भी कहा जाता है।

3. केंद्र एवं प्रांतों के आपसी संबंधों के आधार पर (Based on the Relationship between the Center and the Provinces)

  • संघात्मक लोकतंत्र (Federal Democracy)संघात्मक लोकतंत्र में संघीय एवं प्रांतीय सरकारें स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं, तथा संविधान द्वारा उनके अधिकारों का स्पष्ट विभाजन किया जाता है। उदाहरणस्वरूप अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया एवं भारत इस प्रणाली को अपनाते हैं।
  • एकात्मक लोकतंत्र (Unitary Democracy)एकात्मक लोकतंत्र में समस्त प्रशासनिक शक्तियाँ राष्ट्रीय सरकार के अधीन होती हैं। प्रांतीय सरकारें राष्ट्रीय सरकार से शक्तियाँ प्राप्त करती हैं। उदाहरणस्वरूप, ब्रिटेन एवं फ्रांस इस प्रणाली का अनुसरण करते हैं।

4. राजनीतिक दलों की संख्या के आधार पर (Depending on the Number of Political Parties)

  • एकदलीय लोकतंत्र (Unilateral Democracy) – यह दो रूपों में पाया जाता है:
    1. एकदलीय प्रभुत्व प्रणाली – इसमें एक ही दल शासन करता है, तथा अन्य दलों को अधीनस्थ रहना पड़ता है। उदाहरणस्वरूप, साम्यवादी देशों में केवल कम्युनिस्ट पार्टी को मान्यता प्राप्त होती है
    2. प्रभावी एकदलीय प्रणाली – इसमें कई राजनीतिक दल होते हैं, लेकिन व्यवहारिक रूप से एक ही दल सत्ता में बना रहता है, जैसा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के शुरुआती दशकों में भारत में कांग्रेस पार्टी का प्रभुत्व था
  • द्विदलीय लोकतंत्र (Two-Party Democracy) – इस प्रणाली में मुख्य रूप से दो राजनीतिक दलों का प्रभुत्व रहता है। अन्य दल भी होते हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक भूमिका सीमित होती है। उदाहरणस्वरूप, अमेरिका में रिपब्लिकन एवं डेमोक्रेटिक पार्टी तथा ब्रिटेन में लेबर एवं कंजरवेटिव पार्टी प्रमुख हैं
  • बहुदलीय लोकतंत्र (Multiparty Democracy) – इस प्रणाली में दो से अधिक राजनीतिक दल सत्ता प्राप्ति के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। इसमें कई दल गठबंधन सरकार का हिस्सा बन सकते हैं। उदाहरणस्वरूप, भारत, नार्वे एवं इटली में बहुदलीय व्यवस्था प्रचलित है

5. विचारधारा के आधार पर (Based on Ideology)

  • उदार लोकतंत्र (Liberal Democracy) – इस प्रणाली में नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सर्वोपरि माना जाता है। इसमें विश्वास किया जाता है कि हर नागरिक विवेकशील होता है तथा अपने सर्वोत्तम हित में निर्णय लेने में सक्षम होता है। उदाहरणस्वरूप, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन एवं जर्मनी इस प्रणाली का पालन करते हैं।
  • समाजवादी लोकतंत्र (Socialist Democracy) – इस प्रणाली में व्यक्तिगत हितों के स्थान पर सामुदायिक हितों को प्राथमिकता दी जाती है। इसका उद्देश्य सामाजिक एवं आर्थिक न्याय सुनिश्चित करना होता है। यह प्रणाली हिंसा के बजाय लोकतांत्रिक उपायों द्वारा समानता स्थापित करने का प्रयास करती है। इसके अंतर्गत:
    • प्रगतिशील कर प्रणाली
    • निःशुल्क स्वास्थ्य एवं शिक्षा
    • सकारात्मक कार्यवाही (Affirmative Action) जैसी नीतियाँ अपनाई जाती हैं।
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6. लोकतांत्रिक मूल्य (Democratic Values)

  • व्यक्तिगत स्वतंत्रता
  • व्यक्तित्व का सम्मान
  • समानता
  • न्याय
  • तर्कशीलता
  • विधि का शासन

7. लोकतंत्र की विशेषताएँ (Features of Democracy)

  • स्वतंत्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका की उपस्थिति रहती है
  • नागरिकों की इच्छा सर्वोपरि होती है
  • सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार लागू होता है
  • स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निर्वाचन सुनिश्चित किया जाता है
  • नागरिकों द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि शासन का संचालन करते हैं
  • सरकार उत्तरदायी होती है
  • संविधान द्वारा सीमित एवं नियंत्रित शासन प्रणाली होती है

FAQS

लोकतंत्र क्या है? (Democracy)

लोकतंत्र एक ऐसी शासन प्रणाली है जिसमें जनता की भागीदारी सर्वोपरि होती है। इसमें नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अधिकार प्राप्त होता है, और सरकार जनमत के आधार पर कार्य करती है।

लोकतंत्र के विभिन्न दृष्टिकोण (Different Views of Democracy)

लोकतंत्र को विभिन्न दृष्टिकोणों से देखा जाता है:
राजनीतिक लोकतंत्र (Political Democracy)
सामाजिक लोकतंत्र (Social Democracy)
आर्थिक लोकतंत्र (Economic Democracy)
नैतिक लोकतंत्र (Ethical Democracy)

राजनीतिक लोकतंत्र क्या है? (Political Democracy)

राजनीतिक लोकतंत्र शासन की वह प्रणाली है जो राजनीतिक समानता के आदर्श को स्वीकार करती है और बहुमत के सिद्धांत पर कार्य करती है। इसमें नागरिकों को मतदान, स्वतंत्र प्रेस, और शासन की आलोचना का अधिकार मिलता है।

सामाजिक लोकतंत्र क्या है? (Social Democracy)

सामाजिक लोकतंत्र का तात्पर्य समाज में रंग, जाति, धर्म, नस्ल, या लिंग के आधार पर भेदभाव न करने से है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान करना और समाज में समानता स्थापित करना है

आर्थिक लोकतंत्र क्या है? (Economic Democracy)

आर्थिक लोकतंत्र का अर्थ समाज में आर्थिक समानता स्थापित करना है। इसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि नागरिकों को भोजन, वस्त्र, शिक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएं प्राप्त हों और धन का समान वितरण हो।

नैतिक लोकतंत्र क्या है? (Ethical Democracy)

नैतिक लोकतंत्र आध्यात्मिकता और उच्च नैतिक मूल्यों पर आधारित होता है। इसमें नागरिकों में प्रेम, सहयोग, देशभक्ति, और भ्रातृत्व जैसे गुणों का विकास किया जाता है।

लोकतंत्र कितने प्रकार के होते हैं? (Types of Democracy)

लोकतंत्र को विभिन्न आधारों पर विभाजित किया जाता है:
जनता और शासन के संबंध के आधार पर प्रत्यक्ष लोकतंत्र (Direct Democracy)
अप्रत्यक्ष लोकतंत्र (Indirect Democracy)
विधायिका और कार्यपालिका के संबंधों के आधार पर संसदीय लोकतंत्र (Parliamentary Democracy)
अध्यक्षीय लोकतंत्र (Presidential Democracy)
केंद्र एवं प्रांतों के संबंध के आधार पर संघात्मक लोकतंत्र (Federal Democracy)
एकात्मक लोकतंत्र (Unitary Democracy)
राजनीतिक दलों की संख्या के आधार पर एकदलीय लोकतंत्र (Unilateral Democracy)
द्विदलीय लोकतंत्र (Two-Party Democracy)
बहुदलीय लोकतंत्र (Multiparty Democracy)
विचारधारा के आधार पर उदार लोकतंत्र (Liberal Democracy)
समाजवादी लोकतंत्र (Socialist Democracy)

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