धारा 165 BNS VS धारा 137 IPC: वाणिज्यिक पोत के मास्टर की उपेक्षा से छिपकर यात्रा करना

सजा (Punishment)

जुर्माना (Fine)

संज्ञेय (Cognizable)

असंज्ञेय (Non-Cognizable)

जमानतीय (Bailable)

जमानती (Bailable)

समझौता योग्य (Compoundable

गैर-शमनीय (Non-Compoundable)

विचारणीय न्यायालय (Court)

कोई भी मजिस्ट्रेट

IPC (पुराना कानून)

धारा 137

वाणिज्य पोत का मास्टर या भारसाधक… यदि उसकी उपेक्षा से… कोई भी भगोड़ा (Deserter) उस पोत पर छिपा हो… तो वह ₹500 तक जुर्माने से दंडित होगा।

BNS (नया कानून)

धारा 165

वाणिज्य पोत का मास्टर या भारसाधक… यदि उसकी उपेक्षा से… कोई भी भगोड़ा (Deserter) उस पोत पर छिपा हो… तो वह ₹50,000 तक जुर्माने से दंडित होगा।

विशेषज्ञ टिप्पणी (Expert Analysis)

BNS 165 (IPC 137) वाणिज्यिक जहाज (Merchant Ship) के कप्तान पर लागू होती है। यदि कप्तान की लापरवाही से कोई सेना से भागा हुआ भगोड़ा जहाज में छिपकर देश से बाहर भागने की कोशिश करे, तो कप्तान पर जुर्माना लगाया जाता है। BNS में जुर्माने की राशि ₹500 से बढ़ाकर ₹50,000 कर दी गई है।

तुलना

अपराध की प्रकृति समान है, लेकिन जहाज के कप्तान पर जुर्माने की रकम 100 गुना बढ़ा दी गई है।

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