राजस्थान में ऊर्जा विकास 2026 – Solar, Nuclear, Thermal, Wind Power Puri Jankari

[परीक्षा उपयोगी | RPSC RAS | SI | Rajasthan GK | जून 2026] इस लेख में राजस्थान के सम्पूर्ण ऊर्जा क्षेत्र का नवीनतम और विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
Table of Contents

1. प्रस्तावना (Introduction)

ऊर्जा, किसी भी राज्य या राष्ट्र के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है। आधुनिक युग में विद्युत संसाधनों का विकास न केवल औद्योगिक प्रगति के लिए, बल्कि कृषि, आधारभूत संरचना और सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए एक अनिवार्य शर्त है।

राजस्थान, जो अपनी विषम भौगोलिक परिस्थितियों और मरुस्थलीय भू-भाग के लिए जाना जाता है, ने पिछले कुछ दशकों में ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। पश्चिमी राजस्थान के भू-गर्भ में छिपे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार तथा थार के मरुस्थल में उपलब्ध उच्च सौर विकिरण क्षमता ने राजस्थान को:

  • ‘पावर डेफिसिट’ (ऊर्जा कमी) वाले राज्य से
  • ‘पावर सरप्लस’ (ऊर्जा अधिशेष) वाले राज्य में

बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

💡 June 2026 Update: राजस्थान की कुल स्थापित विद्युत क्षमता ~60 GW को पार कर चुकी है। सौर ऊर्जा में राजस्थान भारत में प्रथम स्थान पर है। राज्य अब न केवल ऊर्जा आत्मनिर्भर है, बल्कि अन्य राज्यों को बिजली निर्यात भी कर रहा है।


2. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

वर्षमहत्वपूर्ण तथ्य
1947-49विद्युतीकृत शहर/गांव: मात्र 42
1947-49कुल स्थापित क्षमता: मात्र 13.27 MW
1 जुलाई 1957RSEB (राजस्थान राज्य विद्युत बोर्ड) का गठन
19 जुलाई 2000RSEB भंग → 5 अलग कंपनियों में पुनर्गठन
2011सौर नीति — भारत का पहला राज्य
2019सौर क्षमता में देश में प्रथम स्थान
मार्च 2026कुल स्थापित क्षमता ~60 GW

3. विद्युत क्षेत्र का संस्थागत ढांचा एवं सुधार

विद्युत क्षेत्र सुधार अधिनियम, 1999 के तहत 19 जुलाई 2000 को RSEB को भंग करके पाँच विशिष्ट कंपनियों में पुनर्गठित किया गया।

19 जुलाई 2000 को गठित पाँच कंपनियाँ:

कंपनीसंक्षिप्त नाममुख्यालयकार्य
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेडRVUNLजयपुरविद्युत उत्पादन (Generation)
राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेडRVPNLजयपुरउच्च वोल्टेज पारेषण (Transmission)
जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेडJVVNLजयपुरजयपुर क्षेत्र में वितरण
अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेडAVVNLअजमेरमध्य राजस्थान वितरण
जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेडJdVVNLजोधपुरपश्चिमी राजस्थान वितरण

राजस्थान विद्युत नियामक आयोग (RERC)

विवरणजानकारी
स्थापना2 जनवरी 2000
मुख्यालयजयपुर
प्रमुख कार्यटैरिफ निर्धारण, लाइसेंस, उपभोक्ता संरक्षण

निजी क्षेत्र की भागीदारी: भरतपुर, बीकानेर और कोटा में Franchise Model के तहत निजी वितरण कंपनियाँ कार्यरत हैं (KEDL — कोटा)।

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राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (RUVNL): वर्ष 2015 में स्थापित। यह तीनों Discoms की ओर से बिजली खरीद-बिक्री (Power Trading) का कार्य करती है।

राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा निगम लिमिटेड (RRECL): नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं एवं ग्रीन हाइड्रोजन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत।


4. ऊर्जा परिदृश्य — नवीनतम आँकड़े (June 2026)

🔴 सबसे अद्यतन डेटा — MNRE, CEA और आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार

विवरणआंकड़ा (जून 2026)
कुल स्थापित क्षमता (मार्च 2026)~60,000 MW (~60 GW)
नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता (FY 2026)~46.6 GW
सौर ऊर्जा क्षमता (मई 2026)42.17 GW — भारत में प्रथम
पवन ऊर्जा क्षमता~5,200 MW (5.2 GW)
उपभोक्ता संख्या200 लाख+ (नए कनेक्शन जारी)
ग्रामीण विद्युतीकरणशत-प्रतिशत
राज्य की भारत कुल सौर में हिस्सेदारी~27% (भारत कुल: 157 GW, मई 2026)

ऊर्जा स्रोतों की भागीदारी (जून 2026):

स्रोतहिस्सेदारीनोट
सौर ऊर्जा (Solar)~50%+कुल capacity का सबसे बड़ा हिस्सा
तापीय ऊर्जा (Thermal)~30-35%Coal + Lignite + Gas
पवन ऊर्जा (Wind)~8-9%5.2 GW
परमाणु + हाइड्रोशेषRAPP 1880 MW (Unit 7 जुड़ा)

⚡ ऐतिहासिक बदलाव: FY2022 में नवीकरणीय क्षमता ~17 GW थी, जो FY2026 में 46+ GW हो गई — महज 4 वर्षों में 270% से अधिक वृद्धि।


5. ऊर्जा संसाधनों का वर्गीकरण

ऊर्जा संसाधन
├── परंपरागत (Conventional) — अनवीकरणीय
│ ├── कोयला / लिग्नाइट
│ ├── पेट्रोलियम / गैस
│ ├── परमाणु ऊर्जा
│ └── जल विद्युत (बड़े बांध)

└── गैर-परंपरागत (Non-Conventional) — नवीकरणीय
├── सौर ऊर्जा ⭐ (42 GW — देश में प्रथम)
├── पवन ऊर्जा (5.2 GW)
├── बायोमास / बायोगैस
├── ग्रीन हाइड्रोजन ⭐ (नया उभरता क्षेत्र)
└── BESS — Battery Energy Storage (नई तकनीक)

🔑 महत्वपूर्ण तथ्य (June 2026):

  • सर्वाधिक उत्पादन: अब सौर ऊर्जा — क्षमता में thermal को पीछे छोड़ दिया
  • सर्वाधिक संभावना: सौर ऊर्जा — 142 GW+ (MNRE)
  • भविष्य का स्तंभ: ग्रीन हाइड्रोजन — 2030 तक 2000 KTPA लक्ष्य

6. परंपरागत ऊर्जा स्रोत — विस्तृत विश्लेषण

(A) तापीय ऊर्जा (Thermal Power)

लिग्नाइट की समस्या:

  • कार्बन प्रतिशत: 30-35% (कम)
  • सल्फर मात्रा: अधिक
  • ज्वलन क्षमता (Calorific Value): कम
  • समाधान: बड़े सुपर क्रिटिकल प्लांट बाहरी राज्यों (छत्तीसगढ़, ओडिशा) के बिटुमिनस कोयले पर निर्भर
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(i) सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर प्लांट (SSTPS)

विवरणजानकारी
स्थितिठुकराना गाँव, सूरतगढ़ (जिला: श्रीगंगानगर)
उपनाम“राजस्थान का आधुनिक विकास तीर्थ”
विशेषताराजस्थान का पहला सुपर थर्मल पावर प्लांट
चरण 1-4250 MW × 6 = 1500 MW
सुपर क्रिटिकल (7वीं-8वीं इकाई)660 MW × 2 = 1320 MW
कुल क्षमता2820 मेगावाट (राज्य का सबसे बड़ा थर्मल केंद्र)

(ii) कोटा सुपर थर्मल पावर प्लांट (KSTPS)

विवरणजानकारी
स्थितिकोटा बैराज के पास (चंबल नदी किनारे)
विशेषताराज्य का दूसरा सबसे बड़ा थर्मल प्लांट
कुल क्षमता1240 MW

(iii) छाबड़ा थर्मल पावर प्लांट (CTPP)

विवरणजानकारी
स्थितिमोतीपुरा चौकी, छाबड़ा (जिला: बारां)
विशेषताराजस्थान का प्रथम सुपर क्रिटिकल तकनीक आधारित प्लांट
चरण 1250 MW × 4 = 1000 MW
चरण 2 (सुपर क्रिटिकल)660 MW × 2 = 1320 MW
कुल क्षमता2320 MW

💡 सुपर क्रिटिकल तकनीक: कम ईंधन में अधिक बिजली + कम प्रदूषण


(iv) कालीसिंध थर्मल पावर स्टेशन

विवरणजानकारी
स्थितिझालावाड़
क्षमता1200 MW (600 MW × 2)

(v) अन्य प्रमुख लिग्नाइट-आधारित संयंत्र:

संयंत्रस्थानविशेषताक्षमता
गिरल लिग्नाइट पावर प्लांटबाड़मेरप्रथम लिग्नाइट गैसीकरण तकनीक, जर्मनी सहयोग250 MW
बरसिंगसर थर्मल पावरबीकानेरNLC (केंद्र सरकार) संचालित
JSW बाड़मेर (भादरेश)बाड़मेरनिजी क्षेत्र1080 MW
कवाई पावर प्लांटबारांअडानी समूह1320 MW

(B) गैस आधारित विद्युत परियोजनाएं

संयंत्रस्थानविशेषताक्षमता
रामगढ़ गैस थर्मल पावरजैसलमेरराजस्थान का प्रथम गैस-आधारित संयंत्र~273.5 MW
धौलपुर CCPSधौलपुरनेफ्था + गैस दोनों पर330 MW (110×3)
अंताबारांNTPC (केंद्र सरकार)

(C) परमाणु ऊर्जा — राजस्थान अणु शक्ति परियोजना (RAPP) ⚛️

🔴 June 2026 Latest Update: RAPP यूनिट 7 अब पूरी तरह चालू (Operational) है!

विवरणजानकारी
स्थितिरावतभाटा, चित्तौड़गढ़ (चंबल नदी किनारे)
स्थापना1973 — कनाडा के सहयोग से
भारत में स्थानभारत का दूसरा परमाणु संयंत्र (तारापुर, महाराष्ट्र के बाद)
तकनीकPHWR (Pressurised Heavy Water Reactor) — भारत में प्रथम

RAPP इकाइयों की वर्तमान स्थिति (जून 2026):

इकाईक्षमतास्थिति
यूनिट 1100 MWकार्यरत
यूनिट 2200 MWकार्यरत
यूनिट 3-6220 × 4 MWकार्यरत
यूनिट 7700 MW✅ पूर्ण चालू — 10 फरवरी 2026 को 700 MW पर Rated Power
यूनिट 8700 MW🔄 Commissioning चरण में (2026 में चालू अपेक्षित)
कुल (7 इकाइयाँ)~1880 MW

📌 परीक्षा महत्वपूर्ण: यूनिट 7 सितंबर 2024 में पहली बार Critical हुई, मार्च 2025 में Grid से जुड़ी और 10 फरवरी 2026 को पूर्ण 700 MW क्षमता पर आई। यूनिट 8 2026 के अंत तक चालू होने की उम्मीद है।

बांसवाड़ा (माही) परियोजना:

  • स्थान: नापला/दानपुर क्षेत्र, बांसवाड़ा
  • राजस्थान का दूसरा प्रस्तावित परमाणु संयंत्र
  • प्रस्तावित क्षमता: 700 MW × 4 = 2800 MW
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(D) जल विद्युत (Hydro-Electric Power)

परियोजनाभागीदारीक्षमता
राणा प्रताप सागर बांध (चित्तौड़गढ़)राजस्थान + मध्यप्रदेश (50:50)172 MW
जवाहर सागर बांध (कोटा)राजस्थान + मध्यप्रदेश99 MW
माही बजाज सागरराजस्थान + गुजरात140 MW (100% राजस्थान को)
भाखड़ा नांगलबहु-राज्यीयनिश्चित हिस्सेदारी
व्यास परियोजनाबहु-राज्यीयनिश्चित हिस्सेदारी

7. गैर-परंपरागत / नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत

(A) सौर ऊर्जा — सूर्य नगरी की शक्ति ☀️

राजस्थान को सौर ऊर्जा के लिए क्यों सर्वश्रेष्ठ माना जाता है?

कारकविवरण
धूप के दिनवर्ष में 325+ दिन
सौर विकिरण6-7 kWh/m²/day — देश में सर्वाधिक
सौर क्षमता (Potential)142 GW+ (MNRE के अनुसार)
स्थापित क्षमता (मई 2026)42.17 GW — भारत में प्रथम
भारत की कुल सौर में हिस्सा~27% (India total: 157 GW)
वर्तमान रैंकिंगभारत में #1 (कर्नाटक, तेलंगाना को पीछे छोड़ा)

नीतिगत प्रयास:

  • 2011: सौर नीति घोषित करने वाला भारत का पहला राज्य
  • राजस्थान सौर ऊर्जा नीति-2019: लागू
  • राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा नीति-2023: लागू
  • राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 (ICEP-2024): 2029-30 तक 125 GW का लक्ष्य

प्रमुख सौर पार्क:

सौर पार्कजिलाविशेषताक्षमता
भादला सोलर पार्कजोधपुरविश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क, 5700 हेक्टेयर, 4 चरण2245 MW
भादला (NTPC Green Energy)जोधपुर2026 में नई 300+125 MW क्षमता जोड़ी425 MW (नई)
नोख सोलर पार्कजैसलमेरRVUNL द्वारा925 MW
फतेहगढ़ सोलर पार्कजैसलमेरनिजी परियोजना
फलोदी-पोकरणजैसलमेर-जोधपुर

🔴 June 2026 Update — भादला BESS: RSDCL (Rajasthan Solarpark Development Company Ltd.) ने भादला पार्क में Battery Energy Storage System (BESS) स्थापित करने के लिए EOI जारी किया है। यह 680 MW की grid connectivity को रात्रि में उपयोग करेगा, जिससे सोलर एनर्जी का भंडारण और 24×7 आपूर्ति संभव होगी।

परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य:

तथ्यविवरण
SEEZSolar Energy Enterprising Zone — जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर
प्रथम सौर संयंत्रमथानिया (जोधपुर)
प्रथम सौर फ्रिजबालेसर (जोधपुर)
निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा प्रोजेक्टखींवसर (नागौर)
अमेज़न का निवेशएम्प एनर्जी के साथ 420 MW के 3 सौर फार्म

प्रमुख सौर योजनाएं:

  • PM-KUSUM योजना: किसानों को सोलर पंप + बंजर भूमि पर सौर संयंत्र। राजस्थान क्रियान्वयन में प्रथम।
  • रूफटॉप सोलर: घरों की छतों पर सब्सिडी सहित सोलर पैनल।
  • PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana (2024): रूफटॉप सोलर से 300 यूनिट/माह मुफ्त बिजली का लक्ष्य।

(B) पवन ऊर्जा (Wind Energy) 💨

विवरणजानकारी
प्रथम पवन ऊर्जा नीति18 जुलाई 2012
नवीनतम नीतिराजस्थान विंड एंड हाइब्रिड एनर्जी पॉलिसी-2019
पवन क्षमता (100 मीटर पर)~18,770 MW (NIWE)
स्थापित क्षमता (जून 2026)~5,200 MW (5.2 GW)
देश में स्थानशीर्ष 5 राज्यों में

प्रमुख पवन ऊर्जा संयंत्र:

संयंत्रजिलाविशेषता
अमर सागरजैसलमेरराज्य का प्रथम पवन ऊर्जा संयंत्र (1999)
देवगढ़प्रतापगढ़प्रमुख केंद्र
सोढ़ा बंधनजैसलमेरनिजी क्षेत्र
बड़ा बागजैसलमेरविस्तृत पवन चक्की क्षेत्र

(C) बायोमास और बायोगैस (Biomass & Biogas) 🌱

विवरणजानकारी
कच्चा मालविलायती बबूल, चावल की भूसी, सरसों की तूड़ी, जूली फ्लोरा
कार्यरत संयंत्र13 से अधिक
प्रमुख केंद्रगंगानगर (पदमपुर), हनुमानगढ़, कोटा
प्रथम बायोमास संयंत्रपदमपुर (श्रीगंगानगर)
बायोगैस अग्रणी जिलेउदयपुर और जयपुर

8. उभरती ऊर्जा तकनीकें — June 2026

(A) ग्रीन हाइड्रोजन (Green Hydrogen) 🟢 — भविष्य का ईंधन

राजस्थान ने ग्रीन हाइड्रोजन को ऊर्जा क्षेत्र के अगले महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में अपनाया है।

विवरणजानकारी
नीतिराजस्थान ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2023
उत्पादन लक्ष्य (2030)2000 KTPA (किलो-टन प्रति वर्ष)
नोडल एजेंसीRRECL (राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा निगम)
इंफ्रास्ट्रक्चरGreen Hydrogen Parks, Hubs, Clusters, Valleys
Electrolyzer Giga-factoryकम से कम एक Giga-factory स्थापित करने का लक्ष्य

प्रमुख प्रोत्साहन:

  • Wheeling & Transmission charges में 100% छूट
  • Banking charges में 7-10 वर्ष तक छूट
  • RIPS-2024 के तहत Thrust Sector का दर्जा
  • Fertilizer, Refinery उद्योगों को Green H₂ Supply के लिए “Green Hydrogen Valley”

(B) बैटरी ऊर्जा भंडारण (Battery Energy Storage System — BESS)

सौर और पवन ऊर्जा की एक बड़ी समस्या है — intermittency (रात को सौर नहीं, हवा न चले तो पवन नहीं)। BESS इस समस्या का समाधान है।

विवरणजानकारी
भादला BESS प्रोजेक्ट680 MW की grid capacity का रात्रि उपयोग
उद्देश्यदिन की अतिरिक्त सौर ऊर्जा को रात भंडारित करना
वर्तमान स्थितिEOI (Expression of Interest) जारी — 2026
महत्व24×7 हरित ऊर्जा आपूर्ति संभव होगी

💡 BESS क्यों जरूरी? राजस्थान में 42 GW सौर क्षमता है, लेकिन रात में उत्पादन शून्य है। BESS से रात को भी Solar energy मिलेगी।


(C) एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 (ICEP-2024) — Master Plan

यह राजस्थान की सबसे महत्वाकांक्षी ऊर्जा नीति है।

लक्ष्यविवरण
कुल नवीकरणीय लक्ष्य125 GW तक 2029-30
सौर ऊर्जा लक्ष्य90 GW
पवन + हाइब्रिड लक्ष्य25 GW
हाइड्रो + BESS लक्ष्य10 GW
राष्ट्रीय लक्ष्य योगदानभारत के 500 GW लक्ष्य में सहयोग
Green Energy Citiesजिला मुख्यालयों को “हरित ऊर्जा शहर” बनाना

9. ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर (Green Energy Corridor)

विवरणजानकारी
रूटजैसलमेर → बाड़मेर → जोधपुर
उद्देश्यसौर-पवन ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ना
महत्वTransmission losses कम करना, ऊर्जा निर्यात बढ़ाना

10. सामाजिक कल्याण से जुड़ी ऊर्जा योजनाएं

योजनाविवरणअद्यतन
मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजनाघरेलू उपभोक्ता: 150 यूनिट/माह मुफ्त(2025-26 Green Budget में 100→150 यूनिट किया)
किसानों के लिए2000 यूनिट/वर्ष तक मुफ्त
PM Surya GharRooftop Solar — 300 यूनिट/माह मुफ्त2024 में लॉन्च
सौभाग्य योजनाशत-प्रतिशत ग्रामीण विद्युतीकरण✅ पूर्ण
DDUGJYकृषि और घरेलू फीडर अलग✅ पूर्ण
PM-KUSUMकिसानों को सोलर पंप + भूमि किराया आयराजस्थान प्रथम
Vibrant Village Programme-II184 सीमावर्ती गांवों में On-Grid Electrificationनया 2025-26

11. निष्कर्ष (Conclusion)

निष्कर्षतः, राजस्थान ने ऊर्जा के क्षेत्र में जो यात्रा 1947 में 13.27 मेगावाट से शुरू की थी, वह जून 2026 में ~60,000 मेगावाट (~60 GW) तक पहुँच गई है — यह 4,500 गुना से अधिक की वृद्धि है।

राज्य ने अपनी प्राकृतिक चुनौतियों — मरुस्थल और पानी की कमी — को ही अपनी सबसे बड़ी शक्ति — 42 GW सौर ऊर्जा (देश में प्रथम) — में बदल दिया है।

  • ⚡ सूरतगढ़ और छाबड़ा — बेस लोड संभाल रहे हैं
  • ☀️ भादला — विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्क
  • ⚛️ RAPP यूनिट 7 — 10 फरवरी 2026 को पूर्ण चालू
  • 🟢 ग्रीन हाइड्रोजन — अगली ऊर्जा क्रांति की ओर
  • 🔋 BESS — 24×7 हरित ऊर्जा का सपना

🏆 राजस्थान — भारत का ‘Power House of India’

ICEP-2024 के तहत 2029-30 तक 125 GW नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य यह सुनिश्चित करता है कि राजस्थान आने वाले दशक में भारत की ऊर्जा राजधानी बनकर उभरेगा।


📋 Quick Revision — परीक्षा उपयोगी एक नज़र में (June 2026 Updated)

तथ्यउत्तर
RSEB गठन1 जुलाई 1957
RSEB विघटन19 जुलाई 2000
RERC स्थापना2 जनवरी 2000
RUVNL स्थापना2015
कुल स्थापित क्षमता (मार्च 2026)~60 GW
सौर क्षमता (मई 2026)42.17 GW — भारत में #1
पवन क्षमता~5.2 GW
FY2022 से FY2026 RE वृद्धि17 GW → 46 GW (270%+)
राजस्थान का प्रथम सुपर थर्मल प्लांटसूरतगढ़ (SSTPS) — 2820 MW
राज्य का सबसे बड़ा थर्मल प्लांटसूरतगढ़ (2820 MW)
प्रथम सुपर क्रिटिकल तकनीकछाबड़ा (CTPP) — 2320 MW
परमाणु संयंत्रRAPP, रावतभाटा (1973)
RAPP यूनिट 7700 MW — 10 फरवरी 2026 से पूर्ण चालू
RAPP यूनिट 8700 MW — 2026 Commissioning
RAPP कुल क्षमता (7 इकाई)~1880 MW
विश्व का सबसे बड़ा सोलर पार्कभादला, जोधपुर (2245 MW)
भादला नई BESS परियोजना680 MW — EOI 2026
प्रथम सौर नीति वाला राज्यराजस्थान (2011)
ICEP-2024 लक्ष्य125 GW by 2029-30
ग्रीन हाइड्रोजन लक्ष्य2000 KTPA by 2030
PM-KUSUM में प्रथमराजस्थान
प्रथम पवन संयंत्रअमर सागर, जैसलमेर (1999)
प्रथम बायोमास संयंत्रपदमपुर (श्रीगंगानगर)
प्रथम गैस संयंत्ररामगढ़ (जैसलमेर)
प्रथम सौर फ्रिजबालेसर (जोधपुर)
सौर ऊर्जा क्षमता (Potential)142 GW+ (देश में प्रथम)
SEEZ जिलेजैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर
निःशुल्क बिजली (घरेलू)150 यूनिट/माह (2025-26 से)
बांसवाड़ा परमाणु प्रस्ताव700 × 4 = 2800 MW (प्रस्तावित)
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