Aarthik Smiksha 2024-25 Free Mock Test – Part 7
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Aarthik Smiksha 2024-25 Free Mock Test – Part 7
Exam Summary
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Detailed Solutions
अटल भू-जल योजना की अवधि क्या है –
(ब) 2020-2025 Explanation: 2020-2025 व्याख्या : अटल भू-जल योजनाएक विश्व बैंक सहायता प्राप्त केंद्रीय क्षेत्रीय योजना है। उद्देश्य: ग्राम पंचायत स्तर पर भू-जल प्रबंधन को बढ़ावा देकर और समुदाय में जल उपयोग के लिए व्यवहार परिवर्तन के माध्यम से भू-जल स्तर में गिरावट को रोकना । अवधि:-अप्रैल 2020 से मार्च 2025 राजस्थान के 17 जिलें शामिल हैं।
राजस्थान में बागवानी निदेशालय की स्थापना कब हुई थी –
(अ) 1989-90 Explanation: 1989-90 व्याख्या : 1989-90 में बागवानी निदेशालय की स्थापना की गई। केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान बीकानेर में है।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) राजस्थान के कितने जिलों में संचालित है –
(ब) 31 Explanation: 31 व्याख्या : राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) राज्य के 31 जिलों में संचालित है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) की शुरुआत कब हुई थी –
(ब) 2007-08 Explanation: 2007-08 व्याख्या : राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) शुरुआत:- 2007-08 उद्देश्य: कृषि क्षेत्र के लिए योजनाओं को अधिक व्यापक रूप से तैयार करना। राष्ट्रीय बागवानी मिशन से वंचित जिलों में। केंद्र (60) : राज्य (40)
खजूर के लिए उत्कृष्टता केंद्र कहां स्थापित किया गया है –
(अ) डयोडावास (टोंक) Explanation: सागरा भोजका (जैसलमेर) व्याख्या : खजूर – सागरा भोजका (जैसलमेर) अनार – बस्सी (जयपुर) सीताफल – चित्तौडगढ़ फूल – सवाई माधोपुर Juicy (Citrus) fruit – नांता (कोटा) अमरूद – डयोडावास (टोंक) आम – धौलपुर संतरा – झालावाड़
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) न्यूट्रिसीरियल मिशन की शुरुआत कब हुई थी –
(अ) 2007-08 Explanation: 2018-19 व्याख्या : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) 2007-08 से गेहूं एवं दलहन पर शुरू। केंद्र (60) : राज्य (40) NFSM न्यूट्रिसीरियल मिशन 2018-19 से शुरू। NFSM तिलहन और टीबीओ ट्री बोर्न ऑयलसीड्स (TBO):- जैतून, महुआ, नीम, जोजोबा, करंज एवं जट्रोफा।
राष्ट्रीय टिकाऊ खेती मिशन में निम्नलिखित में से कौन सी योजना शामिल नहीं है –
(अ) राष्ट्रीय सूक्ष्म सिंचाई मिशन Explanation: राष्ट्रीय बागवानी मिशन व्याख्या : मिशन में निम्न योजनाओं का विलय किया गया है – राष्ट्रीय सूक्ष्म सिंचाई मिशन राष्ट्रीय जैविक खेती परियोजना राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता प्रबन्ध परियोजना वर्षा आधारित क्षेत्र विकास कार्यक्रम जलवायु परिवर्तन। केंद्र : राज्य (60:40)
परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) का मुख्य उद्देश्य क्या है –
(ब) जैविक खेती को बढ़ावा देना Explanation: जैविक खेती को बढ़ावा देना व्याख्या : परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) का मुख्य उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं तकनीकी मिशन के अंतर्गत कितने उप-मिशन शामिल हैं –
(अ) 2 Explanation: 3 व्याख्या : राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं तकनीकी मिशन उद्देश्य: कृषि विस्तार का पुनर्गठन एवं सशक्तिकरण करना। जिससे किसानों को उचित तकनीक एवं कृषि विज्ञान की अच्छी पद्धतियों का हस्तांतरण किया जा सके। केंद्र : राज्य (60:40) इस मिशन के अन्तर्गत तीन उप-मिशन शामिल – (1) कृषि विस्तार पर उप मिशन (2) बीज एवं रोपण सामग्री पर उप मिशन (3) कृषि यंत्रीकरण पर उप मिशन
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (PM-FME) की अवधि क्या है –
(ब) 2020-21 से 2025-26 Explanation: 2020-21 से 2025-26 व्याख्या : प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (PM-FME): (PM-Formalization of Microfood processing Enterprises.) आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत। 2020-21 से 2025-26 के लिए। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा शुरू। केंद्र प्रायोजित योजना। (60:40) उद्देश्य: देश में असंगठित खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का उन्नयन करना। नोडल एजेंसी:- राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड। एक जिला एक उत्पाद (ODOP) दृष्टिकोण पर काम करेगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना या विस्तार के लिए व्यक्तिगत श्रेणी के आवेदकों को 35% की दर से अधिकतम ₹10 लाख तक के अनुदान का प्रावधान है।
कृषक उपहार योजना कब शुरू की गई थी –
(अ) 1 जनवरी 2022 Explanation: 1 जनवरी 2022 व्याख्या : ई-नाम के माध्यम से अपनी उपज बेचने वाले सभी व्यक्तियों को कवर करने के लिए ई-नाम पोर्टल पर 1 जनवरी 2022 से यह योजना शुरू की गई है। ₹10 हजार (या इसके गुणक) की बिक्री पर एक कूपन जारी किया जाता है।
राजस्थान में सहकारी उपभोक्ता संरचना के तहत शीर्ष संस्था का नाम क्या है –
(ब) राजस्थान सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉनफेड) Explanation: राजस्थान सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉनफेड) व्याख्या : उपभोक्ताओं को कालाबाजारी और बाजार में वस्तुओं की कृत्रिम कमी से बचाने के लिए जिला स्तर पर 38 सहकारी उपभोक्ता थोक भण्डार तथा शीर्ष संस्था के रूप में राजस्थान सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉनफेड) कार्यरत हैं।
20वीं पशुधन गणना 2019 के अनुसार, राजस्थान में कुल पशुधन की संख्या कितनी है –
(अ) 146.23 लाख Explanation: 568.01 लाख व्याख्या : 20वीं पशुधन गणना 2019: राज्य में कुल 568.01 लाख पशुधन एवं 146.23 लाख कुक्कुट (Poultry) है। देश के कुल पशुधन का 10.60% पशुधन राजस्थान में है। यहां देश का 84.43% ऊंट, 14% बकरी, 12.47% भैंस, 10.64% भेड एवं 7.24% गौवंश उपलब्ध है।
राजस्थान देश में किस पशु के मामले में प्रथम स्थान पर है –
(ब) बकरी, ऊंट और गधा Explanation: बकरी, ऊंट और गधा व्याख्या : राजस्थान बकरी, ऊंट और गधों के मामले में देश में प्रथम स्थान पर है।
1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स (MVU) की शुरुआत कब हुई थी –
(ब) 24 फरवरी 2024 Explanation: 24 फरवरी 2024 व्याख्या : किसानों के घर पर ही पशु चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने हेतु 24 फरवरी 2024 को शुरू की गई ।
राज सरस सुरक्षा कवच बीमा योजना के तहत मृत्यु या पूर्ण स्थायी अपंगता पर कितनी राशि प्रदान की जाती है –
(अ) ₹2.5 लाख Explanation: ₹5 लाख व्याख्या : राज सरस सुरक्षा कवच बीमा योजना (8th चरण) 1 फरवरी 2024 दुग्ध उत्पादकों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना। मृत्यु एवं पूर्ण स्थायी अपंगता पर ₹5 लाख। आंशिक स्थायी अपंगता पर ₹2.5 लाख मिलेंगे।
मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत दुग्ध उत्पादकों को प्रति लीटर कितना बोनस दिया जाता है –
(ब) ₹5 Explanation: ₹5 व्याख्या : Rajasthan Cooperative Dairy Federation (RCDF) को दूध सप्लाई करने वाले दुग्ध उत्पादकों को इस योजना के तहत ₹5 प्रति लीटर बोनस दिया जा रहा है।
नंदीशाला जनसहभागिता योजना का उद्देश्य क्या है –
(ब) आवारा नर पशुओं की समस्या का समाधान Explanation: आवारा नर पशुओं की समस्या का समाधान व्याख्या : पंचायत समिति स्तर पर नंदीशालाओं की स्थापना करके आवारा नर पशुओं की समस्या हल करना। सरकार (90) : जनता (10)
राजस्थान में दिसंबर 2024 तक कितना मत्स्य उत्पादन हुआ है –
(ब) 63,107 मैट्रिक टन Explanation: 63,107 मैट्रिक टन व्याख्या : राजस्थान जल संसाधनों की उपलब्धता के मामले में देश में 10वें स्थान पर है, जो मत्स्य उत्पादन में आगे बढ़ने की व्यापक संभावनाओं को दर्शाता है। राज्य में दिसंबर 2024 तक 63,107 मैट्रिक टन मत्स्य उत्पादन हुआ हैं।
महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना के तहत विवाह सहायता के लिए कितनी राशि प्रदान की जाती है –
(अ) ₹20,000 Explanation: ₹50,000 व्याख्या : महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना (2015): उद्देश्य : कृषि उपज मंडियों में कार्यरत श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारना। प्रसूति सहायता : 45 दिवस का मातृत्व अवकाश, 15 दिन का पितृत्व अवकाश दिया जाएगा। इस दौरान अकुशल श्रमिक के लिए निर्धारित प्रचलित मजदूरी दर से भुगतान किया जाएगा। विवाह के लिए सहायता : लाइसेंसधारी महिलाओं को उनकी स्वयं की शादी और दो बेटियों की शादी के लिए ₹50,000 की सहायता। चिकित्सा सहायता : लाइसेंसधारी हम्माल को गंभीर बीमारी होने पर अधिकतम ₹20,000 की सहायता। छात्रवृत्ति/मेरिट पुरस्कार : लाइसेंसधारी श्रमिकों के पुत्र/पुत्री को 60% या अधिक अंक प्राप्त करने पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।
लघु और सीमांत वृद्ध किसानों के लिए सम्मान पेंशन के तहत महिला किसानों की आयु सीमा क्या है –
(ब) 55 वर्ष या अधिक Explanation: 55 वर्ष या अधिक व्याख्या : लघु और सीमांत वृद्ध किसानों के लिए सम्मान पेंशन महिला किसान (55 वर्ष या अधिक) पुरुष किसान (58 वर्ष या अधिक) दोनों को प्रतिमाह ₹1,150 की पेंशन।
2024-25 में उद्योग क्षेत्र का राजस्थान के सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में योगदान प्रचलित मूल्य पर कितना है –
(ब) 27.16% Explanation: 27.16% व्याख्या : उद्योग क्षेत्र का सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में योगदान 2024-25: 1. स्थिर कीमतों पर (आधार वर्ष 2011-12): ₹2.33 लाख करोड़ (4.22% वृद्धि) 2. प्रचलित कीमतों पर: ₹4.26 लाख करोड़ (9.17% वृद्धि) उद्योग क्षेत्र का योगदान प्रचलित मूल्य पर 27.16%
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का आधार वर्ष क्या है –
(ब) 2011-12 Explanation: 2011-12 व्याख्या : औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) एक निश्चित अवधि के दौरान चयनित आधार वर्ष पर औद्योगिक उत्पादों की उत्पादन मात्रा में अल्पकालिक परिवर्तनों को मापता है। प्रतिमाह जारी किया जाता है। आधार वर्ष: 2011-12 जारीकर्ता: केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (CSO) 3 आधार: विनिर्माण, खनन, विद्युत
उद्योग क्षेत्र में प्रचलित कीमतों पर विनिर्माण उप-क्षेत्र का योगदान कितना है –
(अ) 10.35% Explanation: 42.62% व्याख्या : उप-क्षेत्र प्रचलित कीमतों पर योगदान स्थिर कीमतों (2011-12) पर वृद्धि दर विनिर्माण 42.62% 4.68% निर्माण 34.88% 8.60% खनन-उत्खनन 12.15% 3.59% विद्युत, गैस, जलापूर्ति व अन्य 10.35% 5.51%
भारत में आठ मुख्य उद्योगों में से सबसे अधिक भारांश वाला उद्योग कौन सा है –
(अ) स्टील Explanation: रिफाइनरी उत्पाद व्याख्या : भारांश के घटते क्रम में – 1. रिफाइनरी उत्पाद 2. विद्युत 3. स्टील 4. कोयला 5. कच्चा तेल 6. प्राकृतिक गैस 7. सीमेंट 8. उवर्रक
